राजेंद्र कुमार सिरसा और दर्शन कुमार अम्बाला में सितंबर 2022 से लगातार तैनात, दोनों 2019 बैच के HCS अधिकारी
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 24 सितंबर। हरियाणा के प्रशासनिक तंत्र में तबादलों और तैनातियों के बीच दो एचसीएस अधिकारियों ने एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। 2019 बैच के राजेंद्र कुमार और दर्शन कुमार लगातार करीब चार वर्षों से क्रमश: सिरसा और अम्बाला उपमंडल में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) यानी SDO (Civil) के पद पर तैनात हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार के अनुसार, सितंबर 2022 में हरियाणा सरकार ने राजेंद्र कुमार को सिरसा और दर्शन कुमार को अम्बाला में SDO (Civil) नियुक्त किया था। दोनों अधिकारी सितंबर 2026 में इस पद पर चार वर्ष पूरे कर चुके हैं और अब तक इन्हीं उपमंडलों में कार्यरत हैं।
हेमंत कुमार के मुताबिक, मौजूदा प्रदेश सरकार के कार्यकाल में ये दोनों ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने किसी एक ही उपमंडल में SDO (Civil)/SDM के पद पर लगातार चार वर्ष पूरे किए हैं। सामान्य तौर पर प्रदेश के विभिन्न उपमंडलों में अधिकारियों के तबादले अपेक्षाकृत कम अवधि में होते रहे हैं।
सरकारी रिकॉर्ड में SDM नहीं, SDO (Civil)
हेमंत कुमार ने बताया कि उपमंडल स्तर पर तैनात अधिकारी का सरकारी प्रशासनिक पदनाम उपमंडल अधिकारी (नागरिक) यानी SDO (Civil) है। हालांकि आम बोलचाल में इस पद को उपमंडलाधीश यानी SDM कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) का उल्लेख पहले लागू दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973 और 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 में भी किया गया है।
दोनों अधिकारी तहसीलदार/DRO कोटे से HCS में आए
राजेंद्र कुमार और दर्शन कुमार की एक और समानता यह है कि दोनों सीधे HCS की भर्ती से सेवा में नहीं आए। दोनों वर्ष 2019 में रजिस्टर ए-1 यानी तहसीलदार/जिला राजस्व अधिकारी (DRO) वर्ग से HCS सेवा में शामिल हुए थे।
राजेंद्र कुमार सितंबर 2022 से सिरसा में SDO (Civil) के साथ HSVP के एस्टेट ऑफिसर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वहीं दर्शन कुमार ने भी समय-समय पर अम्बाला HSVP के एस्टेट ऑफिसर का अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। वर्तमान में यह जिम्मेदारी उनके पास नहीं है। जुलाई 2026 में राज्य सरकार ने दर्शन कुमार को प्रस्तावित आईएमटी अम्बाला से संबंधित भूमि अधिग्रहण/प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया था।
दर्शन कुमार की चुनावी ड्यूटी भी रही खास
अम्बाला में चार वर्ष के लगातार कार्यकाल के दौरान दर्शन कुमार को विभिन्न चुनावों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी मिलीं। अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच उन्होंने चार अलग-अलग चुनावों में निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी निभाई।
1. लोकसभा चुनाव 2024:
18वीं लोकसभा के चुनाव के दौरान दर्शन कुमार ने अम्बाला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र में सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
2. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024:
सितंबर-अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र का रिटर्निंग ऑफिसर (RO) नियुक्त किया गया।
3. अम्बाला नगर निगम मेयर उपचुनाव 2025:
फरवरी-मार्च 2025 में हुए अम्बाला नगर निगम के मेयर उपचुनाव में भी दर्शन कुमार को RO की जिम्मेदारी दी गई। चुनाव परिणाम के बाद विजयी प्रत्याशी शैलजा सचदेवा को उनके हस्ताक्षर से निर्वाचन प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
4. जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव 2025:
सितंबर 2025 में अम्बाला जिला परिषद अध्यक्ष के रिक्त पद के लिए हुए चुनाव में भी दर्शन कुमार ने RO की जिम्मेदारी निभाई।
इस तरह करीब डेढ़ वर्ष के दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में ARO तथा विधानसभा, नगर निगम मेयर उपचुनाव और जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में RO के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
2026 नगर निगम चुनाव में नहीं मिली RO की जिम्मेदारी
अप्रैल-मई 2026 में हुए अम्बाला नगर निगम के मेयर और 20 वार्डों के आम चुनाव में दर्शन कुमार को RO की जिम्मेदारी नहीं दी गई। हेमंत कुमार के अनुसार, उन्होंने उस समय राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर दर्शन कुमार को RO नहीं बनाए जाने का अनुरोध किया था।
उनके अनुसार, चुनाव संबंधी स्थानांतरण एवं तैनाती निर्देशों के तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को चुनावी जिम्मेदारियों से अलग रखने की व्यवस्था लागू थी। इस चुनाव में दर्शन कुमार की जगह तत्कालीन एडीसी विराट, HCS को RO की जिम्मेदारी दी गई।
पहले दो-तीन साल की तैनाती भी सामान्य थी
हेमंत कुमार के अनुसार, कुछ दशक पहले तक हरियाणा के महत्वपूर्ण उपमंडलों में HCS अधिकारियों का दो से तीन वर्ष तक SDO (Civil)/SDM के पद पर रहना सामान्य बात थी। हाल के वर्षों में HCS कैडर में विस्तार के बावजूद किसी महत्वपूर्ण उपमंडल में लंबे समय तक एक ही अधिकारी की तैनाती अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती है।
उन्होंने बताया कि UPSC के माध्यम से सीधे IAS सेवा में आने वाले अधिकारियों को भी प्रशिक्षण और फील्ड अनुभव के दौरान सीमित अवधि के लिए SDM/SDO (Civil) स्तर की जिम्मेदारी दी जाती है। अम्बाला के वर्तमान उपायुक्त सचिन गुप्ता, IAS भी अगस्त 2020 से जुलाई 2021 तक अम्बाला में SDM रह चुके हैं।
मुकेश आहूजा का अलग रिकॉर्ड
हेमंत कुमार ने पूर्व IAS अधिकारी मुकेश कुमार आहूजा का उदाहरण भी दिया। उनके अनुसार, 2009 बैच के IAS अधिकारी मुकेश आहूजा, जो इसी वर्ष सेवानिवृत्त हुए, HCS अधिकारी रहते हुए अलग-अलग अवधियों में कुल चार बार अम्बाला में SDM रह चुके हैं। उनका कुल कार्यकाल साढ़े नौ वर्ष से अधिक बताया गया है।
इनमें एक अवधि चार वर्ष से करीब दो महीने कम की थी। उस समय अम्बाला कैंट अलग उपमंडल नहीं था और उसका क्षेत्र अम्बाला शहर उपमंडल में ही शामिल था।
हेमंत कुमार के अनुसार, अब अम्बाला शहर में दर्शन कुमार के लगातार चार वर्ष पूरे करने के साथ उनकी एक ही उपमंडल में लगातार तैनाती का कार्यकाल उस पुराने रिकॉर्ड से भी आगे निकल गया है।
नोट: उपरोक्त समाचार में अधिकारियों की तैनाती, चुनावी जिम्मेदारियों और पुराने रिकॉर्ड से संबंधित विवरण अधिवक्ता हेमंत कुमार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं।












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