सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में दशहरा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर, इको-फ्रेंडली पटाखों से होगा आतिशी नजारा; सुरक्षा के लिए की जाएगी बैरिकेडिंग
बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला,19 अक्तूबर। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में इस बार दशहरा महोत्सव पर 221 फुट ऊंचे विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह विश्व का सबसे ऊंचा रावण का पुतला होगा। विशालकाय रावण के निर्माण पर करीब 34 से 35 लाख रुपये की लागत आई है। दशहरा महोत्सव को भव्य बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं और कारीगर रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
रावण दहन के दौरान इको-फ्रेंडली पटाखों से आतिशी नजारा प्रस्तुत किया जाएगा। विशालकाय पुतले की ऊंचाई को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। रावण के आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति सुरक्षा घेरे में प्रवेश न कर सके।
संयुक्त रूप से आयोजित होगा दशहरा महोत्सव
दशहरा महोत्सव की तैयारियों और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी देने के लिए श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट दशहरा कमेटी पंचकूला तथा आदर्श रामलीला ड्रामेटिक क्लब पंचकूला की ओर से संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
इस दौरान श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु गोयल ने महोत्सव की तैयारियों, 221 फुट ऊंचे रावण के निर्माण और आयोजन स्थल पर की जाने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशालकाय रावण का दहन इस बार दशहरा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
भारत में पहली बार तैयार हो रहे 221 फुट ऊंचे दो रावण
आयोजन से जुड़ी सबसे खास बात यह है कि आयोजकों के मुताबिक, भारत में पहली बार 221 फुट ऊंचे दो रावण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से एक विशालकाय रावण पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में स्थापित किया जा रहा है।
कारीगर तजिंदर पाल चौहान के अनुसार, इतने विशालकाय पुतले को तैयार करना और उसे सुरक्षित तरीके से खड़ा करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसके लिए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, ताकि दशहरा महोत्सव के दौरान रावण का भव्य स्वरूप लोगों के सामने प्रस्तुत किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष ध्यान
221 फुट ऊंचे रावण के पुतले को खड़ा करने और उसके दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरती जाएगी। आयोजन स्थल पर रावण के आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि दर्शक निर्धारित दूरी पर रहकर दहन का नजारा देख सकें। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम भी किए जाएंगे।
इसके अलावा, रावण दहन के दौरान इको-फ्रेंडली पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य आतिशबाजी के आकर्षक नजारे के साथ पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास करना है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का बनेगा प्रतीक
दशहरा भारतीय संस्कृति का प्रमुख त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है। पंचकूला में 221 फुट ऊंचे रावण के दहन को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है। विशालकाय पुतले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
सेक्टर-5 का शालीमार ग्राउंड इस बार दशहरा उत्सव के दौरान आकर्षण का केंद्र रहेगा। 221 फुट ऊंचे रावण का दहन न केवल आयोजन की भव्यता को दर्शाएगा, बल्कि लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों और सत्य की विजय का संदेश भी देगा।













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