August 27, 2026 6:04 am

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चंडीगढ़ आज की मुख्य खबरें – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 का किया विमोचन…….

मेक इन इंडिया— मेक इन हरियाणा को केंद्र बिंदु मान बनी है एमएसएमई पॉलिसी

उद्योगों को प्रोत्साहन के लिए एमएसएमई निदेशालय का गठन

ग्रीन इंवेस्टमेंट फंड से पर्यावरण सरंक्षण को मिलेगा बढ़ावा

अब उद्योग केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रदेश के हर जिले और हर क्षेत्र की बनेंगे पहचान: मुख्यमंत्री

एमएसएमई पॉलिसी लाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

चंडीगढ़, 10 अगस्त । हरियाणा के विकास के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल में हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के उद्यमियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष  हरविंद्र कल्याण, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  राव नरबीर सिंह सहित जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एमएसएमई, निर्यातक, वित्तीय संस्थानों एवं उद्योग संघों के प्रतिनिधि तथा हरियाणा और पड़ोसी राज्यों से आए उद्यमी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अपनी विकास यात्रा के सातवें दशक में प्रवेश कर रहा है। यह अवसर प्रदेश की छह दशकों की विकास यात्रा को याद करने के साथ-साथ भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने उद्यमशीलता के बल पर देश की अग्रणी विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान बनाई है और अब प्रदेश को औद्योगिक विकास के अगले चरण की ओर ले जाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक ताकत वहां के उद्यमियों से बनती है, जो अपने सपनों को उद्योग, परिश्रम को उत्पादन और साहस को रोजगार में बदलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उद्यमियों को ऐसा वातावरण मिले, जहां उन्हें अपने व्यवसाय को स्थापित करने, विस्तार देने और आगे बढ़ाने के लिए विश्वास और बेहतर अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नीति के माध्यम से उद्यमियों के लिए वित्त, औद्योगिक अवसंरचना, तकनीक, निर्यात, कौशल और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा औद्योगिक एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जहां नवाचार को प्रोत्साहन मिले, नए उद्यम स्थापित हों और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो।

उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि उद्योग केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश के हर जिले और हर क्षेत्र की पहचान बनें। अवसरों का लाभ प्रदेश के अंतिम उद्यमी तक पहुंचे और स्थानीय प्रतिभा एवं संसाधनों को विकास की नई शक्ति में बदला जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, रोजगार और विश्वास की राजधानी बने, यही सरकार का संकल्प है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश का कोई भी युवा अवसरों के लिए बाहर जाने की आवश्यकता महसूस नहीं करेगा, बल्कि गर्व से कहेगा कि अवसर भी हरियाणा में हैं और भविष्य भी हरियाणा में है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह नई नीति ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन हरियाणा’ को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एमएसएमई निदेशालय का गठन किया गया है। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को भी नीति में प्राथमिकता दी है। ग्रीन इंवेस्टमेंट फंड के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल निवेश और हरित तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। नई नीति से उद्योगों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं और नए उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश के प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नीति दस्तावेज एवं कॉफी टेबल बुक का अनावरण भी किया । इस मौके पर उन्होंने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों के एमएसएमई द्वारा विकसित उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और सफलता की कहानियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।

हरियाणा में उद्योग एवं उद्यमिता की अपार संभावनाएं: कल्याण

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष  हरविंद्र कल्याण ने कहा कि एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण और मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हरियाणा में उद्योग एवं उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। दिल्ली के तीन ओर से हरियाणा की सीमा लगती है और प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं, ऐसे में निवेश की दृष्टि से हरियाणा एक महत्वपूर्ण प्रदेश है।

उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य नए निवेशकों और उद्यमियों को आगे बढऩे के लिए उचित अवसर एवं मार्ग उपलब्ध करवाना है। साथ ही, पहले से स्थापित उद्योगों को भी विस्तार करने और अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्यमी निवेश करते हैं, मेहनत करते हैं और जोखिम उठाते हैं, जिससे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

अर्थव्यवस्था में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका: राव नरबीर

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने कहा कि दुनिया के जितने भी विकसित राष्ट्र हैं, उनकी अर्थव्यवस्था में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र भी आर्थिक विकास की गति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे ऐसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करें जिनकी देश-विदेश के बाजारों में मांग और पहचान बने। हरियाणा में निर्मित उत्पाद अपनी गुणवत्ता के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बनाएं, इसके लिए उद्योग जगत को निरंतर नवाचार और गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। उद्योगों में उत्पादन और पैकेजिंग के दौरान पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने उद्यमियों से आग्रह किया कि वे ऐसी पैकेजिंग सामग्री विकसित करने पर जोर दें जो आसानी से नष्ट हो सके और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में हरियाणा ने उद्योग क्षेत्र में भी अपनी विशेष पहचान बनाई है- डॉ अमित अग्रवाल

