मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेचने का काम कर रहे राहुल गांधी : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
गरीब, किसान और देश को मजबूत करने के लिए काम कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांग्रेस विरोध कर रही : मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकाल में बनाए डॉक्टर-इंजीनियरों की सूची जारी करें, झूठ बोलकर देश को गुमराह न करें
पंजाब में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा: जनता आम आदमी पार्टी को दिखाएगी बाहर का रास्ता
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 29 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और गरीब व्यक्ति को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गरीबों के घर उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर पहुंचाने और गरीबों को इलाज की सुविधा देने का काम किया, लेकिन कांग्रेस इन योजनाओं का भी विरोध करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह गरीबों के हित में किए जा रहे कामों का विरोध क्यों कर रही है।
हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को दुनिया का नंबर एक राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। किसानों को मजबूत करने के लिए उनके खातों में छह हजार रुपये की राशि पहुंचाई जा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणियां करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से परिवार को लेकर की गई टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और देश के लोग कांग्रेस को इसके लिए माफ नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर आपत्ति जताई।
‘मोहब्बत की दुकान’ में जहर बिक रहा है, देश-प्रदेश के लोग सब जानते हैं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्री राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, लेकिन देश और प्रदेश के लोगों को मालूम है कि इस दुकान में जहर बिक रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या श्री राहुल गांधी की इस दुकान में 1984 के दंगों की भी जगह है? क्या हरियाणा में कांग्रेस के समय लोगों के घर और दुकानें जलाने तथा दलितों की बस्तियां जलाने की घटनाओं को भी इस दुकान में सजाया जाएगा? राहुल गांधी को देश को बताना चाहिए कि क्या यही उनकी मोहब्बत की दुकान है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पाकिस्तान से आतंकवादी आते थे और लोगों की जान लेकर चले जाते थे। उस समय आतंकवादी घटनाओं पर प्रभावी जवाब सामने नहीं आता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर रोक लगाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर सवाल उठाती रही है। हाल ही में बैलेट पेपर से हुए चुनावों के परिणामों में कांग्रेस की स्थिति क्या रही, यह भी उसे बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के इन आरोपों और बयानों को जनता समझ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान दंगों और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या श्री अखिलेश यादव भी श्री राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में शामिल होकर इन घटनाओं का जवाब देंगे? उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं को देश की जनता को बताना चाहिए कि उनकी मोहब्बत की दुकान में आखिर क्या बिक रहा है।
अरविंद केजरीवाल अपने दावों की सूची जारी करें : मुख्यमंत्री
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केजरीवाल दावा करते हैं कि उनके कार्यकाल में स्कूलों की ऐसी व्यवस्था की गई कि बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बन गए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो केजरीवाल को सूची जारी करनी चाहिए कि उनके कार्यकाल में कितने बच्चे डॉक्टर और कितने इंजीनियर बने।
उन्होंने कहा कि केवल बड़े-बड़े दावे करने और झूठ बोलने से काम नहीं चलता। देश को गुमराह करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केजरीवाल को अपने कार्यकाल में किए गए कामों और दावों का विवरण जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और पंजाब की जनता भी उसे बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर चुकी है।
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उठाए सवाल
पंजाब में जल्द चुनाव कराने की मांग से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब बदलाव चाहते हैं और प्रदेश को मजबूत बनाना चाहते हैं।
पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच साल तक लोगों को चुटकुले सुनाकर पेट नहीं भरा जा सकता। नशा खत्म करने को लेकर किए गए दावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के समय अब पंजाब के लोग इन दावों का हिसाब मांग रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा दिखाई दे रहा है। कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग कांग्रेस से भी परेशान हैं।
खनन के मुद्दे पर कांग्रेस और आप पार्टी को घेरा
पंजाब में अवैध खनन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा खनन मामले को लेकर उठाए गए सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि चन्नी के कार्यकाल में खनन के मामलों की स्थिति क्या थी, यह उन्हें भी याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों के कामकाज को देख चुकी है।
गुजरात दौरे से हरियाणा में निवेश की उम्मीद, उद्योगों को किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री ने अपने गुजरात दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को एक मजबूत और दिशा देने वाले प्रदेश के रूप में खड़ा किया है। गुजरात दौरे के दौरान उद्योगों को हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े उद्योगों ने हरियाणा में रुचि दिखाई है और एमओयू हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि गुजरात के उद्योगों ने हरियाणा में निवेश के प्रति रुचि दिखाई है।
गन्ना किसानों के हित में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बड़ी घोषणा, दो साल में 35 रुपये बढ़ेगा गन्ने का भाव
2026-27 में 430 रुपए और 2027-28 में 450 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा गन्ने का भाव
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 29 अक्टूबर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए अगले दो वर्षों के लिए गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2026-27 के सीजन में गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जबकि वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। इस तरह दो वर्षों में गन्ने के भाव में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2025-26 में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल था। इसे 15 रुपये बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 430 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। इसके बाद वर्ष 2027-28 में किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गन्ने का भुगतान होगा।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर गन्ने की पैदावार 700 से 800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है। इस आधार पर गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों की आय प्रति सीजन, प्रति एकड़ 10 हजार रुपये से 11 हजार 300 रुपये तक बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों कई किसान संगठनों से मुलाकात के दौरान किसानों ने डीजल, मजदूरी और खाद की कीमतें बढ़ने से खेती की लागत बढ़ने की चिंता व्यक्त की थी। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने से किसानों को बढ़ी हुई लागत की भरपाई में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गन्ने का भाव बढ़ने से किसान इसकी खेती करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे गन्ने की अधिक पैदावार होगी और चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकेगा। इससे मिलें अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अगले वर्ष का भाव पहले से घोषित होने पर किसानों को अपनी खेती की योजना बनाने में आसानी होगी। राष्ट्रीय स्तर पर गन्ने की कमी के बीच यह कदम किसानों को दूसरी फसलों की ओर रुख करने से रोकने में भी मदद करेगा।
5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अंबाला में ‘आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक-1857’ का लोकार्पण: ऊर्जा मंत्री अनिल विज
– कहा ,आजादी के गुमनाम नायकों को मिलेगा सम्मान
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 29 अक्टूबर – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि आगामी 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंबाला छावनी में निर्मित ‘‘आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक-1857’’ का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में एक जनसभा को भी अमित शाह सम्बोधित करेंगे।
उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य उन सभी वीरों को सम्मान देना है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और जिनके योगदान को उचित पहचान नहीं मिल पाई। वहीं, श्री विज ने दावा किया कि 1857 की क्रांति के बाद सितंबर, 1857 में अंबाला छावनी में 5वीं और 60वीं नेटिव इन्फैंट्री के परेड ग्राउंड में महज 10 मिनट के भीतर 135 सैनिक मारे गए, 33 को बंदी बना लिया गया और लगभग 40 सैनिक भागने में सफल रहे।
