पासपोर्ट बनवाने की मांग घटी, क्योंकि युवा अब पंजाब में ही अपना भविष्य बना रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पहले रोजगार के अवसर न होने के कारण युवा विदेश जाने के लिए मजबूर थे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमने 70,000 सरकारी नौकरियां दीं, भर्ती के बदले पैसे लेने का हम पर कोई आरोप नहीं लगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
आज पंजाब के हर गांव के विकास पर खर्च किए जा रहे हैं करोड़ों रुपये: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर के चलते इस वर्ष 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सत्ता की भूख में आपस में लड़ने वाले कांग्रेसी और अकाली नेता पंजाब का भला नहीं कर सकते: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
नशों के नाम पर पंजाब को बदनाम करने वालों को देना होगा हिसाब; मुख्य सरगना के खिलाफ 40,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मजीठिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल, अब जवाबदेही से नहीं बच सकेंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों से किया संवाद
बाबूगिरी न्यूज़
लुधियाना/जगराओं, 29 अक्टूबर, 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि उनकी सरकार पंजाब में ही रोजगार के अवसर पैदा कर रही है, जिससे युवा विदेश जाने के लिए मजबूर होने के बजाय अपने ही राज्य में अपना भविष्य संवार रहे हैं। उन्होंने युवाओं को 70,000 सरकारी नौकरियां देने, सरकारी स्कूलों में सुधार के परिणामस्वरूप इस वर्ष 882 विद्यार्थियों के नीट (राष्ट्रीय पात्रता कम प्रवेश परीक्षा) पास करने और गांवों के विकास के लिए करोड़ों रुपये के फंड जारी करने को पंजाब की बदलती तस्वीर का प्रमाण बताया। लुधियाना जिले के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के सर्वांगीण विकास कार्यों के लिए सरपंच को 51 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने किसानों और महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई तथा पंजाब की प्रगति के लिए काम करने के बजाय कुर्सी की खातिर आपस में लड़ने वाले कांग्रेसी और अकाली नेताओं पर तीखे निशाने साधे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब मजीठिया के लिए जवाबदेही से बचना मुश्किल हो जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, “आज लुधियाना के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जुटे लोगों को संबोधित किया और गांव के सर्वांगीण विकास के लिए सरपंच को 51 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से होने के कारण वह किसानों की मुश्किलों को भली-भांति समझते हैं। इसी कारण उनकी सरकार ने कृषि ट्यूबवेलों के लिए रात के बजाय दिन के समय बिजली देना शुरू किया है, ताकि किसानों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें भी अपने बैंक खाते और एटीएम तैयार रखें, क्योंकि सम्मान राशि जल्द ही उनके खातों में आने वाली है।
उन्होंने आगे कहा कि जहां विपक्षी दल आपसी पदों और कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं, वहीं उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य पंजाब की तरक्की और खुशहाली है।” जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जरनैलों और खिलाड़ियों की धरती के रूप में पहचाने जाने वाले पंजाब को नशों से जोड़कर बदनाम करने वालों को अपने गुनाहों का हिसाब देना पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि मुख्य सरगना के खिलाफ 40,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया गया है। उनके अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने अपने सत्ता के कार्यकाल के दौरान सरकारी गाड़ियों में नशे की तस्करी करवाई थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य के संसाधनों को लूटने और युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले ये लोग आपस में मिले हुए हैं और इन्हें अपने कुकर्मों का जवाब देना ही पड़ेगा। अपने निजी हितों की रक्षा के लिए एकजुट होने वाले राजनीतिक नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नेता अंदरखाते तो एकजुट रहते हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए सार्वजनिक रूप से लोगों में विभाजन पैदा करने वाले और आपसी कटुता बढ़ाने वाले बयान देते हैं। शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की भौगोलिक स्थिति और भाषा के बारे में उनकी समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने बादल परिवार के राजनीतिक वारिस की पंजाबी भाषा पर पकड़ को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “राज्य की भाषा और जमीनी हकीकत से कोसों दूर रहने वाले ये नेता कभी भी यहां के लोगों की आवाज नहीं बन सकते।
” कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पार्टी इसलिए हाशिये पर चली गई है, क्योंकि इसके नेता जनता की सेवा करने के बजाय मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने में अधिक दिलचस्पी रखते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के नेताओं का साझा मकसद केवल उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना है, क्योंकि उनकी सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, अकाली और भाजपा के नेता मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाने का कोई अवसर नहीं छोड़ते, लेकिन वे आपस में कभी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते। उनका साझा एजेंडा केवल मुझे सत्ता से हटाना है, क्योंकि हम पंजाब के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी ताकत के बल पर वे पंजाब विरोधी ताकतों को मात देते रहेंगे।”
