September 19, 2026 10:04 pm

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चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ ड्रग्स कंट्रोल विंग की बड़ी कार्रवाई, तीन केमिस्ट दुकानों से दवाएं जब्त

सेक्टर-40, 41 और 23-सी में छापेमारी; प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाएं बरामद, खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं दिखा सके संचालक

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 19 सितंबर। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए केमिस्ट दुकानों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। ड्रग्स कंट्रोल विंग की टीम ने सेक्टर-40, सेक्टर-41 और सेक्टर-23सी में अलग-अलग केमिस्ट दुकानों पर छापेमारी कर प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाओं सहित विभिन्न प्रकार की दवा सामग्री जब्त की है। संबंधित फर्मों के पास जब्त दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह कार्रवाई चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव के मार्गदर्शन तथा स्वास्थ्य सचिव और निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं-कम-ड्रग्स कंट्रोलर के निर्देशन में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए की जा रही है।

सेक्टर-40 की मेडिकल एजेंसी पर देर रात छापा
ड्रग्स इंस्पेक्टर तजिंदर सिंह और ड्रग्स इंस्पेक्टर अमित लखनपाल की संयुक्त टीम ने 16 सितंबर 2026 को रात करीब 10 बजे सेक्टर-40 स्थित एम/एस साईं मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी की।
जांच के दौरान टीम ने पांच प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं। इनमें प्रेगाबालिन साल्ट वाली कुल 820 कैप्सूल शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 13 हजार रुपये है। विभाग ने बताया कि इन दवाओं का दुरुपयोग किए जाने की आशंका को देखते हुए इन्हें जब्त किया गया।
छापेमारी के दौरान फर्म की ओर से इन दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

सेक्टर-41 के मेडिकल स्टोर से ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाएं बरामद
इसके बाद 17 सितंबर 2026 को सेक्टर-41 स्थित एम/एस सूद मेडिकल स्टोर पर संयुक्त निरीक्षण टीम ने कार्रवाई की। यहां से तीन प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं।
इनमें ट्रामाडोल और कोडीन साल्ट वाली दवाएं शामिल थीं। टीम ने कुल 120 कैप्सूल और 35 कफ सिरप जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 27 हजार रुपये बताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन दवाओं के भी दुरुपयोग की आशंका है। जांच के दौरान संबंधित फर्म खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सकी।

सेक्टर-23सी में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ संयुक्त कार्रवाई
इसी अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को रात करीब 10 बजे ड्रग्स कंट्रोल विंग की टीम ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ सेक्टर-23सी स्थित एम/एस राय मेडिकोस पर छापेमारी की।
इस कार्रवाई में पांच प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। इनमें प्रेगाबालिन युक्त दवाओं और कोडीन फॉस्फेट सिरप से संबंधित सामग्री शामिल थी। टीम ने कुल 800 कैप्सूल और तीन कफ सिरप जब्त किए। विभाग के अनुसार जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 26 हजार रुपये है।
इस फर्म की ओर से भी जब्त दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

तीनों फर्मों को जारी होंगे कारण बताओ नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि तीनों मामलों में संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ड्रग्स कंट्रोलर, यूटी चंडीगढ़ की ओर से संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
विभाग के अनुसार जांच और आगे की कार्रवाई के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित दवाओं की खरीद, बिक्री, भंडारण और वितरण से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर प्रशासन की नजर
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ चलाया जा रहा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। केमिस्ट दुकानों पर दवाओं के रिकॉर्ड, बिक्री और वितरण की निगरानी बढ़ाई जा रही है, विशेष रूप से ऐसी दवाओं को लेकर जिनका दुरुपयोग नशे के लिए किए जाने की आशंका रहती है।
प्रशासन का कहना है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस तरह की जांच और छापेमारी भविष्य में भी जारी रहेगी।

कार्रवाई में जब्त प्रमुख सामग्री:
साईं मेडिकल एजेंसी, सेक्टर-40: प्रेगाबालिन युक्त 820 कैप्सूल, करीब ₹13,000
सूद मेडिकल स्टोर, सेक्टर-41: ट्रामाडोल/कोडीन युक्त 120 कैप्सूल और 35 कफ सिरप, करीब ₹27,000
राय मेडिकोस, सेक्टर-23सी: प्रेगाबालिन/कोडीन फॉस्फेट युक्त 800 कैप्सूल और 3 कफ सिरप, करीब ₹26,000
तीनों फर्मों से संबंधित खरीद-बिक्री रिकॉर्ड जांच के दौरान प्रस्तुत नहीं किया गया।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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