October 29, 2026 8:03 pm

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लायन नवीन कांसल को मिला प्रतिष्ठित ‘मेल्विन जोन्स फेलो’ सम्मान, मानव सेवा में योगदान को मिली पहचान

लायंस क्लब्स इंटरनेशनल फाउंडेशन ने किया सम्मानित, कैथल से संबंध और पंचकूला में रहकर लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय हैं नवीन कांसल

बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 29 अक्तूबर। समाज सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और मानवता के प्रति समर्पण के लिए लायन नवीन कांसल को लायंस क्लब्स इंटरनेशनल फाउंडेशन (एलसीआईएफ) की ओर से प्रतिष्ठित ‘मेल्विन जोन्स फेलो’ (एमजेएफ) सम्मान से सम्मानित किया गया है। कुरुक्षेत्र में आयोजित एक विशेष सभा में लायंस इंटरनेशनल के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट विनय मित्तल और पास्ट इंटरनेशनल डायरेक्टर जितेंद्र चौहान ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान समाज कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
नवीन कांसल की इस उपलब्धि से उनके परिवार, सहयोगियों और लायंस परिवार में खुशी का माहौल है। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय लोगों ने भी इसे सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने वाली उपलब्धि बताया है।

जरूरतमंदों की सहायता को मानते हैं सामाजिक जिम्मेदारी

कैथल से संबंध रखने वाले और वर्तमान में पंचकूला में रह रहे लायन नवीन कांसल लंबे समय से सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की वास्तविक प्रतिष्ठा केवल उसके पद, पहचान या उपलब्धियों से तय नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह जरूरत के समय दूसरों के कितने काम आता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कितना योगदान देता है।
इसी सोच के साथ वह लायंस इंटरनेशनल के माध्यम से सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने के प्रयासों में भागीदारी निभा रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता करना, सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सहयोग देना और अन्य लोगों को जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करना उनकी सेवा भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्या है मेल्विन जोन्स फेलो सम्मान?
‘मेल्विन जोन्स फेलो’ सम्मान लायंस क्लब्स इंटरनेशनल फाउंडेशन से जुड़ा एक प्रतिष्ठित सम्मान है। इसका नाम लायंस इंटरनेशनल के संस्थापक मेल्विन जोन्स के नाम पर रखा गया है। यह सम्मान फाउंडेशन के मानवीय सेवा मिशन में महत्वपूर्ण योगदान और सहयोग से जुड़ा है।
लायंस क्लब्स इंटरनेशनल फाउंडेशन विभिन्न मानवीय एवं जनकल्याणकारी कार्यों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के उद्देश्य से काम करता है। ऐसे सम्मान सेवा कार्यों में योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ समाज में परोपकार, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देने में भी भूमिका निभाते हैं।
नवीन कांसल को मिला यह सम्मान इस बात को रेखांकित करता है कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और मानवता की सेवा करने के प्रयासों का महत्व व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं आगे है।

‘हम सेवा करते हैं’ के मूल मंत्र से प्रेरित हैं नवीन कांसल
लायंस इंटरनेशनल का मूल मंत्र ‘वी सर्व’ यानी ‘हम सेवा करते हैं’ संगठन की कार्यशैली और उद्देश्य को अभिव्यक्त करता है। इस विचार के अनुसार, समाज की बेहतरी के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता, समय और संसाधनों के माध्यम से योगदान दे सकता है।
लायन नवीन कांसल भी इसी भावना से प्रेरित होकर सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी निभा रहे हैं। उनका सम्मान उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक है, जो समाज में जरूरतमंदों की सहायता करने और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

युवाओं को भी मिलेगी समाज सेवा की प्रेरणा
नवीन कांसल को मिले सम्मान को क्षेत्र के सामाजिक एवं सेवाभावी लोगों के लिए भी उत्साहवर्धक माना जा रहा है। ऐसी उपलब्धियां युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और उन्हें निस्वार्थ भाव से जनकल्याण के कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित करती हैं।
समाज में कई बार छोटी-सी सहायता भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। किसी असहाय व्यक्ति का सहारा बनना, जरूरतमंद परिवार की मदद करना या सामूहिक रूप से सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना सेवा की भावना को साकार करता है। इसी सोच को आगे बढ़ाने में सामाजिक संगठनों और उनके सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

सम्मान को बताया नई जिम्मेदारी निभाने का अवसर
लायन नवीन कांसल ने इस सम्मान के लिए लायंस इंटरनेशनल के पदाधिकारियों, सदस्यों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस उपलब्धि को मानवता की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और मजबूत करने वाला अवसर बताया तथा समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उनका सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं के महत्व को सामने लाने वाला अवसर भी है। यह संदेश देता है कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब लोग अपने व्यक्तिगत हितों से आगे बढ़कर दूसरों की जरूरतों को समझें और उनकी सहायता के लिए तत्पर रहें।
सेवा ही संकल्प, मानवता ही धर्म — ‘वी सर्व’, अर्थात हम सेवा करते हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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