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने स्वागत संबोधन में कहा कि हरियाणा सरकार एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में हरियाणा ने उद्योग क्षेत्र में भी अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई एमएसएमई नीति प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में लघु एवं मध्यम निदेशालय हरियाणा के महानिदेशक यश गर्ग ने एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026 के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उपलब्धियोंं पर प्रकाश डाला।

हरियाणा की नई उड़ान: 15 लाख एमएसएमई बनेंगे आर्थिक विकास के नए इंजन

मुख्यमंत्री ने उद्यम विस्तार, रोजगार और निर्यात को हरियाणा के अगले विकास चरण के केंद्र में रखा

पांच वर्षीय रोडमैप का लक्ष्य 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का विनिर्माण निवेश, पांच लाख नए रोजगार और 2031 तक निर्यात को दोगुना करना

संस्थागत सहयोग मजबूत करने के लिए समर्पित एमएसएमई निदेशालय की स्थापना

चंडीगढ़। – हरियाणा के सातवें दशक में प्रवेश के साथ मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने राज्य के 15 लाख एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को आर्थिक विकास के अगले चरण का प्रमुख आधार बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने इसके लिए हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत पांच वर्ष का रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल में हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 नीति को लॉन्च किया। इसका लक्ष्य 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का विनिर्माण निवेश आकर्षित करना, 5 लाख से अधिक नए रोजगार पैदा करना और वर्ष 2031 तक हरियाणा के निर्यात को दोगुना करना है।

नीति में वित्त, औद्योगिक ढांचा, तकनीक, नवाचार, निर्यात, स्थिरता और कौशल विकास सहित 60 महत्वपूर्ण पहल शामिल की गई हैं। सरकार का जोर केवल नए उद्योग लगाने पर नहीं, बल्कि पहले से चल रहे उद्योगों को बढ़ाने, आधुनिक बनाने और देश-विदेश के बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी है।

एमएसएमई के लिए बनेगा अलग निदेशालय:

नीति के तहत समर्पित एमएसएमई निदेशालय स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के विशाल एमएसएमई क्षेत्र को एक जगह से संस्थागत सहायता देना और उद्योगों के विकास के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यह निदेशालय निवेश, नई तकनीक अपनाने, वित्त तक पहुंच, बुनियादी ढांचे और बाजार उपलब्ध कराने में एमएसएमई की मदद करेगा।

नए उद्योगों के साथ पुराने उद्योगों के विस्तार पर जोर:

नई नीति का फोकस केवल नए उद्योग शुरू कराने तक सीमित नहीं है। मौजूदा उद्योगों के विस्तार, आधुनिकीकरण और मूल्य श्रृंखला में ऊपर उठने के लिए भी सहायता दी जाएगी। हरियाणा उद्यम विकास मिशन के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एमएसएमई को पूंजी निवेश सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन सहायता, बीमा सहायता तथा परीक्षण, स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। वित्त तक पहुंच आसान बनाने और बिना जमानत ऋण को बढ़ावा देने के लिए राज्य वेंचर कैपिटल फंड और सेक्टोरल क्रेडिट गारंटी फंड भी प्रस्तावित किए गए हैं।

2031 तक निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य:

हरियाणा के सातवें दशक में प्रवेश के साथ शुरू किया गया यह 60 पहलों वाला पांच वर्षीय रोडमैप राज्य में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्योगों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का विनिर्माण निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार और 2031 तक निर्यात को दोगुना करना है। इसके माध्यम से हरियाणा को एक मजबूत विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने तथा विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में राज्य की भूमिका को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

मजबूत औद्योगिक ढांचा और आसान कारोबार:

नीति के तहत बड़े क्लस्टर, प्लग एंड प्ले औद्योगिक एस्टेट और कॉमन फैसिलिटी सेंटर विकसित किए जाएंगे। सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा ताकि उद्योग लगाने में लगने वाला समय, लागत और सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता कम हो। इसके साथ एमएसएमई राइट टू बिजनेस फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया को और सरल बनाना है।

