हरियाणा में रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों-कर्मचारियों का होगा तबादला
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर-हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने विभागों को निर्देष दिए हैं कि ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उसी पद और उसी स्टेशन पर तैनात न रखा जाए, जो राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा रंगे हाथ पकड़े गए हैं और जमानत पर रिहा हैं।
सर्तकता विभाग द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण संबंधित क्षेत्राधिकार से दूर किसी अन्य स्टेशन पर किया जाएगा। जहां तक संभव हो, उन्हें आसपास के सीमावर्ती जिलों से भी बाहर तैनात किया जाएगा, ताकि शिकायतकर्ता और गवाहों पर किसी प्रकार का अनुचित प्रभाव न पड़े तथा मुकदमे की सुनवाई निष्पक्ष रूप से हो सके। जिला कैडर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामले में उन्हें उसी जिले के भीतर किसी अन्य दूरस्थ स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा।
गौरतलब है कि सरकार के संज्ञान में आया है कि ट्रैप मामलों में रंगे हाथों पकड़े जाने और जमानत पर रिहा होने के बाद भी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उसी स्टेशन पर तैनात रहते हैं, जहां उनके मामलों की सुनवाई चल रही होती है। इससे शिकायतकर्ता और अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने, डराने या उन पर दबाव डालने की आशंका रहती है, जिससे न्यायिक कार्यवाही की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
हरियाणा दिवस से मध्यम आय वर्ग के परिवारों को मिलेगा चिरायु स्वास्थ्य बीमा का लाभ
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
– 4,000 रुपये से 5,000 रुपये के वार्षिक योगदान पर परिवारों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर – स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में 3 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय वाले परिवारों तक ‘चिरायु’ स्वास्थ्य योजना के लाभ का विस्तार किया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की 13 अक्टूबर, 2026 की अधिसूचना के अनुसार, चिरायु विस्तार योजना 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगी।
इस विस्तारित योजना के तहत, पात्र परिवार मामूली वार्षिक योगदान देकर प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल इलाज प्राप्त कर सकेंगे। इस विस्तार से मध्यम और उच्च आय वाले अधिक से अधिक परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले खर्च के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
योजना के अनुसार, 3 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय वाले परिवारों को प्रति वर्ष 4,000 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार 5,000 रुपये प्रति वर्ष का योगदान देंगे। पात्र परिवार पैनलबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त (कैशलेस) इलाज पाने के हकदार होंगे। पात्रता का सत्यापन परिवार पहचान पत्र (PPP) डेटाबेस के माध्यम से किया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस विस्तार से जेब से होने वाले मेडिकल खर्च को कम करने में मदद मिलेगी और अप्रत्याशित मेडिकल आपात स्थितियों का सामना कर रहे परिवारों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। मौजूदा आय श्रेणियों से परे कवरेज का विस्तार करके, सरकार का उद्देश्य हरियाणा के अधिक से अधिक निवासियों तक गुणवत्तापूर्ण अस्पताल देखभाल पहुंचाना है।
यह योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के ढांचे का पालन करती है और इसमें माध्यमिक व तृतीयक (सेकेंडरी और टर्शरी) स्वास्थ्य देखभाल शामिल है। इसमें 2,694 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनके अंतर्गत सर्जिकल प्रक्रियाएं, चिकित्सा उपचार और डे-केयर प्रक्रियाएं आती हैं। लागू पैकेजों के तहत निर्दिष्ट दवाओं और नैदानिक सेवाओं (डायग्नोस्टिक सर्विसेज) का खर्च भी कवर किया गया है।
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें पात्र परिवार के आकार या उसके सदस्यों की आयु की कोई सीमा नहीं है। सभी पूर्व-मौजूद (पहले से चली आ रही) बीमारियां भी कवर की गई हैं। इलाज की प्रक्रियाओं में अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक की जाने वाली जांचें और डिस्चार्ज के बाद 15 दिनों तक होने वाले पात्र चिकित्सा खर्च भी शामिल हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि लाभार्थी राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी प्रावधान के तहत भारत में कहीं भी पैनलबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। लाभार्थियों की शिकायतों के निवारण के लिए जिला और राज्य दोनों स्तरों पर एक शिकायत निवारण तंत्र काम करेगा। अस्पताल में भर्ती होने के समय लाभार्थियों को अपना आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नंबर या पीपीपी आईडी प्रदान करना होगा।
नामांकन प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाया गया है। पात्र परिवार आधिकारिक पोर्टल https://chirayuayushmanharyana.in/ के माध्यम से अपने वार्षिक योगदान का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी डेटाबेस एकीकरण के लिए सीआरआईडी (CRID) हरियाणा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ पात्र लाभार्थियों व सफल भुगतानों का विवरण साझा करेगी।