विज आज अम्बाला छावनी के पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि लगभग 22 एकड़ में फैला यह स्मारक एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक है और 1857 की क्रांति को समर्पित देश का पहला स्मारक है। उन्होंने कहा कि स्मारक के भीतर अंबाला छावनी से शुरू होकर देश के विभिन्न हिस्सों में लड़ी गई लड़ाई के प्रमुख घटनाक्रमों को पुनर्निर्मित कर प्रदर्शित किया गया है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को शहीद स्मारक का भ्रमण कराने का निर्णय लिया है और इस संबंध में आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
पीएम की राष्ट्र सेवा पर सुपवा की नाट्य प्रस्तुति 30 को
– पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजन, मुख्यमंत्री होंगे मुख्यातिथि
– सेवा संकल्प के तहत छात्रों ने तैयार किया थियेटर ‘शून्य से शिखर तक’
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़ ,29 अक्टूबर – दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) रोहतक व प्रदेश सरकार के सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से कल 30 अक्टूबर को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में सेवा संकल्प अभियान के तहत नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान डीएलसीसुपवा के छात्रों द्वारा तैयार किए गए थियेटर ‘शून्य से शिखर तक’ के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, संघर्ष, राष्ट्र सेवा व सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं दर्शाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्यातिथि होंगे।
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि छात्रों द्वारा तैयार ‘शून्य से शिखर तक’ के माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन की यात्रा व राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को थियेटर के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी की टीम आज रोहतक से पंचकूला के लिए रवाना हो गई है। यह थियेटर सेवा संकल्प के तहत छात्रों ने तैयार किया है। इसमें पीएम के जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्षों, चुनौतियों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े प्रसंगों को नाटकीय रूप में पिरोया गया है। इसका उद्देश्य दर्शकों तक उनकी जीवन यात्रा के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली तरीके से पहुंचाना है। थियेटर में संवाद, अभिनय, संगीत और मंच सज्जा के माध्यम से कहानी को जीवंत बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि छात्रों ने इसे तैयार करने के लिए नाट्य कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति का सहारा लिया है। छात्रों के लिए यह आयोजन अपनी अभिनय प्रतिभा, लेखन, निर्देशन व सामूहिक कार्यक्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर भी है। थियेटर के माध्यम से किसी व्यक्तित्व की जीवन यात्रा को प्रस्तुत करने के लिए तथ्यों, घटनाओं व भावनात्मक प्रसंगों को एक सूत्र में पिरोना महत्वपूर्ण होता है। ‘शून्य से शिखर तक’ इसी विचार को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के. मकरंद पांडुरंग ने बताया कि इंद्रधनुष ऑडिटोरियम पंचकूला में होने वाली इस प्रस्तुति में दर्शकों को नाट्य कला के जरिए राष्ट्र सेवा से जुड़े विचारों व प्रसंगों को देखने का अवसर मिलेगा। ऐसे आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा सामने लाने के साथ-साथ सामाजिक व राष्ट्रीय विषयों पर रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का मंच भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि ‘शून्य से शिखर तक’ की प्रस्तुति के जरिए छात्रों ने एक ऐसी नाट्य रचना तैयार की है, जिसमें संघर्ष से उपलब्धि तक की यात्रा को रंगमंचीय भाषा में अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम के दौरान दर्शक अभिनय और संवादों के माध्यम से इस यात्रा के विभिन्न पहलुओं से रूबरू होंगे। उन्होंने बताया कि थियेटर प्रस्तुति के दौरान रंगमंच प्रेमियों व शहरवासियों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा।
सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 अक्तूबर से शुरू
– 26 नंवबर तक बिना विलंब शुल्क करें आवेदन
