रमेश गोयत
चंडीगढ़, 1 अगस्त। हरियाणा सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि प्रदेश में 150 राजकीय विद्यालयों के नए भवन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे। इन भवनों के डिजाइन और निर्माण में देश के अग्रणी राज्यों और प्रतिष्ठित संस्थानों के श्रेष्ठ मॉडल तथा विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर शाम चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
719 उत्कृष्ट विद्यालयों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बैठक में प्रदेश के 719 उत्कृष्ट विद्यालयों—जिनमें संस्कृति मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल तथा पीएम श्री विद्यालय शामिल हैं—के समग्र विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विद्यालयों में आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में नए भवन, अतिरिक्त कक्षाएं, पृथक शौचालय, मजबूत चारदीवारी, खेल मैदान, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल लैब, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, नया फर्नीचर, टैबलेट और अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
एआई आधारित शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, व्यावसायिक शिक्षा और उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी संस्थानों के समान आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि विकसित किए जाने वाले 150 नए विद्यालय और 719 उत्कृष्ट विद्यालय राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों के लिए रोल मॉडल बनेंगे तथा हरियाणा को विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन, स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित और प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी सरकारी विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी यशपाल यादव, माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक जितेंद्र दहिया, निदेशक मनिता मलिक, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक स्वपनिल रविंद्र पाटिल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।













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