खामनेई विरोधी नारे, रजा पहलवी के समर्थन में रैलियां, अमेरिका ने दी चेतावनी
तेहरान: ईरान में बीते करीब दो सप्ताह से जारी विरोध-प्रदर्शन अब बेहद उग्र और हिंसक रूप ले चुके हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के 50 से अधिक शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें कई जगह सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। प्रदर्शनकारी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
ईरान के एक मानवाधिकार एनजीओ का दावा है कि दिसंबर के अंत में शुरू हुए इस आंदोलन में अब तक कम से कम 45 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को मरने वालों की संख्या में और इजाफा होने की खबर है।
महंगाई और गिरती मुद्रा से भड़का जनाक्रोश
बताया जा रहा है कि विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत देश में तेजी से बढ़ती महंगाई और लगातार गिरती ईरानी मुद्रा के विरोध में हुई थी, लेकिन अब यह आंदोलन पूरे इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन में बदल गया है।
रजा पहलवी की अपील के बाद भड़के प्रदर्शन
गुरुवार देर रात हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, रैलियां निकालीं और सरकार विरोधी नारे लगाए। कई जगह रजा पहलवी के समर्थन में भी नारेबाजी की गई।
इंटरनेट-टेलीफोन सेवाएं बंद
बिगड़ते हालात को देखते हुए ईरानी सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी हैं। इससे लोगों में और ज्यादा नाराजगी देखने को मिल रही है। सरकार ने सुरक्षाबलों को स्थिति नियंत्रित करने के सख्त आदेश दिए हैं।
सुरक्षाबलों पर गोली चलाने का आरोप
राइट्स ग्रुप्स ने आरोप लगाया है कि ईरानी सिक्योरिटी फोर्स ने कई जगह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी की। इसी कार्रवाई में मौतों की संख्या बढ़ने की बात कही जा रही है।
अमेरिका की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के हालात पर अमेरिका की करीबी नजर है। उन्होंने कहा, “हम हर उस व्यक्ति के साथ खड़े हैं जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा है और अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है।”
जेडी वेंस ने यह भी कहा कि ईरानी सरकार कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है और अमेरिका के राष्ट्रपति पहले भी कह चुके हैं कि ईरान के लिए सबसे समझदारी भरा कदम यही होगा कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ वास्तविक बातचीत करे।
हालात बेहद तनावपूर्ण
फिलहाल ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी ईरान में हो रहे इस बड़े आंदोलन पर टिकी हुई हैं।













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