रमेश गोयत
पंचकूला, 11 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और पुलिस कार्रवाई के माध्यम से नशे के कारोबार पर अंकुश लगा सकती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान तभी संभव है जब पूरा समाज मिलकर इसे जन-आंदोलन बनाए।
मुख्यमंत्री शनिवार को पंचकूला में ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत आयोजित ‘नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा विरोधी शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित हरियाणा का सपना तभी साकार होगा, जब प्रदेश का युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह आत्मविश्वास, संस्कार और सामाजिक मूल्यों को कमजोर कर देता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने खेल, शिक्षा, विज्ञान और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, इसलिए उन्हें नशे जैसी बुराई से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नशा बेचने वालों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि समाज में नशे की मांग को भी समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों की संपत्तियां सीज की गई हैं तथा अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर भी कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने के लिए जिला और स्थानीय स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसमें एसडीएम, बीडीपीओ, ग्राम सरपंच और नशा विरोधी अभियान से जुड़े एनजीओ प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि गांव-गांव और वार्ड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संगठनों से स्कूलों, कॉलेजों और खेल मैदानों में युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने तथा उन्हें नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को समाज से अलग करने के बजाय उन्हें पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने केमिस्ट समुदाय की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दवा विक्रेता केवल दवाइयों के व्यापारी नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य के प्रहरी हैं। उन्होंने अपील की कि प्रतिबंधित और संवेदनशील दवाओं की बिक्री में पूरी सतर्कता बरती जाए ताकि उनका दुरुपयोग न हो।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें परिवार से जोड़कर रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज मिलकर एक भी बच्चे को नशे की गिरफ्त में जाने से बचा लेता है तो यह पूरे समाज की जीत होगी।
संवाद कार्यक्रम के दौरान केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था और दवाओं की पूरी सप्लाई चेन पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जनहित में उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को सरकार लागू करेगी।
इस अवसर पर पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, हिसार के मेयर परवीन पोपली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, सामुदायिक पुलिसिंग एवं जनसहभागिता के विशेष अधिकारी पंकज नैन, उपायुक्त सतपाल शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।











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