May 5, 2026 1:53 pm

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अमेरिका-ग्रीनलैंड विवाद: ट्रंप ने पीएम नीलसन के बयान पर जताई नाराजगी

वॉशिंगटन/कोपेनहेगन: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के बजाय डेनमार्क के साथ बने रहने की इच्छा जताई थी। ट्रंप ने नीलसन की बात को खारिज करते हुए चेतावनी दी कि यह रुख उनके लिए “बड़ी समस्या” बन सकता है।

ट्रंप बोले- बयान से सहमत नहीं
संवाददाताओं से बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री की राय से सहमत नहीं हैं। ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता वह कौन हैं, मैं उन्हें नहीं जानता। लेकिन यह उनके लिए एक बड़ी समस्या होने वाली है।” ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वह लगातार ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक बयान दे रहे हैं।

डेनमार्क के साथ रहने की जताई इच्छा
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ कोपेनहेगन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ग्रीनलैंड के पीएम नीलसन ने साफ कहा कि आर्कटिक का यह स्वायत्त क्षेत्र अमेरिका में शामिल होने के बजाय डेनमार्क का हिस्सा बने रहना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम इस समय एक भू-राजनीतिक संकट से गुजर रहे हैं। अगर अमेरिका और डेनमार्क के बीच चुनने की नौबत आई, तो हम डेनमार्क को चुनेंगे।”

गठबंधन सरकार का कड़ा रुख
ग्रीनलैंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार ने भी ट्रंप के बयानों की निंदा की है। सरकार ने कहा कि अमेरिका एक बार फिर ग्रीनलैंड पर कब्जे की इच्छा जता रहा है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। गठबंधन का कहना है कि डेनिश कॉमनवेल्थ का हिस्सा होने के नाते ग्रीनलैंड नाटो का सदस्य है और उसकी सुरक्षा नाटो के जरिए ही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोग तय करेंगे’
दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड, डेनमार्क के अंतर्गत एक सेल्फ-गवर्निंग क्षेत्र है और अमेरिका का नाटो साझेदार भी है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने बार-बार इस सुझाव को खारिज किया है कि इस द्वीप को बेचा जा सकता है या उस पर कब्जा किया जा सकता है। दोनों देशों का स्पष्ट कहना है कि ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोग खुद तय करेंगे।

रूस-चीन का हवाला देकर चेतावनी
इससे पहले ट्रंप ने शनिवार को भी ग्रीनलैंड को लेकर अपने इरादे दोहराते हुए कहा था कि अमेरिका “आसान या मुश्किल किसी भी तरीके” से इस पर कदम उठाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड में दखल दे सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं बनने देंगे।”

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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