September 1, 2026 11:36 am

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भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस विधायकों के साथ धक्का-मुक्की व बदसलूकी की शिकायत व कार्रवाई की मांग उठाई- हुड्डा

चंडीगढ़, 31 अगस्त । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आज महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें 27 अगस्त को विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों के साथ हुए दुर्व्यवहार, धक्का मुक्की, उनके विधानसभा प्रांगण में प्रवेश में अवरोध पैदा कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन के संबंध में निष्पक्ष जांच कर उचित कारवाई की मांग रखी गई।

जिस तरह शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए विधायकों के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई, इसकी वीडियो और तस्वीरें भी राज्यपाल को दिखाई गईं।

ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस के विधायकों द्वारा जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, HKRN, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, मंदिरों में चंदा चोरी, पेपर लीक व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जातिसूचक क्रिया-कलापों के जरिए अपमान आदि मुद्दों को मार्च निकाला गया था। यह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करवाने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इस क्रम में सभी कांग्रेसी विधायक हाथों में प्ले कार्ड लेकर शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगाते हुए विधानसभा भवन की ओर मार्च कर रहे थे।

यह उल्लेख करना आवश्यक है कि हम सभी विधायक निर्धारित सुरक्षा के अंतर्गत CISF तथा चंडीगढ़ पुलिस द्वारा किए गए सुरक्षा परीक्षणों में गुजरने के पश्चात हरियाणा विधानसभा परिसर में प्रवेश बिंदु तक बिना किसी अवरोध या अप्रिय घटना के पहुंचे थे। इस प्रवेश बिंदु पर हरियाणा पुलिस की भारी संख्या में मौजूदगी आश्चर्यजनक व अभूतपूर्व थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हरियाणा लोकतांत्रिक राज्य नहीं है। विधानसभा की स्वायत्तता और गरिमा का पुलिस द्वारा खुलेआम मर्दन और दमन पीड़ादायक भी था और चिंताजनक भी। वहां पुलिस व विधानसभा के सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार असामान्य रूप से असम्मानजनक, अनुचित एवं आक्रामक था। हम सबको बलपूर्वक रोका गया और विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई।

पुलिस बल का प्रयोग प्रदेश में बढ़ते हुए अपराधों को रोकने की बजाय जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के लिए किया गया जो गंभीर चिंता का विषय है। पूरी तरह से नियमानुसार किया जा रहे प्रदर्शन को हरियाणा पुलिस लगाकर इसे बलपूर्वक रोका गया। हमने विधानसभा में यह जानना चाहा कि यह सब किसके आदेशों पर और किस नियम के अंतर्गत किया गया परंतु ना तो अध्यक्ष महोदय और ना ही सदन के नेता कोई संतोषजनक जानकारी दी और ना ही इसकी जिम्मेवारी ली। हम पुलिस बल के सहारे सदन चलाने की नई परिपाटी का पुरजोर विरोध करते है, क्योंकि यह लोकतंत्र का मज़ाक है।

उक्त घटनाक्रम में दृश्य प्रमाण जिसमें उस समय की तस्वीर सम्मिलित है। इन तस्वीरों से उस समय की परिस्थितियों का व सुरक्षा कर्मियों के आचरण का वस्तुनिष्ठ आकलन किया जा सकता है। कांग्रेस पार्टी के विधायकों का प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक था और विधानसभा के किसी नियम परंपरा या मर्यादा का उल्लंघन नहीं था। पहले भी विधानसभा के भवन में प्रवेश द्वार से पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन जिनमे नारे व प्लेकार्ड शामिल हैं, होते आए। संसद में भी इस प्रकार का प्रदर्शन सदन के मुख्य (मकर) द्वार तक सामान्य लोकतांत्रिक तरीका माना जाता है।

महोदय विधानसभा प्रदेश में लोक शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक है और यह स्वतंत्र विचार विमर्श,अबाध जनप्रतिनिधित्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रतिपादन का सर्वोच्च केंद्र है। संविधान निर्माता ने राज्य की शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत के अनुसार विधानसभा की गरिमा और स्वायत्तता पर विशेष बल दिया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है इसका अतिक्रमण कार्यपालिका द्वारा हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। हम मानते हैं कि विधानसभा की सुरक्षा, अनुशासन इसकी सुचारू कार्यवाही के लिए आवश्यक है, परंतु सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा एवं उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं हो सकता।

अतः हम महामहिम राज्यपाल से अनुरोध करते हैं कि राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते इस गंभीर विषय पर निष्पक्षता, संवैधानिक मर्यादा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। हम मांग करते हैं कि इस प्रकार की अलोकतांत्रिक घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संस्थागत ढांचा (Protocol) बनाने एवं निर्वाचित विधायकों और इस महान सदन की गरिमा प्रतिष्ठा बनाए रखने के हेतु ठोस उपाय किए जाने संबंधी आदेश जारी करें।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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