April 12, 2026 11:13 am

April 12, 2026 11:13 am

हरियाणा सूचना आयोग में बढ़ा खालीपन: दो सूचना आयुक्तों का कार्यकाल समाप्त, अब 6 पद रिक्त

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़,12 अप्रैल 2026। हरियाणा में पारदर्शिता और सूचना के अधिकार से जुड़े अहम संस्थान राज्य सूचना आयोग में बड़ा प्रशासनिक खालीपन पैदा हो गया है। आज राज्य के दो सूचना आयुक्त—डॉ. कुलबीर छिकारा और डॉ. जगबीर सिंह—का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया।
इनके कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही आयोग में पहले से खाली पड़े चार पदों के साथ कुल रिक्त पदों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

पहले से 4 पद थे खाली, अब स्थिति और गंभीर
हरियाणा सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों के चार पद पहले से ही रिक्त थे। अब दो और पद खाली होने से आयोग में कुल 6 पद रिक्त हो गए हैं।
यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब सूचना आयोग आम नागरिकों को सूचना उपलब्ध कराने और अपीलों के निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
RTI मामलों के निपटारे पर पड़ सकता है असर
राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत किया गया है। आयोग में पर्याप्त संख्या में सूचना आयुक्त न होने से लंबित मामलों की संख्या बढ़ सकती है और अपीलों के निपटारे में देरी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पारदर्शिता व्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।

2025 में हुई थीं अहम नियुक्तियां
पिछले वर्ष मार्च 2025 में हरियाणा सरकार ने सूचना आयोग में नियुक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके बाद मई 2025 में:
टी.वी.एस.एन. प्रसाद को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया
अमरजीत सिंह, कर्मवीर सैनी, नीता खेड़ा और संजय मदान को सूचना आयुक्त बनाया गया
इन सभी का कार्यकाल मई 2028 तक रहेगा। हालांकि चयन प्रक्रिया के दौरान प्रियंका धूपड़ का नाम विवाद के चलते अंतिम समय में हटा दिया गया था।

संवैधानिक पहलू पर उठे सवाल
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार ने नियुक्तियों से जुड़े एक अहम संवैधानिक मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया है।
उन्होंने बताया कि डॉ. कुलबीर छिकारा और नीता खेड़ा, दोनों ही पहले हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के सदस्य रह चुके हैं।
संविधान के अनुच्छेद 319 के अनुसार, लोक सेवा आयोग का सदस्य रहने वाला व्यक्ति केवल UPSC या किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग में ही नियुक्त हो सकता है, अन्य सरकारी पदों पर नहीं।
हालांकि, इस आधार पर अब तक किसी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।

कानूनन 10 सूचना आयुक्त तक नियुक्ति संभव
RTI कानून के अनुसार, राज्य में एक मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा अधिकतम 10 सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं।
ऐसे में वर्तमान में 6 पदों का खाली होना यह दर्शाता है कि आयोग अपनी पूरी क्षमता से काफी कम संसाधनों में काम कर रहा है।

केंद्र के पैटर्न पर हरियाणा में भी जल्द हो सकती हैं नियुक्तियां
दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार ने केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के साथ आठ सूचना आयुक्तों की एक साथ नियुक्ति की थी।
इसी को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि हरियाणा सरकार भी जल्द ही सभी रिक्त पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

कार्यकाल, वेतन और योग्यता क्या है
RTI कानून के तहत:
सूचना आयुक्त का कार्यकाल: 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो)
2019 से पहले कार्यकाल 5 वर्ष होता था
वेतन: लगभग 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह
इन पदों पर कानून, प्रशासन, पत्रकारिता, सामाजिक सेवा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों की नियुक्ति की जाती है।

कैसे होती है नियुक्ति प्रक्रिया

1. सर्च कमेटी
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय IAS अधिकारियों की कमेटी
प्राप्त आवेदनों में से तीन गुना नाम शॉर्टलिस्ट करती है
2. चयन समिति
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति
मुख्यमंत्री
नेता प्रतिपक्ष
एक नामित कैबिनेट मंत्री
यह समिति अंतिम चयन करती है। कानूनन नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी अनिवार्य होती है।

अब सरकार पर टिकी नजरें
राज्य सूचना आयोग में बढ़ती रिक्तियों के बीच अब सभी की नजर हरियाणा सरकार पर है। यदि जल्द नियुक्तियां नहीं होतीं, तो RTI मामलों के निपटारे में देरी और पारदर्शिता व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इन पदों को भरना चाहिए, ताकि आम नागरिकों के सूचना के अधिकार की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित हो सके।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 5 4 6 0
Total Users : 295460
Total views : 499618

शहर चुनें