बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
पंचकूला, 1 अगस्त 2026। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के जिला अध्यक्ष ओ.पी. सिहाग ने पंचकूला जिले के मतदाताओं से अपील की है कि वे संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 31 जुलाई 2026 को पंचकूला और कालका विधानसभा क्षेत्रों की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई है।
ओ.पी. सिहाग ने बताया कि 31 जुलाई को जिला उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संशोधित मतदाता सूची और वोट बनवाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। इस दौरान राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रतियां भी उपलब्ध कराई गईं।

सिहाग ने दावा किया कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान पंचकूला विधानसभा क्षेत्र में 65,900 तथा कालका विधानसभा क्षेत्र में 33,700 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनके अनुसार ड्राफ्ट सूची में अब पंचकूला विधानसभा में 1,64,023 और कालका विधानसभा में 1,65,497 मतदाता दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पंचकूला विधानसभा के सेक्टर-19, अभयपुर, औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-14, महेशपुर, आशियाना, हरीपुर, राजीव-इंदिरा कॉलोनी और बुढ़नपुर सहित कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नाम हटे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने केवल आवेदन पत्र जमा किया है लेकिन आवश्यक दस्तावेज नहीं लगाए हैं, उनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में हैं। ऐसे मतदाताओं को चुनाव विभाग की ओर से नोटिस मिलने पर अपने बीएलओ के पास जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ सत्यापन कराना होगा, अन्यथा 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची से उनका नाम हट सकता है।
जेजेपी जिला अध्यक्ष ने बताया कि 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक मतदाता अपने नाम में सुधार, पता परिवर्तन या नया नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा फॉर्म-6 भरकर मतदाता बन सकते हैं, जबकि पता बदलने वाले मतदाता फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन करा सकते हैं।
उन्होंने पंचकूला के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपने संबंधित मतदान केंद्र पर तैनात बीएलओ के पास जाकर अपना और अपने परिवार के सदस्यों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में अवश्य जांच लें। यदि किसी कारणवश नाम हट गया है तो निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन करें।
सिहाग ने बताया कि जिन मतदाताओं के पास वर्ष 2002 से संबंधित मतदाता प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, वे पहचान पत्र, पेंशन दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति/जनजाति प्रमाण पत्र अथवा सरकार द्वारा जारी भूमि या गृह आवंटन संबंधी दस्तावेज सहित अन्य वैध प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को समय रहते अपना नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना चाहिए।













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