लाभार्थी कार्ड सरकारी अस्पतालों, कॉमन सर्विस सेंटरों , गांव स्तर के सीएससी ऑपरेटरों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से बनाए जाएंगे। प्रत्येक कार्ड एक वर्ष के लिए वैध रहेगा, जिसकी नीति अवधि 1 नवंबर से अगले वर्ष 31 अक्टूबर तक होगी। सरकार आने वाले वर्षों के लिए भुगतान की समय सीमा निर्धारित और घोषित करेगी।
अधिसूचना में कुछ छूट/अपवाद भी निर्दिष्ट किए गए हैं। केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं या चिकित्सा उपस्थिति योजनाओं के साथ-साथ सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत कवर किए गए व्यक्ति पात्र नहीं होंगे।
हरियाणा सरकार के कर्मचारी, सेवानिवृत्त राज्य सरकार के कर्मचारी और उनके आश्रित जो सरकार से चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) या कैशलेस इलाज के हकदार हैं, वे भी इस योजना से बाहर रहेंगे। इसी तरह, अन्य राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों के कर्मचारी व पेंशनभोगी तथा उनके आश्रित, यदि अपनी संबंधित सरकारों से चिकित्सा लाभ प्राप्त कर रहे हैं, तो वे भी पात्र नहीं होंगे।
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित और संशोधित प्रावधानों के अनुसार वय वंदना योजना के तहत कवर किया जाएगा।
यह विस्तार 1.80 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए मौजूदा चिरायु व्यवस्था को और आगे बढ़ाता है, जो प्रति परिवार प्रति वर्ष 1,500 रुपये का भुगतान करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
1 नवंबर (हरियाणा दिवस) से प्रभावी होने वाले इन नए प्रावधानों के साथ, यह विस्तार राज्य सरकार के उस प्रयास की दिशा में एक और कदम है, जिसके तहत सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाना और आबादी के एक बड़े हिस्से को अस्पताल में भर्ती होने के खर्चों से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
राज्य स्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह में सम्मानित होंगे एशियाई और पैरा-एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ी : खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
30 अक्टूबर को भिवानी के भीम स्टेडियम में होगा भव्य सम्मान समारोह का आयोजन
महिला हरियाणा स्टाइल कबड्डी और कुश्ती प्रतियोगिताएं रहेंगी आकर्षण का केंद्र
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चंडीगढ़, 27 अक्टूबर – हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के खिलाड़ियों की खेल उपलब्धियों को सम्मान देने और उनका उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भिवानी के भीम स्टेडियम में राज्य स्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे।
हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मंगलवार को पलवल में यह जानकारी देते हुए खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और प्रदेशवासियों से समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि खिलाडिय़ों की मेहनत, प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण का सम्मान करना प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खिलाडिय़ों की उपलब्धियां युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करती हैं और उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्यस्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह खिलाडिय़ों के योगदान को सम्मान देने और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
एशियाई और पैरा-एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को मिलेगी पुरस्कार राशि
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान एशियाई और पैरा-एशियाई खेलों में पदक जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित करते हुए करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह सम्मान खिलाडिय़ों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने और प्रदेश के युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से दिया जाएगा।
महिला हरियाणा स्टाइल कबड्डी मुकाबला रहेगा आकर्षण
सम्मान समारोह के दौरान हरियाणा और पंजाब की महिला टीमों के बीच हरियाणा स्टाइल कबड्डी का रोमांचक मुकाबला आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समारोह में कुश्ती प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा, जिसमें विजेता खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत समानता, सहयोग और सामाजिक एकता के प्रतीक – विपुल गोयल
राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने इंदिरा गांधी विष्वविद्यालय, मीरपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत
बाबूगिरी न्यूज़
चण्डीगढ़, 27 अक्तूबर – हरियाणा के राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श समानता, अहिंसा, सामाजिक एकता और परस्पर सहयोग की प्रेरणा देते हैं। उनकी ‘एक ईंट-एक रुपया’ की परंपरा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग देने और जरूरतमंदों को सशक्त बनाने का संदेश देती है। लगभग पांच हजार वर्ष पहले महाराजा अग्रसेन द्वारा दिए गए मूलमंत्र आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
राजस्व मंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी विष्वविद्यालय, मीरपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में ‘आधुनिक युग में अग्रसेन का दर्शन – सामाजिक जिम्मेदारी से लेकर स्टार्टअप और पेशेवर उत्कृष्टता तक’ विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
