मोहाली, 7 फरवरी: मोहाली कार्निवल–पंजाब सखी शक्ति मेला महिला उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रहा है। घरेलू कामों से अपनी शुरुआत करने वाली कई महिलाएं अब सफलतापूर्वक छोटे व्यवसाय चला रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक रूप से सहायता कर रही हैं।
इस मेले में पंजाब भर के स्वयं सहायता समूहों की प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं। सैकड़ों महिला ग्राहक उत्पादों की खरीदारी कर इन उद्यमियों का हौसला बढ़ा रही हैं।
कुक्कड़ांवाला (हरशा छीना, अमृतसर) की बलजीत कौर ने दो वर्ष पहले रबर बैंड, हेयर क्लिप, ब्रोच पिन और महिलाओं के क्लच (छोटे पर्स) जैसे हेयर एक्सेसरीज़ बनाने से अपना काम शुरू किया था। आज उनके समूह में 11 सदस्य हैं, जिनमें से अधिकांश पहले घरेलू सहायिका के रूप में कार्य करती थीं। सामान्य शिक्षा और ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से सीखे गए कौशल से उन्होंने इसे आय का स्थायी साधन बना लिया है और अन्य महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं।
फाजिल्का के घल्लू गांव की खालसा स्वयं सहायता समूह की अगुवाई कर रही अमनदीप कौर ने चार वर्ष पहले 11 महिलाओं के साथ हाथ की कढ़ाई के काम से शुरुआत की थी। आज समूह द्वारा 2,500 से 7,500 रुपये तक की कीमत वाले लेडीज़ सूट तैयार कर बेचे जा रहे हैं। समूह की सदस्य सुमन लता के साथ वे मेले में स्टॉल चला रही हैं, जो महिलाओं को काफी आकर्षित कर रहा है।
पटियाला के मसींगण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी शेरो रानी “स्नेहा फुलकारी” नाम से अपने उत्पाद प्रस्तुत कर रही हैं। वर्ष 2021 से कढ़ाई, ऊनी बुनाई, जूट बैग और पारंपरिक फुलकारी/बाग के कार्य से शुरू हुआ यह समूह अब 10,000 रुपये तक के फुलकारी उत्पाद बेच रहा है और 13 अलग-अलग समूहों से जुड़ चुका है। यह समूह आटा चक्की, ड्रोन दीदी पहल और नियमित बिक्री केंद्र भी संचालित कर रहा है।
इसी तरह खिजराबाद (खरड़) की कामनी देवी के नेतृत्व में अमन आजीविका स्वयं सहायता समूह और अमनजोत प्रोड्यूसर समूह वर्ष 2020 में शुरू हुए। केवल मैट्रिक तक शिक्षित कामनी देवी आज 10 नजदीकी गांवों में 156 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। अचार और मसालों से शुरू हुआ यह कार्य अब ऑर्गेनिक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला तक फैल चुका है और सैकड़ों महिलाओं को जोड़ रहा है।
मेले की नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास), साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, सोनम चौधरी ने कहा कि मोहाली कार्निवल–पंजाब सखी शक्ति मेला सरस मेले से अलग है। उन्होंने बताया कि इस मंच के माध्यम से विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटी महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने का सीधा अवसर दिया जा रहा है, जबकि सरस मेले में पुरुष और महिला दोनों कारीगर भाग लेते हैं।
उन्होंने बताया कि मोहाली कार्निवल पहली बार आयोजित किया गया है और लोगों से बहुत ही उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। यह मेला 10 फरवरी तक जारी रहेगा और हर रोज सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रसिद्ध गायकों की संगीत संध्याएं भी आयोजित होंगी। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के व्यंजन और सांस्कृतिक गतिविधियां भी इसका हिस्सा हैं।











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