April 12, 2026 3:16 pm

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अनुबंधित विश्वविद्यालय शिक्षकों की जॉब सिक्योरिटी का मुद्दा सदन में मजबूती से उठेगा: पूर्व सीएम हुड्डा

चंडीगढ़, 12 जनवरी 2026। हरियाणा के सरकारी विश्वविद्यालयों में कार्यरत पात्र अनुबंधित शिक्षकों की लंबित जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (हुकटा) के प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से रोहतक स्थित उनके निवास पर मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र में यह मुद्दा स्वयं उठाया था और अन्य सत्रों में भी कांग्रेस विधायकों द्वारा इसे लगातार उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि हरियाणा सरकार वर्ष 2025 के शीतकालीन सत्र में सेवा-सुरक्षा विधेयक लाकर विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करेगी। हुड्डा ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय को पूरी मजबूती से सदन में उठाएंगे और सरकार से देरी के कारणों पर सवाल करते हुए जल्द से जल्द जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
हुकटा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक और उपाध्यक्ष डॉ. शर्मिला यादव ने मांग की कि आगामी बजट सत्र में हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक (सेवा-सुरक्षा) विधेयक को शीघ्र सदन में प्रस्तुत कराया जाए, ताकि कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स और अन्य अनुबंधित कर्मचारियों की तरह विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों को भी कानूनी संरक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि जहां अन्य अनुबंधित कर्मचारियों के मामलों में सरकार ने समयबद्ध प्रक्रिया तय की है, वहीं विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों के लिए अब तक कोई स्पष्ट नीति लागू नहीं की गई है।
हुकटा की उपाध्यक्ष डॉ. शर्मिला यादव ने कहा कि जब तक जॉब सिक्योरिटी का कानून लागू नहीं होता, तब तक हजारों अनुबंधित शिक्षकों पर रोजगार छिनने का खतरा बना रहेगा। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी के बाद अब महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में भी लगभग 65 पात्र अनुबंधित शिक्षकों को बिना किसी कानूनी सुरक्षा के कार्यमुक्त किए जाने की आशंका है, जबकि कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सरकार द्वारा जॉब सिक्योरिटी दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि माननीय उच्च न्यायालय समय-समय पर यह स्पष्ट कर चुका है कि कर्मचारियों को लंबे समय तक अस्थायी रूप से रखना न्यायसंगत नहीं है।
हुकटा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने बताया कि इस गंभीर स्थिति से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्रक्रिया में अत्यधिक देरी के कारण अनुबंधित शिक्षक मानसिक तनाव और असुरक्षा के दौर से गुजर रहे हैं।
इस अवसर पर हुकटा के प्रतिनिधिमंडल में सुमन रंगा, अमित मलिक, सोहनलाल, संदीप कुमार, सुशील सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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Author: BabuGiri Hindi

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