बराबरी के समीकरणों के बीच क्रॉस वोटिंग पर टिकी सभी की नजरें
रमेश गोयत
चंडीगढ़: नगर निगम चंडीगढ़ में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव 29 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे निगम के असेंबली हॉल में कराए जाएंगे। चुनाव से पहले सुबह 10:45 बजे के बाद असेंबली हॉल में प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह चंडीगढ़ नगर निगम के इतिहास में पहला मौका होगा, जब मेयर चुनाव बैलेट पेपर के बजाय हाथ उठाकर मतदान के जरिए कराया जाएगा।
नगर निगम में क्या है मौजूदा समीकरण
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं। इसके अलावा लोकसभा सांसद को एक अतिरिक्त वोट का अधिकार प्राप्त है। यही एक वोट कई बार सत्ता का संतुलन बदलने में अहम भूमिका निभाता है। मौजूदा स्थिति में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी जरूर है, लेकिन स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण चुनाव बेहद रोचक बन गया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की भूमिका भी निर्णायक मानी जा रही है।
कांटे की टक्कर, बराबरी के आंकड़े
वर्तमान में भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं। लोकसभा सांसद का वोट कांग्रेस के खाते में जुड़ने से उसके कुल वोट 7 हो जाते हैं। ऐसे में यदि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर मतदान करती हैं, तो दोनों के पास कुल 18 वोट होंगे। वहीं भाजपा भी 18 वोटों के साथ मैदान में है। यही कारण है कि इस बार का मेयर चुनाव पूरी तरह कांटे का मुकाबला बन गया है।

क्रॉस वोटिंग बनी सबसे बड़ा फैक्टर
इस चुनाव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदान के वक्त कौन किसके साथ खड़ा होगा। हाल के दिनों में कुछ ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने चर्चाओं को हवा दे दी है। गणतंत्र दिवस के एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ पार्षदों की भाजपा नेताओं के साथ नजदीकियां कैमरे में कैद हुई थीं। तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गई हैं। यदि क्रॉस वोटिंग होती है, तो भाजपा की जीत तय मानी जा रही है।
मेयर चुनाव को लेकर प्रशासन अलर्ट
29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने नगर निगम चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कानून-व्यवस्था, मतदान स्थल की व्यवस्थाएं, सुरक्षा इंतजाम, अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल पर विस्तार से चर्चा की गई।

किसी भी लापरवाही पर नहीं मिलेगी छूट
अधिकारियों ने डीसी को बताया कि चुनाव से जुड़ी अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव के दिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को समय पर ड्यूटी पर मौजूद रहने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्पक्ष चुनाव प्रशासन की प्राथमिकता
बैठक में यह भी साफ किया गया कि चुनाव से जुड़े सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराना है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था होने पर सख्ती से निपटा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएंगे, ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।











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