October 11, 2026 9:44 am

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चंडीगढ़ डेपुटेशन कोटा, एसएसए शिक्षकों के अधिकार और लंबित नियुक्तियों पर JTA ने उठाए सवाल

मांगें पूरी न होने पर 1 नवंबर को सेक्टर-25 में 51 सदस्य करेंगे सांकेतिक भूख हड़ताल, भर्ती प्रक्रिया की विजिलेंस जांच की मांग
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 7 अक्टूबर। संयुक्त अध्यापक संघ (JTA), चंडीगढ़ ने बुधवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षकों के वेतन, नियमितीकरण, पदोन्नति, पंजाब एवं हरियाणा डेपुटेशन कोटा तथा शिक्षा विभाग में लंबित भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दे उठाए। संघ ने चंडीगढ़ के प्रशासक को संबोधित विस्तृत मांगपत्र में विभिन्न मामलों में समयबद्ध कार्रवाई और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
JTA के अध्यक्ष एवं संस्थापक रणबीर कुमार ने कहा कि संघ पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ से संबंधित शिक्षक काडरों के अधिकारों, समान अवसर और सेवा हितों को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दे रखे हैं, जिनमें डेपुटेशन कोटा, एसएसए शिक्षकों का वेतन, नियमितीकरण, पदोन्नति और लंबित नियुक्तियां प्रमुख हैं।
पंजाब-हरियाणा डेपुटेशन कोटा बहाल करने की मांग
JTA ने गृह मंत्रालय के 4 नवंबर 1966 के कार्यालय ज्ञापन और लागू भर्ती नियमों का हवाला देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के संबंधित काडरों में पंजाब एवं हरियाणा से डेपुटेशन की व्यवस्था बनाए रखने की मांग की।
संघ के अनुसार, पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जून 2024 में प्रस्तावित भर्ती नियमों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भेजे थे। JTA ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने इन आपत्तियों पर पर्याप्त विचार किए बिना आगे की प्रक्रिया बढ़ाई। संघ ने मांग की कि पंजाब सरकार की आपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी और हाई पावर्ड कमेटी के समक्ष रखा जाए तथा प्रत्येक आपत्ति पर कारण सहित जवाब दिया जाए।

एसएसए शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग
संघ ने दावा किया कि वर्ष 2023 में भर्ती किए गए एसएसए अध्यापकों को अभी तक सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुरूप मूल वेतन का लाभ नहीं मिला है। JTA के अनुसार, इस संबंध में प्रशासक की ओर से जून और जुलाई 2025 में दो डीओ पत्र भी जारी किए गए थे।
संघ ने मांग की कि मामले में हुई देरी का लिखित स्पष्टीकरण दिया जाए तथा नियमानुसार देय वेतन लाभ और बकाया राशि का भुगतान किया जाए।
नियमितीकरण और लंबित डीए का मुद्दा भी उठाया
JTA ने 14 नवंबर 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा CWP-20096-2021, अरविंद राणा एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए एसएसए शिक्षकों के नियमितीकरण संबंधी कार्रवाई की मांग की।
संघ ने कहा कि न्यायालय के आदेशों के अधीन आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्रवाई की जाए तथा अन्य पात्र एसएसए शिक्षकों के लिए भी समयबद्ध नीति बनाई जाए। इसके अलावा नियमानुसार देय लंबित डीए किस्तों और अन्य बकाया राशि के भुगतान की मांग की गई।

भर्ती नियमों में पदोन्नति और डेपुटेशन का हिस्सा बढ़ाने की मांग
JTA ने प्रस्तावित भर्ती नियमों में विभिन्न काडरों के लिए पदोन्नति और डेपुटेशन के अवसर निर्धारित करने की मांग रखी। संघ के अनुसार उसकी मांग इस प्रकार है—
काडर
JTA की मांग
JBT
40 प्रतिशत सीधी भर्ती, 60 प्रतिशत पंजाब-हरियाणा डेपुटेशन
TGT
35 प्रतिशत JBT पदोन्नति, 5 प्रतिशत NTT पदोन्नति, 30 प्रतिशत डेपुटेशन, 30 प्रतिशत सीधी भर्ती
लेक्चरर/PGT
55 प्रतिशत पदोन्नति, 25 प्रतिशत सीधी भर्ती, 20 प्रतिशत डेपुटेशन
प्रिंसिपल
75 प्रतिशत पदोन्नति, 25 प्रतिशत डेपुटेशन
संघ ने विषयवार शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण और नियमित सेवा की शर्तें स्पष्ट करने तथा पात्र एनटीटी अध्यापकों को पदोन्नति के स्रोत काडर में शामिल कर 75 ने की मांग की। साथ ही समयबद्ध डीपीसी आयोजित करने की मांग भी की गई।