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़ , 29 अक्तूबर – हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (नियमित) एवं गुरूकुल/विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिक/उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2027 के लिए 30 अक्तूबर, 2026 से ऑनलाइन आवेदन-पत्र लाईव होंगे। संबंधित विद्यालय मुखिया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर निर्धारित तिथियों अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी स्थाई/अस्थाई मान्यता प्राप्त राजकीय/अराजकीय विद्यालयों एवं गुरूकुल/विद्यापीठ वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2027 के लिए 30 अक्तूबर से 26 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क आवेदन कर सकते हैं। इसके पश्चात 27 नवंबर से 30 नवंबर तक 100 रूपये विलंब शुल्क सहित, 01 दिसंबर से 04 दिसंबर तक 300 रूपये विलंब शुल्क सहित तथा 5 दिसंबर से 8 दिसंबर, 2026 तक 1000 रूपये विलंब शुल्क सहित ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि उपरान्त कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि सैकेण्डरी परीक्षा हेतु नियमित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 1150 रूपये, माईग्रेशन शुल्क 100 रूपये कुल 1250 रूपये के साथ-साथ 100 रूपये प्रति प्रायोगिक विषय परीक्षा शुल्क अलग से देय होगा। इसी प्रकार सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा हेतु नियमित परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 1200 रूपये, माईग्रेशन शुल्क 100 रूपये कुल 1300 रूपये शुल्क तथा प्रति प्रायोगिक विषय परीक्षा शुल्क100 रूपये अलग से निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त यदि सीनियर सैकेण्डरी परीक्षार्थी द्वारा अतिरिक्त विषय की परीक्षा दी जानी है, तो उसे परीक्षा शुल्क के अलावा 200 रूपये अतिरिक्त विषय शुल्क जमा करवाना होगा।
धूपड़ ने बताया कि विद्यालयी/गुरूकुल/विद्यापीठ मुखिया ऑनलाइन पंजीकरण के लिए शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक पर लॉगिन करें। सभी विद्यालय/गुरूकुल/विद्यापीठ के मुखिया बोर्ड वेबसाइट व संबंधित विद्यालयों की लॉगिन आई.डी. पर दिए गए दिशा-निर्देशों को भली-भांति पढऩे उपरांत ही समय रहते परीक्षार्थियों के ऑनलाइन पंजीकरण करना सुनिश्चित करें।
बोर्ड अध्यक्ष ने सभी संबंधित विद्यालयों के मुखियाओं को निर्देश देते हुए कहा कि जिन परीक्षार्थियों के ऑनलाइन आवेदन भरे जाने हैं, उनके विवरण विद्यालय रिकार्ड अनुसार सही होने चाहिए, इसलिए आवेदन करते समय विवरणों को भली-भांति जांच लें। यदि आवेदन-पत्र में किसी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है, तो विद्यालय मुखिया स्वयं ज़िम्मेवार होंगे। परीक्षा आरंभ होने पर फोटो/हस्ताक्षर संबंधी त्रुटि ठीक नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के आवेदन ऑनलाइन करते समय अपार आई.डी. (UDISE Code)को ऑप्शनल तथा यू-डायस कोड (APAAR ID)के कॉलम को पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य है। उन्होंने आगे बताया कि ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान के लिए हैल्पलाईन नंबर 01664-254300 पर संपर्क कर सकते हैं।
किशोरावस्था के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में माता-पिता को करेगा शामिल : आरती सिंह राव
-एनएचएम हरियाणा और स्कूल शिक्षा विभाग ‘साथ’ (SAATH) कार्यक्रम शुरू करने के लिए तैयार
– माता-पिता को तनाव पहचानने, बेहतर ढंग से सुनने और अपने किशोर बच्चों के लिए समय पर मदद लेने में मदद करने के लिए स्कूलों में आयोजित होंगे मासिक सत्र
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 29 अक्टूबर – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा , इसके लिए स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ मिलकर एक वार्षिक ‘साथ’ (SAATH — Support & Awareness for Adolescents Through Parents) गतिविधि कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
आरती सिंह राव ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से ‘साथ’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह एक राज्यव्यापी कार्यक्रम है जो स्कूलों को माता-पिता, शिक्षकों और स्वास्थ्य प्रणाली के बीच एक नियमित बैठक स्थल में बदल देगा। स्कूलों में आयोजित होने वाले मासिक सत्रों के माध्यम से, 10 से 19 वर्ष की आयु (कक्षा 6वीं से 12वीं) के किशोरों के माता-पिता और अभिभावक भावनात्मक तनाव के शुरुआती लक्षणों को पहचानना, अपने बच्चों से खुलकर बात करना और मदद के लिए सही जगह से संपर्क करना सीखेंगे। किसी भी समस्याग्रस्त बच्चे को एक स्पष्ट प्रक्रिया के तहत सहायता दी जाएगी: शिक्षक या माता-पिता से स्कूल काउंसलर, फिर सीएचसी (CHC), किशोर स्वास्थ्य या आरबीएसके (RBSK) सेवाओं तक, और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ देखभाल तक — जहाँ हर चरण में फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर. एस. ढिल्लों ने इस बारे में आगे जानकारी देते हुए बताया