हरियाणा के उद्योगों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के लिए स्वचालन, इंडस्ट्री 4.0, एआई, उन्नत विनिर्माण, गुणवत्ता प्रमाणन तथा अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए नए उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित की जाएगी। भारत सरकार के आरएएमपी कार्यक्रम के साथ भी बेहतर समन्वय किया जाएगा।

स्थानीय बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा हरियाणा का एमएसएमई:

नई नीति का एक बड़ा लक्ष्य हरियाणा के एमएसएमई को स्थानीय बाजार से निकालकर वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ना है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन, निर्यात ऋण और बीमा, माल ढुलाई सहायता, ई-कॉमर्स पंजीकरण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी के लिए सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री प्रथम निर्यातक प्रोत्साहन योजना के तहत पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों को उनके पहले अंतरराष्ट्रीय खरीदार को सुरक्षित करने की लागत में सहायता दी जाएगी।

हरियाणा निर्यात केंद्र निर्यात दस्तावेजीकरण, नियमों के पालन, लॉजिस्टिक्स, बाजार की जानकारी और विदेशी खरीदारों से संपर्क के लिए एकल मंच के रूप में काम करेगा। वहीं उड़ान द्वार के माध्यम से निर्यात के लिए कारोबारी संपर्क, तकनीकी साझेदारी, अंतरराष्ट्रीय संयुक्त उपक्रम और निवेशकों से जुड़ने की प्रक्रिया आसान की जाएगी। रिवर्स बायर-सेलर मीट, अंतरराष्ट्रीय रोड शो, डिजिटल एमएसएमई पवेलियन और विक्रेता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हरियाणा के उद्यमों को घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ा जाएगा।

एआई आधारित ‘हरियाणा उद्योग साथी’ लॉन्च:

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने उद्योगों को सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए एआई आधारित बहुभाषी ‘हरियाणा उद्योग साथी’ भी लॉन्च किया है।

इस माध्यम से उद्यमी प्रोत्साहनों, पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी आवाज या टेक्स्ट के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म हिंदी, अंग्रेजी, हिंग्लिश, हरियाणवी और पंजाबी में सहायता देगा। ‘हरियाणा उद्योग साथी’ के दायरे में हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 तथा हरियाणा कृषि-व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 भी शामिल हैं।

हरित और समावेशी विकास पर विशेष जोर:

हरियाणा के अगले औद्योगिक चरण में हरित और समावेशी विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। नीति के तहत स्वच्छ उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, संसाधन दक्षता और चक्रिय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम लगाने में सहायता देने का प्रावधान है। साथ ही एक समर्पित ग्रीन इन्वेस्टमेंट फंड भी प्रस्तावित किया गया है।

महिलाओं, अनुसूचित जातियों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर उद्यमियों, पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और पहली पीढ़ी के उद्यमियों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जाएंगी। कौशल विकास, रोजगार सृजन और संतुलित क्षेत्रीय औद्योगिक विकास के लिए भी विभिन्न कदम उठाए जाएंगे।

धर्म और विकास दोनों को साथ लेकर चल रही है प्रदेश सरकार : नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्थानेश्वर महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को पूजा-अर्चना की

प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की प्रार्थना

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार धर्म और विकास दोनों को साथ लेकर चल रही है। कुरुक्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर विश्व स्तर पर ले जाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं।सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। आज दूसरे सोमवार को बाबा का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की है कि हरियाणा में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सावन माह के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर आज स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र में पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और बेलपत्र, धतूरा, फूल अर्पित कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंदिर कमेटी और श्रद्धालुओं ने उनका फूल-मालाओं व पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। मंदिर को फूलों और लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था। चारों ओर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। पूजा के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंदिर में आए श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्थानेश्वर महादेव कुरुक्षेत्र की आस्था का केंद्र हैं। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने यहीं शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी। उन्होंने कहा कि सावन में कावड़ यात्रा और जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे सावन के पवित्र महीने में पर्यावरण का ध्यान रखें, प्लास्टिक का प्रयोग न करें और मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखें।

इस मौके पर स्थानेश्वर महादेव मंदिर के महंत बाबा बंसीपुरी जी महाराज, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधायक जगमोहन आनंद के आवास पर पहुंचकर नवजात पोती को दिया आशीर्वाद

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को करनाल प्रवास के दौरान विधायक जगमोहन आनंद के आवास पर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और उनके परिवार को नवजात पोती के जन्म पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नवजात बच्ची को आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक भगवानदास कबीरपंथी, मेयर रेणु बाला गुप्ता, सहित परिवार के सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने ‘हर घर तिरंगा’ और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लगाई गई प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