विपुल गोयल ने कहा कि अग्रवाल समाज ने सदैव सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आगे बढ़ाने तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं और सहयोग व सेवा की भावना से समाज को सशक्त बनाएं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों से प्रेरित होकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अग्रोहा धाम के लिए 40 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे वहां खुदाई कार्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और महाराजा अग्रसेन के जीवन, उनके विचारों तथा मानव कल्याण के लिए किए गए कार्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के नए अवसर मिलेंगे।
महाराजा अग्रसेन पीठ के शोधार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
मंत्री ने विष्वविद्यालय में स्थापित महाराजा अग्रसेन पीठ की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से महाराजा अग्रसेन के विचारों और सिद्धांतों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीठ में शोध कार्यों के लिए आरक्षित पीएचडी सीट का लाभ बताते हुए शोध सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि उनके आदर्शों और योगदान को अधिक विस्तार से समाज तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा अग्रसेन पीठ के अंतर्गत शोध कार्य करने वाले शोधार्थियों को 15-15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। साथ ही, समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले समाजसेवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा: राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष
– आरकेएसडी कॉलेज में किया गया 35वें दीक्षांत समारोह का आयोजन
– हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत
– लगभग 190 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को प्रदान की गईं डिग्रियां, विद्यार्थियों को दी सफलता की शुभकामनाएं
– कहा : डिग्री के साथ ज्ञान, चरित्र और मानवीय मूल्यों को जीवन का आधार बनाएं विद्यार्थी
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर – हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने कहा कि आज के दौर में दुनिया को केवल सवालों के जवाब जानने वाले लोगों की ही नहीं, बल्कि बेहतर सवाल पूछने और नई संभावनाओं को तलाशने का साहस रखने वाले युवाओं की भी आवश्यकता है। विद्यार्थियों की वास्तविक पहचान केवल उनकी डिग्री से नहीं, बल्कि उनकी सोच की गहराई, चरित्र की मजबूती और ज्ञान के मानवीय उपयोग से होती है। इसिलए आप सभी डिग्री धारक शिक्षा, नवाचार, उद्यमशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। साथ ही ज्ञान, चरित्र और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं।
राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष मंगलवार को कैथल स्थित आरकेएसडी कॉलेज के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लगभग 190 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह के दौरान उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा यह कार्यक्रम एक ओर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव है, वहीं दूसरी ओर उनके जीवन की नई यात्रा की शुरुआत भी है। आपने वर्षों तक जो ज्ञान अर्जित किया है और अब उनके सामने अपने विचारों, प्रतिभा तथा क्षमताओं से दुनिया को बेहतर बनाने का अवसर है। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, अनुभव, नई सोच तथा सकारात्मक बदलाव में बदलने का प्रयास करना चाहिए।
राज्यपाल प्रो. घोष ने आरकेएसडी कॉलेज की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान में लगभग 5,000 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 2,600 छात्राएं शामिल हैं। संस्थान उनके शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को दिया गया ज्ञान, मार्गदर्शन और संस्कार जीवनभर उनकी अमूल्य पूंजी बने रहेंगे। शिक्षकों के विचार, व्यवहार और आदर्श विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1954 से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहा आरकेएसडी कॉलेज हरियाणा के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान रखता है। विशेष रूप से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रदेश में कोई भी विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रहे।
अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से हरियाणा को विकसित राज्य बनाने तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्ञान, नवाचार, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से ऐसा भविष्य तैयार करना होगा, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचे और सभी को समान अवसर, सम्मान तथा समृद्धि प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर राष्ट्रीय विद्या समिति के अध्यक्ष अश्वनी शोरवाला, समिति के पूर्व अध्यक्ष सतीश बंसल, साकेत मंगल एवं अनिल शोरवाला, उपाध्यक्ष महेश मंगल एवं श्याम बंसल, महासचिव पंकज बंसल, नगर पार्षद रोहन मित्तल, कोषाध्यक्ष अशोक मंगल, गवर्निंग बॉडी के कोषाध्यक्ष सुनील चौधरी, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल और उपप्राचार्य डॉ. राजबीर पाराशरश् नवनीत गोयल, अरुण सर्राफ, डा. सीबी सैनी सहित शिक्षकगण, गणमान्य व्यक्ति, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद के लिए तुरंत आगे आए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार
मानवता की मिसाल बने मंत्री, अपना काफिला रुकवाकर घायल चालक को पायलट गाड़ी से तुरंत भिजवाया अस्पताल
संकट की घड़ी में दिखाई संवेदनशीलता, घायल को समय पर उपचार दिलाने के लिए दिखाई तत्परता