कि किशोरावस्था अपने साथ परीक्षा का दबाव, सहपाठियों के साथ मनमुटाव, बुलिंग (चिढ़ाना या डराना), डिजिटल एक्सपोजर और कुछ मामलों में तंबाकू, शराब या नशीली दवाओं का शुरुआती सेवन लेकर आती है। इनमें से अधिकांश समस्याएं सबसे पहले घर पर दिखाई देती हैं। फिर भी माता-पिता अक्सर इस बात पर विश्वसनीय जानकारी पाने में पीछे रह जाते हैं कि क्या सामान्य है और किस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। ‘साथ’ कार्यक्रम इसी अंतर को खत्म करने का प्रयास करता है। इसके सत्रों में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक तंदुरुस्ती, बुलिंग, हिंसा, नशीले पदार्थों के सेवन के जोखिम और कब तथा कैसे मदद ली जाए, जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इसमें व्यावहारिक बातों पर जोर दिया गया है कि बिना किसी पूर्वाग्रह के बच्चों की बात कैसे सुनें, बातचीत का जरिया हमेशा कैसे खुला रखें और किन चेतावनी संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉ. ढिल्लों ने आगे कहा कि हमारे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भाग्य के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, और न ही यह केवल स्कूलों या अस्पतालों की जिम्मेदारी हो सकती है। बच्चे में जब भी कोई बदलाव आता है, तो माता-पिता सबसे पहले उसे पहचानते हैं, और ‘साथ’ के माध्यम से हम उन्हें सुनने, समझने और समय पर कदम उठाने के लिए सक्षम बनाना चाहते हैं। माता-पिता, शिक्षकों और हमारी स्वास्थ्य टीमों को एक मंच पर लाकर, हम परिवार से लेकर स्कूल और क्लिनिक तक देखभाल की एक निरंतर श्रृंखला बना रहे हैं। हरियाणा में किसी भी माता-पिता को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उन्हें अपने बच्चे की समस्याओं का सामना अकेले करना पड़ रहा है। सहायता उपलब्ध है, और टेली-मानस 14416 केवल एक कॉल दूर है।
डॉ. ढिल्लों ने यह भी बताया कि प्रत्येक भागीदार स्कूल नामित स्वास्थ्य और शिक्षा नोडल व्यक्तियों के साथ एक वार्षिक ‘साथ’ गतिविधि कैलेंडर तैयार करेगा। प्रत्येक सत्र का संचालन एक स्कूल नोडल व्यक्ति, एक प्रशिक्षित सूत्रधार (फैसिलिटेटर) और एक संबद्ध किशोर अनुकूल स्वास्थ्य क्लिनिक – एएफएचसी (मित्रता क्लिनिक) द्वारा किया जाएगा। माता-पिता को स्कूल के मौजूदा माध्यमों से आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें पहला निमंत्रण 7-10 दिन पहले और फिर तिथि के करीब रिमाइंडर भेजा जाएगा। निमंत्रण विषय-आधारित और सामान्य होंगे — उदाहरण के लिए, किशोरों में तनाव और भावनात्मक परिवर्तनों पर एक सत्र। किसी भी माता-पिता को केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए यह नहीं कहा जाएगा कि उनके बच्चे को कोई समस्या है। इसका उद्देश्य इन चर्चाओं को सामान्य बनाना है, न कि बच्चों पर कोई ठप्पा (लेबल) लगाना।
प्रदेश सरकार किसानों को उन्नत तकनीक का बीज मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध : श्री श्याम सिंह राणा
– आलू प्रौद्योगिकी केंद्र, शामगढ़, करनाल पर आलू की विभिन्न किस्मों का बीज उपलब्ध
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़ , 29 अक्टूबर – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक व उन्नत तकनीक और बेहतरीन बीज मुहैया कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य के आलू उत्पादक किसानों को अच्छी गुणवत्ता का आलू-बीज उपलब्ध करवा कर उनकी आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
राणा ने बताया कि इसी दिशा में कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने आलू प्रौद्योगिकी केंद्र, शामगढ़, करनाल पर आलू की विभिन्न किस्मों का बीज उपलब्ध करवा दिया गया है, ताकि किसान अपनी आलू की उपज का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकें।
कृषि मंत्री ने किसानों का आह्वान किया कि वे विभाग के पोर्टल (nursery.hortharyana.gov.in या Hortsalenet Portal) पर जाकर अपनी आवश्यकतानुसार आलू बीज की ऑनलाइन बुकिंग करवा सकते हैं। आलू प्रौद्योगिकी केंद्र, शामगढ़ में उपलब्ध बीज की किस्मों, क्लास और साइज के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में K. Pukhraj किस्म (क्लास: Early Generation Seed – Year-3) का 1097.5 क्विंटल सीड साइज उपलब्ध है, जबकि K. Frysona किस्म (क्लास: PTCMT) के 38000 nos. उपलब्ध हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते इन उन्नत बीजों की बुकिंग करवाएं।
हरियाणा सरकार की विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आम नागरिकों को अभिलेखी कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान की तैयारी
– इसके लिए “धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम” का किया शुभारंभ