खेल राज्य मंत्री ने नागरिकों से 9 से 17 अगस्त तक घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर तिरंगा फहराने का किया आह्वान

‘वंदे मातरम्’ भारत की राष्ट्रीय चेतना, देशभक्ति और गौरव का अमर गीत : गौरव गौतम

चंडीगढ़।  हरियाणा के खेल राज्यमंत्री  गौरव गौतम ने सोमवार को भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पलवल में जिला सचिवालय के भूतल पर लगाई गई प्रदर्शनी का रिबन काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेकर आमजन को हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इन प्रदर्शनियों का अवलोकन करें और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और वंदे मातरम् के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

खेल राज्य मंत्री  गौरव गौतम ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस अभियान में बढ़-चढक़र भाग लें और आगामी 17 अगस्त तक अपने घरों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा कि तिरंगे के प्रति सम्मान हमारी राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को दर्शाता है। प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को तिरंगे के महत्व, उसके गौरव और देश के लिए दिए गए बलिदानों की जानकारी भी दी जा रही है।

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की राष्ट्रीय चेतना, देशभक्ति और गौरव का अमर गीत है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और उत्सव का अवसर है। इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में राष्ट्र प्रेम और एकता की भावना को मजबूत किया। आज भी ‘वंदे मातरम्’ के स्वर हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।

कौशल के साथ आगे बढ़ें, अवसरों का लाभ उठाएं युवा : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

हिसार के बरवाला स्थित आईटीआई बरवाला में छात्र संवाद कार्यक्रम में सवालों के दिए जवाब

बोले: पेपर लीक मामले में सरकार गंभीर, कठोर नियम बनाएं, अब भारी जुर्माना व 10 साल कारावास का किया है प्रावधान

चंडीगढ़ । हरियाणा के जनस्वास्थ्य आभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री  रणबीर गंगवा ने कहा कि आधुनिक दौर में केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के पास आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल होना भी जरूरी है। आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री  रणबीर गंगवा सोमवार को हिसार के बरवाला स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों पर संवाद करते हुए उनके सवालों का मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव, सुझाव और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाएं कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखीं। इस अवसर पर आईटीआई में पौधारोपण भी किया गया।

कैबिनेट मंत्री ने संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में छात्र व छात्राओं को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए हर 20 कि.मी. के दायरे में राजकीय कॉलेजों का निर्माण करवाया गया है। शिक्षण संस्थानों में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए सरकार द्वारा कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। सरकार द्वारा उद्योग एवं नए स्टार्टअप के लिए बिना गारंटी लोन देने की योजना लागू की गई है।

पेपर लीक के एक सवाल का जवाब देते हुए केबिनेट मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामले पर गंभीरता दिखाते हुए कठोर नियम बनाए है। पेपर लीक में शामिल व्यक्तियों पर भारी जुर्माना व 10 साल सजा का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने कहा कि आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण मिले और उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हों। सरकार द्वारा आईटीआई पास छात्रों के लिए अप्रेंटीशिप जैसी योजना चला रखी है जिसके तहत उन्हें प्रति माह 9600 रूपए दिए जाते है।

उन्होंने बताया कि हिसार एयरपोर्ट के पास आईएमसी का निर्माण किया जा रहा है, यहां न केवल आईटीआई पास छात्रो को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे बल्कि रूचि लेने वाले छात्र अपना खुद का उद्योग स्थापित कर क्षेत्र को विकसित करने में सहयोग देगें।

इस अवसर पर चेयरमैन  प्रवीन सैनी, पूर्व चेयरमैन  सतबीर वर्मा,  रणधीर सिंह धीरू, एसडीएम  अश्वीर नैन, आईटीआई प्रिंसिपल  सुमित सचदेवा सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

हरियाणा में शुरू होगी डिजिटल उर्वरक बिक्री प्रणाली

सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता, आपूर्ति योजना होगी बेहतर

पायलट प्रोजेक्ट के लिए महेंद्रगढ़ और कैथल का चयन

चंडीगढ़ । हरियाणा सरकार ने राज्य में सब्सिडी वाले उर्वरकों की डिजिटल बुकिंग और पारदर्शी वितरण व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए महेंद्रगढ़ और कैथल जिलों का पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयन किया है। इस व्यवस्था के तहत किसान डिजिटल माध्यम से उर्वरकों की अग्रिम बुकिंग कर सकेंगे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत बिक्री केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इन दो जिलों में पायलट के सफल परीक्षण के बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में लागू करने पर विचार किया जाएगा।

