August 28, 2026 8:51 am

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चंडीगढ़ में जलभराव पर आर.के. गर्ग ने उठाए सवाल, बोले- ‘सच का सामना और समस्या का समाधान करो, वरना पब्लिसिटी से कुछ नहीं होगा’

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 20 अगस्त। चंडीगढ़ में हर साल तेज बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता आर.के. गर्ग ने प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के बाद जलभराव की तस्वीरें सामने आती हैं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते हैं, जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू होते हैं और कुछ दिन बाद मामला शांत हो जाता है। लेकिन अगली बारिश आते ही वही समस्या दोबारा सामने खड़ी हो जाती है।
आर.के. गर्ग ने कहा कि “सच का सामना और समस्या का समाधान करो, वरना पब्लिसिटी से कुछ नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में भारी बारिश कोई अप्रत्याशित घटना नहीं है। प्रशासन और नगर निगम को पहले से पता होता है कि शहर के किन इलाकों, सड़कों और गलियों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या आती है। इसके बावजूद यदि हर साल वही स्थिति दोहराई जा रही है तो इसके स्थायी समाधान को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

बारिश से पहले तैयारी पर उठाया सवाल
गर्ग ने कहा कि कई स्थानों पर बारिश का पानी कुछ समय तक जमा रहता है, लेकिन करीब दो घंटे में काफी हद तक पानी निकल भी जाता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या हर जगह समस्या केवल ड्रेनेज की क्षमता से जुड़ी है या बारिश से पहले नालियों, ड्रेन और जल निकासी मार्गों की सफाई भी प्रभावी तरीके से नहीं होती।
उन्होंने कहा कि यदि जल निकासी के रास्ते खुले हों, नालियां और ड्रेन साफ हों, सड़क किनारे मिट्टी-कचरा जमा न हो और संवेदनशील स्थानों की पहले से पहचान कर आवश्यक इंतजाम किए जाएं तो भारी बारिश के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हर साल नए टेंडर, लेकिन पुरानी समस्या बरकरार
आर.के. गर्ग ने कहा कि जलभराव की समस्या सामने आने के बाद अक्सर नए टेंडर, वर्क ऑर्डर और निर्माण कार्यों की चर्चा शुरू हो जाती है। कहीं नई ड्रेन बनाने, कहीं पाइप बदलने और कहीं सड़क सुधारने की योजनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि नए काम शुरू करने से पहले पुराने कामों का हिसाब क्यों नहीं लिया जाता? पिछले वर्षों में जलभराव दूर करने के नाम पर कितना पैसा खर्च किया गया, किन स्थानों पर काम कराया गया और उन कार्यों के बावजूद उन्हीं जगहों पर दोबारा जलभराव क्यों होता है—इन सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नए टेंडर से पहले पुराने कार्यों की समीक्षा होनी चाहिए। यह देखा जाना चाहिए कि काम की गुणवत्ता की जांच किसने की, काम पूरा होने के बाद जलभराव की समस्या कितनी कम हुई और यदि समस्या बरकरार रही तो जिम्मेदारी किस अधिकारी या एजेंसी की तय की गई।
प्रत्येक जलभराव वाले स्थान का तकनीकी ऑडिट हो
गर्ग ने मांग की कि शहर के सभी प्रमुख जलभराव वाले स्थानों का वैज्ञानिक और तकनीकी ऑडिट कराया जाए। इसमें यह पता लगाया जाए कि किसी स्थान पर पानी क्यों जमा होता है, वहां पानी की निकासी में कितना समय लगता है, ड्रेनेज की क्षमता कितनी है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए किस स्तर पर सुधार की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बारिश से पहले प्रमुख ड्रेन, नालियों, रोड-गलियों और जल निकासी मार्गों की सफाई की केवल कागजी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। सफाई वास्तव में हुई है या नहीं, इसकी मौके पर जांच और निगरानी होनी चाहिए।

‘हर समस्या का समाधान नया टेंडर नहीं’
आर.के. गर्ग ने कहा कि प्रशासन को यह समझना होगा कि हर समस्या का समाधान नया टेंडर नहीं होता। कई बार बेहतर निगरानी, समय पर सफाई, नियमित रखरखाव और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने से भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान एक योजनाबद्ध शहर के रूप में रही है। ऐसे में हर साल बरसात के दौरान उन्हीं स्थानों पर जलभराव होना केवल बारिश या जल निकासी की समस्या नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन और जवाबदेही का भी सवाल है।

जनता को फोटो नहीं, परिणाम चाहिए
गर्ग ने कहा कि प्रशासन को बारिश के बाद केवल प्रेस बयान या सोशल मीडिया प्रचार तक सीमित रहने के बजाय यह बताना चाहिए कि पिछले वर्ष चिन्हित किए गए जलभराव वाले स्थानों में से कितने स्थानों की समस्या स्थायी रूप से दूर की गई।
उन्होंने कहा, “जनता को फोटो नहीं, परिणाम चाहिए। टेंडर नहीं, समाधान चाहिए। दोषारोपण नहीं, जवाबदेही चाहिए।”
उन्होंने कहा कि यदि समस्या हर साल वही रहती है तो समस्या से निपटने का तरीका बदलना होगा। अन्यथा अगले साल फिर बारिश होगी, फिर सड़कों पर पानी भरेगा, फिर तस्वीरें और वीडियो सामने आएंगे और कुछ दिनों बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन मूल समस्या जस की तस बनी रहेगी।

http://CHANDIGARH: भारी बारिश के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया चंडीगढ़ का जमीनी निरीक्षण https://babugirihindi.com/archives/17649

 

 

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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