186 लेक्चरर और 9 प्रिंसिपल पद सृजित करने की मांग
JTA ने बताया कि उसके उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 186 लेक्चरर पदों के सृजन का प्रस्ताव वर्ष 2013 से लंबित है। संघ ने इसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और स्कूलों में विषयवार कार्यभार, छात्र संख्या तथा आवश्यकता के आधार पर पदों को मंजूरी देने की मांग की।
इसके साथ नए अथवा अपग्रेड किए गए वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए 9 अतिरिक्त प्रिंसिपल पद स्वीकृत करने और उन्हें लागू भर्ती नियमों के अनुसार भरने की मांग की गई।
सभी पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का अवसर देने की मांग
संघ ने कहा कि निर्धारित योग्यता, वरिष्ठता और सेवा शर्तें पूरी करने वाले सभी पात्र अध्यापकों पर डीपीसी में निष्पक्ष रूप से विचार होना चाहिए। इसमें वोकेशनल लेक्चरर भी शामिल हैं।
JTA ने ऐसे काडरों के लिए भी भर्ती नियमों में उचित संशोधन की मांग की, जहां वर्तमान में पदोन्नति का स्पष्ट रास्ता उपलब्ध नहीं है।
993 पदों की भर्ती प्रक्रिया की विजिलेंस जांच की मांग
JTA ने वर्ष 2023-24 की नियमित भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल 993 पदों का मुद्दा उठाया। इनमें 396 जेबीटी, 303 टीजीटी, 98 पीजीटी, 100 एनटीटी और 96 स्पेशल एजुकेटर पद शामिल बताए गए।
संघ का आरोप है कि नवंबर 2025 से नियुक्ति प्रक्रिया काफी हद तक रुकी हुई है, जबकि विज्ञापित पदों में रिक्तियां और मेरिट सूची में अभ्यर्थी उपलब्ध हैं। विशेष रूप से पीजीटी अंग्रेजी में ओबीसी श्रेणी के लंबित मामलों की जांच की मांग की गई।
JTA ने भर्ती प्रक्रिया में देरी, लंबित जांच-पड़ताल, श्रेणीवार रिक्तियों, रोस्टर में बदलाव और नियुक्तियां रोकने के कारणों की विस्तृत विजिलेंस जांच की मांग की। संघ ने कहा कि जांच में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और यदि अनियमितता साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
संघ ने जांच के बाद पात्र अभ्यर्थियों को मेरिट क्रम में, उपलब्ध विज्ञापित रिक्तियों और लागू न्यायालय आदेशों के अनुसार नियुक्ति देने की मांग भी रखी।

खुड्डा अलीशेर और सारंगपुर स्कूलों के विशेष ऑडिट का मामला
JTA ने खुड्डा अलीशेर और सारंगपुर के स्कूलों में पीरियड आधारित भुगतान पर नियुक्त अतिथि अध्यापकों को पूरे महीने का भुगतान किए जाने का आरोप भी उठाया। संघ के अनुसार, एक अधिवक्ता की शिकायत के बाद वित्त विभाग द्वारा विशेष ऑडिट कराया गया था।
संघ ने विशेष ऑडिट रिपोर्ट, मूल टाइमटेबल, वास्तविक शिक्षण कार्यभार, उपस्थिति और भुगतान बिलों की जांच की मांग की। JTA ने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित राशि की वसूली और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।

अध्यापक तैनाती की भी समीक्षा की मांग
संघ ने पंजाब डेपुटेशनिस्टों के खिलाफ कथित समन्वित प्रयास से जुड़ी शिकायत की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा गवर्नमेंट मिडिल स्कूल, सेक्टर-23 डी में छात्र संख्या, विषयवार कार्यभार और स्वीकृत पदों के आधार पर अध्यापकों की तैनाती की समीक्षा करने की मांग की गई।
JTA ने यह भी कहा कि किसी भी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले संघ के अधिकृत पदाधिकारियों को अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत करने, तथ्यों को स्पष्ट करने और लिखित आपत्तियां देने का अवसर दिया जाना चाहिए।
1 नवंबर को 51 सदस्य करेंगे सांकेतिक भूख हड़ताल
JTA अध्यक्ष रणबीर कुमार ने कहा कि यदि संघ की मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो 1 नवंबर 2026 को 51 सदस्य सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे।
उन्होंने प्रशासन से सभी मांगों पर बिंदुवार कार्रवाई रिपोर्ट देने, संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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