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने उनकी सरकार को इसलिए नकार दिया था, क्योंकि वह आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों से पूरी तरह अनजान रहे। उन्होंने कहा कि सत्ता का इस्तेमाल संपत्तियां बनाने या अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा के लिए किया जाना चाहिए। अपनी सरकार के रोजगार संबंधी रिकॉर्ड को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के, पूरी पारदर्शिता के साथ केवल योग्यता के आधार पर युवाओं को 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। उन्होंने कहा, “पहले युवा पंजाब में रोजगार न मिलने के कारण विदेशों का रुख करने के लिए मजबूर थे और सरकारी नौकरियाँ केवल पैसे तथा राजनीतिक पहुँच रखने वालों को ही मिलती थीं। आज पंजाब में सरकारी नौकरी हासिल करने का एकमात्र आधार योग्यता है। हमारे युवाओं को बिना कोई पैसा दिए और बिना किसी सिफारिश के पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नौकरी पाने के अवसर मिल रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जिसमें युवा रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करने के बजाय पंजाब में ही अपना भविष्य बना सकें। उन्होंने कहा, “पंजाब की विकास नीति अवसरों का विस्तार करने, सार्वजनिक सेवाओं को और मजबूत बनाने तथा सरकारी संसाधनों को आम परिवारों तक पहुँचाने पर केंद्रित है।
” शिक्षा को गरीबी चक्र समाप्त करने का सबसे प्रभावी साधन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या केवल 80 थी। उन्होंने कहा, “देशभर में हर साल 30 लाख से अधिक विद्यार्थी नीट परीक्षा देते हैं। हमारे सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का यह परीक्षा उत्तीर्ण करना सरकारी शिक्षा के स्तर में आए सुधार को दर्शाता है। हम चाहते हैं कि आम परिवारों के बच्चों को भी डॉक्टर और अन्य पेशेवर बनने के वही अवसर मिलें, जो महंगे निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल मुफ्त सुविधाओं या कल्याणकारी कार्डों से गरीबी को स्थायी रूप से समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही स्थायी अवसर और सामाजिक प्रगति प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के पैसे को सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और शिक्षा के विस्तार पर खर्च कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे रात के समय खेतों में सिंचाई करने की कठिनाइयाँ समाप्त हो गई हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने सड़कों में सुधार किया, आम लोगों की जेब पर बोझ डालने वाले टोल प्लाजा बंद किए, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया और गाँवों के बुनियादी ढाँचे में निवेश किया। टोल प्लाजा बंद होने से लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बच रहे हैं। करों के माध्यम से एकत्र किया गया एक-एक रुपया जनता का है। इस पैसे का ईमानदारी से जनता के कल्याण के लिए उपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है। लोगों का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, बिजली और विकास कार्यों के माध्यम से वापस उन्हीं तक पहुँचना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गाँवों के विकास के लिए अनुदान दिए जा रहे हैं और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण समुदायों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा तथा सुविधाएँ उपलब्ध हों। नशों के विरुद्ध लड़ाई में खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए पंजाबभर में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के बुनियादी ढाँचे में निवेश से ग्रामीण युवाओं को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और नशों की राह पर जाने वाले युवाओं को एक सार्थक विकल्प उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा के लिए ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है। उन्होंने इस योजना को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य सुविधाएँ कभी भी ऐसा बोझ नहीं बननी चाहिए, जो परिवारों को कर्ज के नीचे दबा दें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग खर्च की चिंता किए बिना अपना इलाज करवा सकें।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की प्रत्येक पात्र महिला को वित्तीय सहायता दी जा रही है । इसके अंतर्गत पंजाब की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएँ भी इस योजना की पात्र होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है और इसे लागू करने के लिए राज्य के बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने बैंक खाते सक्रिय रखें और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि उन्हें बिना किसी परेशानी के वित्तीय सहायता मिल सके। सिंचाई के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,587 गाँवों के खेतों तक नहरी पानी पहुँचाया गया है, जहाँ पहले कभी नहरी पानी नहीं पहुँचता था। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और किसानों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद नहरी सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। वर्ष 2022 में नहरी पानी केवल 20.89 लाख एकड़ क्षेत्र तक पहुँचता था, जो अब बढ़कर 60.30 लाख एकड़ हो गया है।”
उन्होंने आगे बताया कि राज्यभर में आवागमन को सुगम बनाने और संपर्क व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार का मुख्य ध्यान जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास पर रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब के लोग उन कार्यों में सरकार का हमेशा साथ देंगे, जो उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्रित हैं।
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