यह निर्णय  मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर उपलब्ध किसानों की खेती संबंधी जानकारी को किसान रजिस्ट्री से जोड़ने की प्रस्तावित व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।

प्रस्तावित उर्वरक बिक्री व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी उर्वरक सम्बन्धी आवश्यकता की अग्रिम जानकारी डिजिटल प्लेटफार्म पर देनी होगी। इसके माध्यम से किसान अपनी पसंद का अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्र भी चुन सकेंगे। बुकिंग स्वीकृत होने के बाद उन्हें क्यूआर कोड या टोकन के माध्यम से संबंधित बिक्री केंद्र से उर्वरक प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को पहले से उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी और सरकार को उर्वरक की मांग का अग्रिम आकलन कर आपूर्ति की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  विजयेंद्र कुमार ने बताया कि उर्वरकों की आवश्यकता का आकलन किसान द्वारा घोषित फसल और खेती के क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा। किसान निर्धारित मानकों के अनुसार अनुशंसित मात्रा अथवा उससे कम मात्रा के लिए आवेदन कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अथवा ओटीपी के माध्यम से प्रमाणीकरण की सुविधा होगी। किसान मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर, सहकारी समितियों, अधिकृत विक्रेताओं, विभागीय उप-डिपो और कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से सत्यापित किसानों की जानकारी को किसान रजिस्ट्री में स्थानांतरित करने के प्रस्तावित तंत्र की भी समीक्षा की गई। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसान अधिसूचित फसल सीजन में पंजीकरण के दौरान उनके द्वारा की जा रही खेती की भूमि का विवरण दर्ज करेंगे और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े पोर्टल पर संबंधित भूमि का चयन करेंगे।

सत्यापन के बाद किसान की खेती संबंधी जानकारी सुरक्षित डिजिटल माध्यम से किसान रजिस्ट्री को उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें किसान का विवरण, भूमि का विवरण, फसल सीजन, स्वामित्व संबंधी जानकारी और जहां आवश्यक हो, सहमति की स्थिति शामिल होगी। पंजीकरण पूरा होने के बाद पात्र किसान के लिए विशिष्ट किसान पहचान नम्बर जारी किया जाएगा और उसे संबंधित खेती के रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। खेती की स्थिति में बदलाव होने पर इसे प्रत्येक फसल सीजन के आधार पर अपडेट किया जा सकेगा।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से संबंधित संचालन, सत्यापन, किसान संबंधी जानकारी साझा करने तथा उर्वरक बिक्री से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करेगा। वहीं राजस्व विभाग अद्यतन भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराने, भूमि स्वामित्व के सत्यापन तथा भूमि संबंधी विवादों के समाधान में सहयोग करेगा।

बैठक में कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, संयुक्त निदेशक श्री ओ.पी. गोदारा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पेनांग के उपमुख्यमंत्री से की मुलाकात, एआई, निवेश और कौशल विकास में सहयोग पर चर्चा*

*मुख्यमंत्री ने मलेशियाई निवेशकों को हरियाणा के एआई इकोसिस्टम में निवेश के अवसर तलाशने का दिया निमंत्रण*

*हरियाणा एआई, नवाचार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में पेनांग के साथ साझेदारी के लिए तैयार : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी से सोमवार को हरियाणा निवास में मलेशिया के पेनांग के उपमुख्यमंत्री  जगदीप सिंह देव ने मुलाकात की। इस दौरान हरियाणा और पेनांग के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान पेनांग के उपमुख्यमंत्री  जगदीप सिंह देव ने अपनी सिख और पंजाबी विरासत का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र के साथ अपने विशेष जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को सितंबर में पेनांग में एक प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारे के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

Shiv Charan Rana
Author: Shiv Charan Rana

शिवचरण राणा को पत्रकारिता क्षेत्र में 15 साल से ज्यादा का अनुभव है, राणा ने इसकी तेज चैनल इलैक्ट्रोनिक डीजिटल से शुरूआत की, राणा 👉न्यूज 24, नेशन न्यूज, न्यूज फोर स्टेट, लोकहित एक्सप्रेस, अटलहिंदी, etv, मीडिया वैल बींग मुख्य संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके है, राजनीतिक हलचल, सरकारी ताना बाना इनकी खबर की मुख्य विशेषताएं रही हैं ‌

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