October 11, 2026 8:29 pm

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महाराजा अग्रसेन जी संपूर्ण भारतीय समाज की एक महान विभूति थे : CM नायब सिंह सैनी

महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के अवसर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएं दीं
 
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़ , 11 अक्टूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पटियाला जिला के  पातड़ां (पंजाब) के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के पावन अवसर पर युवा अग्रवाल सभा द्वारा आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने अहिंसा, समाजवाद और करुणा के प्रतीक महाराजा अग्रसेन जी के चरणों में शत-शत नमन करते हुए सभी देशवासियों को जयंती और नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी केवल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय समाज की एक महान विभूति थे, जिन्होंने अपने राज्य में ‘एक ईंट और एक सोने की मोहर’ जैसी अनूठी और दूरदर्शी परंपरा की शुरुआत की थी ताकि हर नया परिवार आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर मानव इतिहास में अहिंसा का सामाजिक नियम स्थापित किया।

सैनी ने कहा कि अग्रवाल समाज का इतिहास हमेशा से राष्ट्र निर्माण, दानशीलता और मानवता की सेवा में स्वर्णिम रहा है। उन्होंने भामाशाह से लेकर देश और दुनिया में समाज का नाम रोशन करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, संतों, साहित्यकारों और उद्योगपतियों का विशेष रूप से स्मरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जी.एस.टी., डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं ने व्यापार जगत को नई ऊंचाइयां दी हैं। पंजाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब का व्यापारी और युवा वर्ग आज सुरक्षित माहौल, पारदर्शी व्यवस्था और बदलाव की उम्मीद कर रहा है।

अपने संबोधन में हरियाणा के औद्योगिक और आर्थिक विकास का खाका रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्य सरकार ‘विकसित हरियाणा 2047’ के विजन के तहत 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 50 लाख नए रोजगार सृजित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। हरियाणा आज देश में स्टार्टअप संस्कृति के मामले में चौथे स्थान पर है, जहां 12 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 19 यूनिकॉर्न और 250 से ज्यादा फॉर्च्यून-500 कंपनियां मौजूद हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सरकार ने उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए प्लग-एंड-प्ले नीति, पद्मा कार्यक्रम और 1100 से अधिक गैर-जरूरी नियमों को समाप्त करने जैसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि डबल इंजन सरकार की तर्ज पर यदि पंजाब में भी विकासोन्मुख व्यवस्था बनेगी, तो यहां के उद्यमियों को भी बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। अंत में उन्होंने सभी से महाराजा अग्रसेन जी के बताए मार्ग पर चलते हुए एक समृद्ध और सुरक्षित पंजाब के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

नवरात्रों के दौरान कुट्टू के आटे की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण करें : आरती सिंह राव
कहा, सैंपल लें और गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए
चंडीगढ़ 11 अक्टूबर – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने “खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा” को निर्देश दिए हैं कि नवरात्रों के दौरान कुट्टू के आटे एवं व्रत के दौरान प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण करें , सैंपल लें और गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने आमजन से भी अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की बिक्री एवं सेवन से बचें।
आरती सिंह राव के निर्देशों का पालन करने की दिशा में कदम उठाते हुए “खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा” के आयुक्त डॉ मनोज कुमार ने फील्ड के अधिकारियों को कुट्टू के आटे एवं व्रत के दौरान प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा ने नवरात्रों और व्रत के सीजन के दौरान कुट्टू के आटे की बढ़ती मांग को देखते हुए आमजन और खाद्य कारोबारियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुट्टू के आटे के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता और साफ-सफाई में लापरवाही बरतने पर यह असुरक्षित हो सकता है और इसके सेवन से फूड पॉइजनिंग या खाद्य विषाक्तता जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। पुराना, नमीयुक्त, फफूंद लगा हुआ या दूषित आटा खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मितली और बुखार जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुसार, मोटे अनाजों की श्रेणी में आने वाले कुट्टू में नमी की अधिकतम मात्रा 13.0 प्रतिशत होनी चाहिए। इसके अलावा, बाहरी अवांछित पदार्थ द्रव्यमान के आधार पर अधिकतम 1.0 प्रतिशत (जिसमें खनिज पदार्थ अधिकतम 0.25 प्रतिशत और बाहीय मूल की अशुद्धियां अधिकतम 0.10 प्रतिशत शामिल हैं) तथा अन्य खाद्य अनाज अधिकतम 2.0 प्रतिशत तक ही मान्य हैं।

विभाग ने खाद्य कारोबारियों और दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल वैध “भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण” लाइसेंस या पंजीकरण वाले विश्वसनीय विक्रेताओं से ही कुट्टू का आटा खरीदें। खरीद के समय पैकिंग तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर और पैकेट की स्थिति की जांच अवश्य की जानी चाहिए। आटे को हमेशा साफ, सूखे, हवादार और नमी रहित स्थान पर कीटों और रसायनों से दूर रखना चाहिए। पुराने, बासी, बदबूदार या फफूंदयुक्त आटे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आम जनता के लिए जारी विशेष अपील में कहा गया है कि हमेशा विश्वसनीय दुकानों से सीलबंद पैकेट को प्राथमिकता दें और पैकेट पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण लाइसेंस नंबर व अन्य विवरण जांच लें। आटे में किसी भी तरह की असामान्य गंध, रंग में बदलाव, गांठ या कीड़े दिखने पर उसका उपयोग बिल्कुल न करें। कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। यदि भोजन करने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें और स्वयं इलाज करने से बचें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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