September 1, 2026 12:46 pm

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हरियाणा पुलिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल

एआई टास्क फोर्स के गठन की तैयारी, आईपीएस अधिकारी होंगे एआई ऑफिसर;

साइबर अपराध जांच को बनाया जाएगा अधिक तेज, सटीक और तकनीक-सक्षम
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 31 अगस्त। हरियाणा पुलिस बदलते अपराध के स्वरूप और तेजी से बढ़ती डिजिटल चुनौतियों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में हरियाणा पुलिस में एक अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फाॅर्स का गठन किया जा रहा है। टास्क फोर्स का नेतृत्व एक आईपीएस रैंक के अधिकारी को सौंपा जाएगा, जिन्हें हरियाणा पुलिस का एआई अफसर नॉमिनेट किया गया है। इसका उद्देश्य पुलिसिंग में एआई के व्यावहारिक और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना तथा जांच एवं नागरिक सेवाओं को अधिक स्मार्ट, तेज और प्रभावी बनाना है।
हरियाणा पुलिस द्वारा एआई आधारित तकनीकों की मदद से कई महत्वपूर्ण डिजिटल समाधान विकसित किए जा रहे हैं। इनमें इन-हाउस ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम और कोर्ट रिटर्न्स पोर्टल प्रमुख हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से शिकायतों एवं न्यायालयों से संबंधित सूचनाओं के प्रबंधन, डेटा प्रोसेसिंग तथा आवश्यक कार्रवाई को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाने में तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस का नागरिक-केंद्रित डिजिटल इकोसिस्टम पहले से ही विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं और पुलिस संबंधी सूचनाओं को उपलब्ध कराता है।

अपराधियों से एक कदम आगे रहने के लिए तकनीक और मानवीय विशेषज्ञता का बेहतर तालमेल जरूरी: डीजीपी अजय सिंघल
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी जिस तेजी से तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, पुलिस को उससे एक कदम आगे रहकर तकनीकी क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुलिसिंग को अधिक डेटा-ड्रिवन, तेज और सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हम केवल एक नई तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की पुलिसिंग को मजबूत करने वाले एक महत्वपूर्ण टूल के रूप में देख सकते हैं। हमारा उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो हमारे पुलिसकर्मियों को बेहतर निर्णय लेने, बड़ी संख्या में डेटा का तेजी से विश्लेषण करने और जटिल अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण सुरागों तक जल्दी पहुंचने में मदद करे। डीजीपी ने कहा कि एआई टास्क फाॅर्स के गठन से हरियाणा पुलिस में तकनीकी नवाचार को संस्थागत रूप मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में एआई का इस्तेमाल मानव विशेषज्ञता और अनुभव को बदलने के लिए नहीं, बल्कि उसे मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के बेहतर तालमेल पर आधारित होगी। हमारा प्रयास है कि हरियाणा पुलिस के जांच अधिकारियों को ऐसी तकनीकी क्षमता उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे साइबर अपराध और डिजिटल युग के नए अपराधों का अधिक प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकें।

साइबर अपराध जांच में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस अधीक्षक साइबर मयंक गुप्ता ने बताया कि साइबर अपराधों में बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा, बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल एवं ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं जांच का हिस्सा बनती हैं। ऐसे में मैनुअल तरीके से प्रत्येक रिकॉर्ड और लेन-देन का विश्लेषण करना जांच अधिकारियों के लिए समय लेने वाला और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए हरियाणा पुलिस की टीम AI-assisted Financial Trail Analysis पर भी काम कर रही है। इस तकनीक का उद्देश्य संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के बीच संबंधों को पहचानने, लेन-देन के पैटर्न का विश्लेषण करने, धन के संभावित प्रवाह को समझने तथा महत्वपूर्ण कड़ियों को जांच अधिकारियों के सामने तेजी से रखने में सहायता करना है। एआई की मदद से बड़ी मात्रा में डेटा का प्राथमिक विश्लेषण कम समय में किया जा सकेगा, जिससे जांच अधिकारी अपना अधिक समय महत्वपूर्ण सुरागों की पुष्टि, आरोपियों से पूछताछ और अन्य मानवीय जांच प्रक्रियाओं पर केंद्रित कर सकेंगे। इसका लक्ष्य मानवीय जांच का स्थान लेना नहीं, बल्कि जांच अधिकारियों की क्षमता को तकनीक के माध्यम से और मजबूत करना है।

पुलिसिंग में एआई के व्यापक उपयोग की दिशा में कदम
प्रस्तावित एआई टास्क फाॅर्स पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित उपयोगों की पहचान करने, मौजूदा प्रणालियों में एआई आधारित समाधान लागू करने और अधिकारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। भविष्य में इसका उपयोग डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध जांच, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण, दस्तावेजों की प्रोसेसिंग, अपराध के पैटर्न की पहचान और पुलिसिंग से जुड़े अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है।टास्क फोर्स का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी रहेगा कि एआई आधारित प्रणालियां सटीकता, पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा और मानव निगरानी के सिद्धांतों के अनुरूप विकसित की जाएं। इससे तकनीक के उपयोग के साथ-साथ जांच की विश्वसनीयता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

डेटा से इनसाइट’ और ‘इनसाइट से एक्शन’ की ओर
हरियाणा पुलिस का यह प्रयास पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर डेटा-आधारित और इंटेलिजेंस-ड्रिवन पुलिसिंग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में विभिन्न पुलिस प्रणालियों से प्राप्त डेटा का बेहतर विश्लेषण कर अपराध के पैटर्न और आपराधिक गतिविधियों की कड़ियों को समझने में मदद मिल सकती है। इस पहल के माध्यम से हरियाणा पुलिस का फोकस स्पष्ट रूप से “टेक्नोलॉजी फॉर बेटर पुलिसिंग” पर है—जहां अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, जांच को गति देने और नागरिकों को अधिक प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। हरियाणा पुलिस की मौजूदा डिजिटल सेवाओं में नागरिक शिकायतों, एफआईआर, वित्तीय अपराधों और अन्य पुलिस सेवाओं से संबंधित ऑनलाइन सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। एआई टास्क फाॅर्स के गठन के साथ हरियाणा पुलिस अब ऐसी पुलिसिंग व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसमें तकनीक केवल सहायता का माध्यम नहीं बल्कि अपराध की बदलती चुनौतियों से निपटने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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