पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के महापौर पद को इस बार जनरल कैटेगरी के लिए घोषित किए जाने के साथ ही शहर की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। बुधवार को स्थानीय निकाय विभाग द्वारा ड्रॉ निकलते ही सभी राजनीतिक दलों में खलबली मच गई और मेयर पद के संभावित उम्मीदवार खुलकर सामने आने लगे। इस फैसले के बाद पंचकूला का नगर निगम चुनाव बेहद रोचक और हाई-प्रोफाइल बनता नजर आ रहा है।
भाजपा में कुलभूषण गोयल सबसे आगे
पूर्व मेयर की मजबूत दावेदारी, विकास कार्यों को बना रहे आधार
जनरल सीट घोषित होते ही भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है। अपने पिछले कार्यकाल में करीब 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दावा करने वाले गोयल इन्हीं उपलब्धियों के दम पर एक बार फिर मेयर पद पर वापसी की तैयारी में जुटे हैं। पार्टी के अंदरखाने में उन्हें मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है और संगठन के शीर्ष नेताओं से उनके करीबी संबंध भी उनकी दावेदारी को ताकत देते हैं।
भाजपा में टिकट को लेकर अंदरूनी घमासान
कई दावेदार मैदान में, फैसला केंद्रीय नेतृत्व के हाथ
हालांकि भाजपा में मेयर टिकट को लेकर मुकाबला आसान नहीं है। समाजसेवी प्रदीप गोयल, पार्टी प्रवक्ता रंजीता मेहता, शाम लाल बंसल और अनिल थापर भी टिकट की रेस में शामिल हैं। ऐसे में यह लगभग तय है कि उम्मीदवार को लेकर अंतिम मुहर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही लगाएगा।
कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता
पूर्व नगर परिषद प्रधान से लेकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष तक दौड़ में
कांग्रेस पार्टी भी मेयर सीट को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है। पूर्व नगर परिषद प्रधान रविंद्र रावल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सुधा भारद्वाज और पूर्व पार्षद सलीम खान ने संगठन स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस इस बार पंचकूला में मजबूत मुकाबला देने की रणनीति पर काम कर रही है।
आम आदमी पार्टी भी चुनावी मोड में, संगठन के बड़े चेहरे संभाल रहे मोर्चा
आम आदमी पार्टी ने भी पंचकूला में अपनी तैयारी तेज कर दी है। अंबाला लोकसभा अध्यक्ष सुरेंद्र राठी, जिला प्रधान राजीव मनोचा और जॉइनिंग कमेटी के अध्यक्ष अनिल पंगोत्रा मेयर पद को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। पार्टी स्थानीय मुद्दों को लेकर चुनावी रणनीति बनाने में जुटी है।
जजपा की तैयारी, ओपी सिहाग का नाम चर्चा में
मेयर पद पर उतारने की अंतिम तैयारी
जननायक जनता पार्टी (जजपा) भी इस सियासी मुकाबले में पीछे नहीं है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग को मेयर पद का उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है।
वार्ड आरक्षण के बाद पार्षद पद के दावेदार भी मैदान में
गली-मोहल्लों से सोशल मीडिया तक बढ़ी चुनावी हलचल
वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही पार्षद पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। कई वार्डों में संभावित उम्मीदवार जनसंपर्क, बैठकों और सोशल मीडिया के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
पंचकूला में चुनाव नहीं, प्रतिष्ठा की सियासी जंग
जनरल सीट ने मुकाबले को बनाया हाई-वोल्टेज
कुल मिलाकर पंचकूला नगर निगम चुनाव इस बार केवल एक स्थानीय निकाय चुनाव नहीं, बल्कि सभी दलों के लिए प्रतिष्ठा और सियासी ताकत दिखाने की जंग बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की पूरी संभावना है।













Total Users : 310527
Total views : 521739