मंडी से सेब लेकर लौट रहे युवक को एक घंटे से अधिक समय तक रोकने का आरोप; बोले—500 रुपये दो या एक पेटी सेब
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 8 अक्तूबर। सेक्टर-9 की इनर मार्केट में लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक चेकिंग के दौरान गरीब वाहन चालकों को परेशान किए जाने के आरोप सामने आए हैं। एक ई-रिक्शा चालक ने आरोप लगाया है कि सेक्टर-26 की मंडी से सेब की एक पेटी लेकर नया गांव की ओर जा रहे उसे ट्रैफिक पुलिस के एएसआई और एक सिपाही ने चेकिंग के नाम पर रोक लिया।
आरोप के मुताबिक, पुलिस कर्मचारियों ने युवक से कहा कि उसका चालान होगा। इसके बाद कथित तौर पर 500 रुपये देने या एक पेटी सेब देने की बात कही गई। युवक ने खुद को गरीब बताते हुए काफी देर तक मिन्नतें कीं। उसने बताया कि वह फेरी लगाकर सेब बेचकर परिवार का गुजारा करता है और उसके पास पैसे नहीं हैं।
युवक का आरोप है कि इसके बावजूद उसे करीब एक घंटे से अधिक समय तक सेब की पेटी के साथ रोककर रखा गया। वह बार-बार पुलिस कर्मचारियों से छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कथित तौर पर उसकी बात नहीं मानी गई।
शक होने पर सेब की पेटी छोड़कर भागे
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब पुलिस को कथित मांग पर संदेह होने लगा। जानकारी के अनुसार, उसने करीब 5 किलो सेब एक पॉलीथिन में डालकर पुलिस बीट बूथ पर रखने को कहा और इसके बाद मार्केट की ओर चला गया। बताया जा रहा है कि युवक को डर था कि कहीं उसके खिलाफ कोई अन्य कार्रवाई न कर दी जाए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना को लेकर मार्केट में भी चर्चा रही। लोगों का कहना है कि गरीब रेहड़ी-फेरी वालों और छोटे वाहन चालकों को यातायात नियमों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
कई सप्ताह से चेकिंग के नाम पर परेशान करने के आरोप
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित दोनों पुलिस कर्मचारी पिछले कई सप्ताह से इसी लाइट प्वाइंट पर चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों और गरीब तबके के लोगों को परेशान कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि किसी वाहन चालक ने यातायात नियम तोड़ा था तो नियमानुसार उसका चालान किया जाना चाहिए था। लेकिन चालान के बदले नकदी या फल की पेटी मांगने का आरोप सामने आना बेहद गंभीर विषय है।
ड्यूटी को लेकर भी उठ रहे सवाल
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि संबंधित पुलिस कर्मचारियों की इस लाइट प्वाइंट पर ड्यूटी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि वास्तव में दोनों कर्मचारी वहां अधिकृत ड्यूटी पर नहीं थे, तो यह जांच का अलग विषय बन सकता है।
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन किसी गरीब फल विक्रेता से कथित रूप से चालान के नाम पर सेब की पेटी मांगने का आरोप सामने आना सामान्य चेकिंग से कहीं अधिक गंभीर मामला है।
उच्च अधिकारियों से जांच की मांग
घटना की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि संबंधित पुलिस कर्मचारी उस स्थान पर किस आदेश के तहत तैनात थे, क्या युवक के वाहन की कोई यातायात उल्लंघन की स्थिति थी और क्या उससे वास्तव में 500 रुपये अथवा सेब की पेटी मांगने की बात कही गई।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि आरोप गलत हैं तो पुलिस विभाग को भी पूरे मामले की स्थिति सार्वजनिक कर स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर पैदा हुए सवालों का जवाब मिल सके।
नया गॉव निवासी रंजीत सिंह ने कहा कि साहब छोड़ो हम गरीब आदमी है, रोजाना ही चंडीगढ़ मंडी में आना होता है, फिर परेशान करेंगे। 5 किलो से बीट बूथ में दे आया हु।
मामले में सुमेर प्रताप सिंह एसएसपी ट्रैफिक चंडीगढ़ ने जांच के आदेश जारी कर, डीएसपी से एरिया की सीसीटीवी फुटेज मांगी है












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