August 27, 2026 6:05 am

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12 अगस्त को अविनाश चोपड़ा को दिल्ली में मिलेगा ‘महात्मा गांधी–नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय शांति दूत सम्मान-2026’ :राम मोहन राय

अविनाश चोपड़ा शांति, सद्भाव, राष्ट्रसेवा और निर्भीक पत्रकारिता की उस गौरवशाली परंपरा के प्रेरक : राम मोहन राय

अविनाश चोपड़ा के नेतृत्व में पंजाब केसरी समूह आतंकवाद के दौर में लगातार निर्भीकता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा:राम मोहन राय

लाला जगत नारायण और रमेश चन्द्र के बलिदान से लेकर आज तक निर्भीक पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे अविनाश चोपड़ा

पवन चोपड़ा
चंडीगढ़, 10 अगस्त 2026। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राम मोहन राय ने कहा है कि पंजाब केसरी समूह के संयुक्त संपादक अविनाश चोपड़ा को प्रदान किया जाने वाला ‘महात्मा गांधी–नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय शांति दूत सम्मान-2026’ किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि शांति, सद्भाव, राष्ट्रसेवा और निर्भीक पत्रकारिता की उस गौरवशाली परंपरा का सम्मान है, जिसे चोपड़ा परिवार ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कायम रखा।
राम मोहन राय ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार से आने वाले पद्म श्री विजय चोपड़ा के ज्येष्ठ पुत्र और अमर शहीद लाला जगत नारायण के पौत्र अविनाश चोपड़ा ने पंजाब केसरी की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए पत्रकारिता को जनसेवा और समाज को जोड़ने का माध्यम बनाया है।

आतंकवाद के सबसे कठिन दौर में भी नहीं झुका पंजाब केसरी

राम मोहन राय ने कहा कि पंजाब के इतिहास में आतंकवाद का दौर सबसे भयावह और चुनौतीपूर्ण समय रहा है। उस दौर में जब भय का वातावरण था और सच बोलना आसान नहीं था, पंजाब केसरी समूह ने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता का रास्ता नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा कि इस परिवार ने देश और समाज के लिए दो महान बलिदान—अमर शहीद लाला जगत नारायण और अमर शहीद रमेश चन्द्र के रूप में दिए। इसके बावजूद अखबार की पत्रकारिता और संचालन में भय को हावी नहीं होने दिया गया।
राम मोहन राय के अनुसार, पद्म श्री विजय चोपड़ा के मार्गदर्शन और अविनाश चोपड़ा के नेतृत्व में पंजाब केसरी समूह लगातार निर्भीकता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा। यही कारण है कि पंजाब केसरी की पहचान केवल एक समाचार पत्र समूह के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और जनहित की आवाज के रूप में बनी।

चार दशक में रिश्तों को परिवार की तरह निभाया

राम मोहन राय ने कहा कि अविनाश चोपड़ा की सबसे बड़ी ताकत उनका व्यक्तित्व और लोगों से जुड़ने की क्षमता है। पंजाब केसरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने के बाद करीब चार दशकों में पत्रकार, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोग और आम नागरिक उनके संपर्क में आए।
उन्होंने कहा कि अविनाश चोपड़ा ने संपर्कों को केवल पेशेवर रिश्तों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आत्मीय संबंधों में बदला। यही कारण है कि वर्षों पहले संपर्क में आए लोग आज भी उनके साथ जुड़े हुए हैं।

राजनीति पर गहरी पकड़, समाज के हर वर्ग में सम्मान

राम मोहन राय ने कहा कि उत्तर भारत की राजनीति पर अविनाश चोपड़ा की गहरी पकड़ है। राजनीतिक घटनाक्रमों की समझ के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और विचारधाराओं के लोगों के साथ संवाद बनाए रखना उनकी विशेषता रही है।
उनका मधुर भाषी, शालीन और व्यवहार-कुशल व्यक्तित्व उन्हें अलग पहचान देता है। दुख हो या सुख, जरूरतमंद के साथ खड़े होना और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय रहना उनके व्यक्तित्व की महत्वपूर्ण विशेषता है।

मेवात से राजघाट तक शांति का संदेश
‘आगाज़-ए-दोस्ती अमन यात्रा-2026’ का शुभारंभ 12 अगस्त को नूंह के घसीड़ा गांव से होगा। वर्ष 1947 में महात्मा गांधी ने इसी मेवात क्षेत्र की धरती से सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारे और शांति का संदेश दिया था।
घसीड़ा से शुरू होकर यात्रा नई दिल्ली के राजघाट पहुंचेगी, जहां महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय में विशेष सभा आयोजित होगी।
इसी कार्यक्रम में पंजाब केसरी समूह के संयुक्त संपादक अविनाश चोपड़ा को ‘महात्मा गांधी–नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय शांति दूत सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा। उनके चयन को शांति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति योगदान की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
सम्मान के पीछे गांधी और मंडेला की विचारधारा
राम मोहन राय ने कहा कि गांधी और नेल्सन मंडेला दोनों ने हिंसा और विभाजन के स्थान पर संवाद, अहिंसा, न्याय और मेल-मिलाप का रास्ता चुना। ऐसे में उनके नाम से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मान का अविनाश चोपड़ा को मिलना विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि अविनाश चोपड़ा इस सम्मान को अपने परिवार के उन महान सदस्यों और स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित करेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

11 राज्यों के करीब 50 प्रतिनिधि होंगे शामिल

पांच दिवसीय अमन यात्रा में करीब 11 राज्यों से 50 प्रतिनिधि शामिल होंगे। यात्रा दिल्ली के बाद हरियाणा और पंजाब के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों से होते हुए अमृतसर, खटकड़ कलां और हुसैनीवाला पहुंचेगी। जलियांवाला बाग, श्री हरमंदिर साहिब तथा शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से जुड़े स्थलों पर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
राम मोहन राय ने कहा कि घसीड़ा से राजघाट और हुसैनीवाला तक की यात्रा केवल रास्ते की यात्रा नहीं, बल्कि शांति, सद्भाव, राष्ट्रभक्ति और इंसानियत की विचारयात्रा है।
उन्होंने कहा कि अविनाश चोपड़ा को मिलने वाला सम्मान उस पत्रकारिता को भी सलाम है, जिसने आतंकवाद के दौर में अपने दो महान सपूतों का बलिदान दिया, लेकिन कलम को डरने नहीं दिया और आज भी उसी निर्भीक परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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