ओटावा: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक आर्थिक खतरों के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नागरिकों से ‘बाय कैनेडियन’ यानी स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अत्यधिक निर्भरता के बजाय अब स्थानीय कारोबार और घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने का समय आ गया है।
पीएम कार्नी ने चेतावनी दी कि कनाडा की अर्थव्यवस्था इस वक्त “विदेशी खतरों” का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, “कनाडा के लोगों ने एक स्पष्ट विकल्प चुना है—उन चीज़ों पर ध्यान देना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं। हम अपने सबसे अच्छे ग्राहक खुद बन सकते हैं। हम कैनेडियन खरीदेंगे, कैनेडियन बनाएंगे और मिलकर देश को और मजबूत करेंगे।”
कार्नी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चीन के साथ व्यापारिक समझौते करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ओटावा बीजिंग के साथ आर्थिक रिश्ते बढ़ाता है तो अमेरिका कनाडाई सामानों पर भारी व्यापारिक पेनल्टी लगाएगा।
शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री को ‘गवर्नर’ कहकर संबोधित किया और कहा कि अगर कनाडा चीन के लिए अमेरिका में सामान भेजने का ‘ड्रॉप ऑफ पोर्ट’ बनने की कोशिश करता है, तो यह उसकी बड़ी भूल होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में कनाडा से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा।
ट्रंप ने अपनी आलोचना को और तीखा करते हुए कहा कि चीन कनाडा की अर्थव्यवस्था, कारोबार और सामाजिक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा ने ग्रीनलैंड में प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम का विरोध किया, जबकि यह प्रणाली कनाडा की सुरक्षा में भी सहायक हो सकती थी।
यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री कार्नी की हालिया बीजिंग यात्रा के बाद और तेज हो गया है। इस यात्रा का उद्देश्य अमेरिका के बाद कनाडा के दूसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन के साथ आर्थिक सहयोग को दोबारा गति देना था। दौरे के दौरान कुछ कनाडाई कृषि उत्पादों पर टैरिफ में कटौती और कनाडाई बाजार में चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कोटा तय करने पर सहमति बनी है, जिससे कनाडा में चीनी निवेश का रास्ता भी खुल सकता है।
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए पीएम कार्नी ने अमेरिका और पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा था कि चीन के साथ बातचीत अधिक व्यावहारिक, सम्मानजनक और अनुमान लगाने योग्य रही है। वाशिंगटन के साथ जारी व्यापारिक विवादों के बीच कनाडा का यह रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक व्यापार में नई बहस को जन्म दे रहा है।











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