October 12, 2026 10:27 am

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हरियाणा में लागू हुआ ‘नेक्स्ट जेन ई-चालान’, 3 दिन में पहुंचेगा नोटिस; 90 दिन में भुगतान नहीं तो RC-DL होंगे ब्लॉक

बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला, 7 अक्तूबर। हरियाणा में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी ‘नेक्स्ट जेन ई-चालान’ व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को निर्धारित समयसीमा में नोटिस, आपत्ति और भुगतान की सुविधा मिलेगी। वहीं, चालान का समय पर भुगतान नहीं करने पर वाहन की आरसी (RC) या ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को लेन-देन के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है।
पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने तकनीक और डेटा आधारित निवारक पुलिसिंग के माध्यम से सड़क सुरक्षा में ठोस सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

16 जून से लागू है नई व्यवस्था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 20 जनवरी 2026 की अधिसूचना के तहत हरियाणा में ‘नेक्स्ट जेन ई-चालान’ प्रणाली 16 जून 2026 से लागू की जा चुकी है। एडीजीपी विकास अरोड़ा ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य चालान प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है।

नियम तोड़ने के 3 दिन में पहुंचेगा नोटिस
नई व्यवस्था के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन दर्ज होने के बाद वाहन स्वामी को तीन दिनों के भीतर आधिकारिक नोटिस भेजा जाएगा। इससे वाहन मालिक को समय रहते चालान की जानकारी मिल सकेगी।

45 दिन में चालान स्वीकार या आपत्ति
नोटिस मिलने के बाद चालक के पास 45 दिनों का समय होगा। इस अवधि में वह चालान स्वीकार कर सकता है अथवा उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकता है। यदि निर्धारित 45 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा।

आपत्ति का 30 दिन में होगा निपटारा
यदि चालक चालान पर आपत्ति दर्ज करता है तो शिकायत निवारण अधिकारी को 30 दिनों के भीतर फैसला करना होगा। निर्धारित समय में शिकायत का समाधान नहीं होने पर उसे भी स्वतः स्वीकार माना जाएगा।

खारिज आपत्ति पर अदालत जाने का विकल्प
यदि चालक की आपत्ति खारिज हो जाती है तो उसके पास मामले को अदालत में चुनौती देने का विकल्प रहेगा। इसके लिए उसे चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी।

90 दिन में भुगतान जरूरी
चालान स्वीकार होने के बाद उसका भुगतान करने के लिए 90 दिनों की समयसीमा होगी। यदि इस अवधि में चालान का भुगतान नहीं किया जाता है तो संबंधित वाहन की आरसी या चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को पोर्टल पर ‘Not to be Transacted’ श्रेणी में डाला जा सकता है।
इसके अलावा नियमों के तहत पुलिस को ऐसे वाहन को जब्त करने का अधिकार भी होगा।

तकनीक से मजबूत होगी यातायात व्यवस्था
हरियाणा पुलिस का कहना है कि नई ई-चालान व्यवस्था से यातायात नियमों के पालन में सुधार के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। डिजिटल प्रक्रिया से चालान प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों को डेटा के आधार पर यातायात नियमों के उल्लंघन वाले क्षेत्रों पर प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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