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़ , 29 अक्टूबर – हरियाणा राज्य अभिलेखागार विभाग द्वारा राज्य की प्रशासनिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अभिलेखी धरोहर के संरक्षण, प्रबंधन और अध्ययन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “धरोहर शास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम” का शुभारंभ किया जा रहा है, जो हरियाणा की दस्तावेज़ी विरासत से सीखने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो अनुभवात्मक शिक्षा, कौशल विकास एवं धरोहर जागरूकता को प्रोत्साहित करता है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह इंटर्नशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आम नागरिकों को अभिलेखी कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न विषयों के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिसमें इतिहास विषय के लिए डिप्लोमा धारक, स्नातक (द्वितीय वर्ष से), स्नातकोत्तर व शोधार्थी पात्र हैं; अभिलेख विज्ञान के लिए इतिहास, धरोहर या पुरातन विषयों में रुचि रखने वाले न्यूनतम स्नातक आवेदक आवेदन कर सकते हैं; पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के लिए उपयुक्त शैक्षणिक दस्तावेजों सहित विदेशी नागरिक भी पात्र हैं; वहीं अन्य सामाजिक विज्ञान एवं मानवीकी विषयों के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान या प्रासंगिक पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इन सभी विषयों के अंतर्गत इंटर्नशिप की अवधि 1 माह निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करते समय अपना अनिवार्य सीवी (CV), उद्देश्य विवरण (Statement of Purpose) तथा अन्य सहायक दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकते है।
प्रवक्ता के अनुसार इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं में हरियाणा की अभिलेखी धरोहर व दस्तावेजों से जुड़ने का अवसर, संरक्षण, अभिलेखीकरण व डिजिटलीकरण की व्यावहारिक समझ तथा शैक्षणिक एवं व्यावसायिक कौशल विकास का उत्कृष्ट माध्यम शामिल है।
उन्होंने आगे बताया कि अधिक जानकारी या सहायता के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.haryanaarchives.gov.in पर विजिट किया जा सकता है, ई-मेल archives@hry.nic.in पर संपर्क किया जा सकता है या दूरभाष नंबर 0172-2992112 पर संपर्क किया जा सकता है।
विश्व स्ट्रोक दिवस
प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में स्ट्रोक से बचाव के लिए उपलब्ध हैं बेहतर इलाज-सुविधाएं : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
-सलाह ,स्ट्रोक से बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़ , 29 अक्टूबर -हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने “विश्व स्ट्रोक दिवस” (29 अक्टूबर 2026) के अवसर पर प्रदेशवासियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है, ताकि स्ट्रोक (मस्तिष्क के दौरे) के खतरों से मुक्त रहा जा सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिला सिविल अस्पतालों में बेहतर स्ट्रोक केयर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्ट्रोक जैसी आपात स्थिति में “हर मिनट जरूरी होता है”, इसलिए सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान करना और तुरंत इलाज पाना बेहद महत्वपूर्ण है।
आरती सिंह राव ने स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की पहचान के लिए “जल्दी करें” (BE FAST) सूत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक संतुलन खोना, देखने में धुंधलापन आना, चेहरे के एक तरफ अचानक कमजोरी या झुकाव व सुन्नपन आना, बांह में कमजोरी या सुन्नता महसूस होना, अथवा बोलने में कठिनाई या अस्पष्ट वाणी होना जैसी समस्या महसूस होती है, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना समय गंवाए (Time – T) तुरंत आपात स्थिति के लिए 112 नंबर पर कॉल करें और मरीज को नजदीकी जिला सिविल अस्पताल लेकर जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा कि ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और वजन को हमेशा नियंत्रण में रखकर स्ट्रोक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने स्ट्रोक से बचाव के उपाय बताते हुए लोगों को अत्यधिक नमक और मीठी चीजों का सेवन कम करने, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करने तथा तंबाकू एवं शराब के सेवन से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी।
आरती सिंह राव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा द्वारा आमजन की जागरूकता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।













Total Users : 441229
Total views : 700962