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर- हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खनन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की सहायता के लिए तत्काल कदम उठाकर मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। सड़क पर हुए हादसे को देखकर मंत्री ने अपने काफिले को तुरंत रुकवाया और घायल चालक को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अपने काफिले में चल रही पायलट गाड़ी से अस्पताल भिजवाया। मंत्री की इस त्वरित पहल ने यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने और जरूरत के समय उसकी सहायता करने से बढ़कर कोई दूसरा कर्तव्य नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मंत्री कृष्णलाल पंवार आज पानीपत जिले के मडलौडा स्थित अपने निवास से चरखी दादरी में आयोजित कबड्डी खेल ट्रायल कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान 152-डी पर जींद जिले के जुलाना के पास एक पिकअप गाड़ी और कैंटर के बीच टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में पिकअप गाड़ी का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक राजस्थान के पिलानी का निवासी बताया गया है।
हादसे को देखते ही मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बिना किसी देरी के अपना काफिला रुकवाया और दुर्घटनास्थल पर घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपने काफिले में चल रही पायलट गाड़ी के माध्यम से घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, ताकि उसे जल्द से जल्द उपचार मिल सके। इस दौरान मंत्री ने प्राथमिकता घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने को दी।
मंत्री पंवार की यह पहल दर्शाती है कि जनसेवा का भाव केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए मौके पर आगे आना भी सामाजिक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में संवेदनशीलता के साथ त्वरित निर्णय लेना घायल व्यक्ति को उपचार तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है।
मानवता और संवेदनशीलता का दिया संदेश
मंत्री कृष्णलाल पंवार की इस पहल से यह संदेश सामने आया कि सड़क पर दुर्घटना में किसी व्यक्ति को घायल देखकर उसकी मदद के लिए आगे आना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना और जरूरतमंद की मदद करना मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है। मंत्री ने अपने कार्य से यह उदाहरण प्रस्तुत किया कि किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा और पीड़ित की सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सड़क हादसे के समय मंत्री द्वारा अपना काफिला रुकवाकर घायल चालक को अस्पताल भिजवाने की इस पहल ने मानवीय संवेदना, तत्परता और जनसेवा के महत्व को रेखांकित किया।
मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी राहत
हरियाणा सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ में किया शामिल
अब जोखिम और नुकसान की चिंता से मिलेगी मुक्ति
बाबूगिरी न्यूज
चंडीगढ़ , 27 अक्टूबर -हरियाणा सरकार ने राज्य के कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़े किसानों और व्यवसायियों के हित में एक और ऐतिहासिक तथा अनूठी पहल की है। प्रदेश सरकार ने अब “मधुमक्खी पालन” को “मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना” के दायरे में शामिल कर लिया है, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े पालकों को बड़ी वित्तीय सुरक्षा और राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार की इस नीति से मधुमक्खी पालन का व्यवसाय करने वाले उद्यमियों और किसानों के मन से प्राकृतिक आपदाओं और अनहोनी के कारण होने वाले नुकसान की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बाढ़ की स्थिति में मधुमक्खी के बक्से और कॉलोनियों के पानी में डूब जाने, आग लगने से उनके नष्ट होने, तथा ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) के दौरान दुर्घटना के कारण होने वाले नुकसान को कवर किया जाएगा, बशर्ते यह दुर्घटना हरियाणा राज्य के भीतर हुई हो और इसकी आधिकारिक एफआईआर (FIR) या डीडीआर (DDR) दर्ज कराई गई हो।
इसके अलावा, मधुमक्खियों में किसी प्रकार की महामारी के कारण होने वाले नुकसान की स्थिति में भी मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
योजना की रूपरेखा और पात्रता स्पष्ट करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि इस बीमा का लाभ उठाने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियां और बक्से निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही, ‘भावांतर भरपाई योजना-शहद’ के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा तथा मधुमक्खी पालक को हर बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना यूनिट नंबर देना भी आवश्यक किया गया है।
बीमा शुल्क और मिलने वाली सहायता राशि का जिक्र करते हुए श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इसके लिए बेहद मामूली शुल्क रखा गया है, जिसमें 50 रुपये प्रति कॉलोनी एवं 50 रुपये प्रति बॉक्स बीमा फीस तय की गई है। इसके बदले में किसानों को 1250 रुपये प्रति कॉलोनी एवं 1250 रुपये प्रति बॉक्स की बीमा राशि मिलेगी, जिसमें अधिकतम बीमा राशि 3,12,500 रुपये प्रति कॉलोनी एवं 3,12,500 रुपये प्रति बॉक्स तक हो सकती है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने मधुमक्खी पालकों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है, या फिर उद्यान विभाग, हरियाणा के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल करके सहायता प्राप्त की जा सकती है।












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