व्हाट्सएप पर यूके की महिला बनकर रिटायर्ड केंद्रीय अधिकारी को लगाया चूना, फर्जी फार्मा बिजनेस में तीन गुना मुनाफे का दिया था झांसा
दोनों आरोपी 5 दिन के पुलिस रिमांड पर, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद; एक अन्य आरोपी की तलाश जारी
रमेश गोयत
पंचकूला, 12 जुलाई। पंचकूला पुलिस ने 13.10 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में जिम्बाब्वे का एक नागरिक, जो स्टूडेंट वीजा पर भारत आया था, तथा नाइजीरिया का एक नागरिक, जो मेडिकल वीजा पर भारत में रह रहा था, शामिल हैं। दोनों आरोपियों ने व्हाट्सएप पर स्वयं को यूनाइटेड किंगडम (यूके) की महिला बताकर एक सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी अधिकारी को फर्जी फार्मा बिजनेस में निवेश के नाम पर तीन गुना मुनाफे का लालच देकर 13 लाख 10 हजार रुपये की ठगी की।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशानुसार साइबर क्राइम थाना पंचकूला की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
फेसबुक से दोस्ती, व्हाट्सएप पर भरोसा और फिर करोड़ों जैसा मुनाफे का सपना
थाना साइबर क्राइम पंचकूला में 20 फरवरी 2026 को दर्ज मामले के अनुसार, पंचकूला निवासी 63 वर्षीय सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी अधिकारी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2025 में फेसबुक पर एक महिला ने स्वयं को यूके की निवासी बताते हुए संपर्क किया। इसके बाद व्हाट्सएप चैट और कॉल के माध्यम से उसका विश्वास जीता गया।
बाद में महिला ने अपनी कथित रिश्तेदार से परिचय करवाते हुए फार्मा उत्पादों के कारोबार में निवेश करने पर तीन गुना मुनाफा मिलने का दावा किया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि कंपनी स्वयं उत्पाद खरीदकर आगे बेच देगी और निवेशक को भारी लाभ मिलेगा।
दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 13.10 लाख रुपये कराए ट्रांसफर
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों की बातों में आकर शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 13 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। काफी समय बीतने के बाद भी न तो कोई उत्पाद मिला और न ही निवेश का कोई लाभ मिला। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बहादुरगढ़ से दबोचे गए दोनों विदेशी आरोपी
जांच के दौरान साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह तथा जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर जगमीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बहादुरगढ़ में छापेमारी कर जिम्बाब्वे निवासी तापिवा और नाइजीरिया निवासी केनेथ को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए।
फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी ही व्हाट्सएप पर यूके में रहने वाली महिलाओं की फर्जी पहचान बनाकर लोगों से बातचीत करते थे और निवेश के नाम पर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने देशभर में कितने अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है।
दूतावासों को भेजी गई सूचना, तीसरे आरोपी की तलाश
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि नाइजीरिया और जिम्बाब्वे के दूतावासों को ई-मेल के माध्यम से मामले की जानकारी दे दी गई है। पूछताछ के दौरान एक अन्य सह-आरोपी का नाम भी सामने आया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की जाएगी।
पुलिस की अपील
पंचकूला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, फेसबुक या व्हाट्सएप पर किसी भी अनजान व्यक्ति के निवेश, व्यापार या अधिक मुनाफे के प्रलोभन में न आएं। किसी भी बैंक खाते में धनराशि भेजने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें। यदि साइबर धोखाधड़ी का शिकार हों तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।












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