October 12, 2026 1:18 pm

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प्रकृति के साथ जीने से बेहतर स्वास्थ्य

डॉ विजय गर्ग
आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। शोध बताते हैं कि प्रकृति के साथ जुड़ने से न केवल तनाव कम होता है बल्कि मूड बेहतर होता है और सकारात्मक भावनाएँ बढ़ती हैं।
हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ योर्क द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि घर के आंगन या बाहर प्रकृति से जुड़ी गतिविधियाँ हमारे मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। 20 से 90 मिनट तक की ऐसी गतिविधियाँ, यदि 8 से 12 सप्ताह तक नियमित की जाएँ, तो इनके परिणाम और भी प्रभावशाली होते हैं।

अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष
डॉ पीटर कन्वेंट्री, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ साइंसेज के शोधकर्ता, कहते हैं कि यह तथ्य पहले से ज्ञात था कि प्रकृति हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इस अध्ययन ने इसे और भी पुख्ता कर दिया है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि प्रकृति से जुड़ी गतिविधियाँ अकेले या समूह में की जाएँ, दोनों ही फायदेमंद हैं। खास बात यह है कि आउटडोर गतिविधियाँ शारीरिक स्वास्थ्य की तुलना में मानसिक स्वास्थ्य में अधिक सुधार लाती हैं।

तनाव और थकान के बीच सुकून
आधुनिक जीवन में लोग अधिकतर समय घर या दफ्तर में, फोन, टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बिताते हैं। मानसिक थकान और तनाव के बीच प्रकृति के नज़दीक रहकर कुछ समय बिताने से तन और मन दोनों को विश्राम मिलता है। इससे हमारी एकाग्रता बढ़ती है, खुशी का अहसास होता है और रचनात्मक क्षमता भी बढ़ती है।

कौन-सी गतिविधियाँ हैं लाभकारी?
वॉकिंग और साइकिलिंग – वजन नियंत्रित रखने और मासंपेशियों के तनाव को कम करने के लिए।
लंबी पैदल यात्रा – हृदय प्रणाली पर दबाव कम करती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखती है।
खुले वातावरण में समय बिताना – विटामिन डी स्तर बढ़ता है, जिससे हड्डियाँ मजबूत होती हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहती है।
हरे-भरे स्थान पर सामाजिक संपर्क – चिंता और क्रोध कम करता है, अवसाद घटाता है।

हरियाली का सकारात्मक असर
प्राकृतिक रोशनी और हरियाली न केवल वयस्कों के लिए, बल्कि बच्चों के लिए भी फायदेमंद हैं। डेनमार्क में 1985 से 2003 के बीच जन्मे 9,00,000 बच्चों के अध्ययन से पता चला कि हरे-भरे क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में मानसिक विकारों का खतरा कम होता है।

रोजमर्रा में प्रकृति के साथ जुड़ने के आसान तरीके
10–15 मिनट धूप सेंकना।
घास पर पैदल चलना या पार्क में वॉक करना।
बालकनी या छत पर गार्डनिंग करना।
नदी या तालाब में नौका विहार।
पेड़ के नीचे बैठकर किताब पढ़ना।
पिकनिक या आउटडोर खेलों में भाग लेना।
प्रकृति के साथ समय बिताना न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह हमें जीवन में संतुलन, मानसिक शांति और खुशी भी प्रदान करता है।

डॉ विजय गर्ग
मैंसेवानिवृत्त प्रिंसिपल, मलोट, पंजाब

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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