October 11, 2026 8:17 am

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पंजाब में कड़ाके की ठंड का कहर, कई जिलों में रेड अलर्ट; लुधियाना में 55 साल का रिकॉर्ड टूटा

लुधियाना/चंडीगढ़: पंजाब में भीषण ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा और शीत लहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। सोमवार को लुधियाना में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 7 डिग्री कम है। मौसम विभाग के अनुसार, 1970 के बाद 12 जनवरी को दर्ज किया गया यह तीसरा सबसे कम तापमान है। इससे पहले यह तापमान 10 और 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है।
मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को पंजाब के न्यूनतम तापमान में औसतन 0.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम है। प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में बल्लोवाल सौंखरी (एसबीएस नगर) शामिल रहा, जहां तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

अधिकतम तापमान में भी गिरावट
अधिकतम तापमान में भी 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मानसा में अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

शीत लहर और कोहरे को लेकर रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने शीत लहर और घने कोहरे को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
लोहड़ी के दिन (13 जनवरी) अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि, बारिश को लेकर फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

पतंग उड़ाने वालों के लिए खास सलाह
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और घने कोहरे से सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से लोहड़ी के दिन पतंग उड़ाने वाले बच्चों को बाहर न निकलने की अपील की गई है, क्योंकि शीत लहर के कारण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

गेहूं की फसल के लिए अनुकूल मौसम
पीएयू के मौसम विज्ञान विभाग की एक डॉक्टर ने बताया कि मौजूदा मौसम गेहूं की फसल के लिए काफी अनुकूल है। इस समय ठंड और कोहरे की जरूरत होती है, जो फसल को मिल रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान और गिर सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से कोहरे में बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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