August 28, 2026 8:56 am

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पंजाब में शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने रचा नया कीर्तिमान, 17.5 लाख से अधिक अभिभावकों की ऐतिहासिक भागीदारी

चंडीगढ़, 7 फरवरी: पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में भगवंत मान सरकार ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक ही दिन आयोजित दूसरी राज्यव्यापी अभिभावक कार्यशाला में 17.50 लाख से अधिक अभिभावकों की भागीदारी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया मानक स्थापित किया है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए तनावमुक्त परीक्षा तैयारी, सकारात्मक अभिभावक भूमिका और नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता को मजबूत करना रहा।

पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री एस. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्वावधान में आयोजित इस पहल ने पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत सामुदायिक सहभागिता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर अभिभावकों को भी बच्चों की शैक्षणिक यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाना है।

एस. हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के मानकपुर (नांगल) स्थित सरकारी हाई स्कूल में आयोजित कार्यशाला का नेतृत्व किया और अभिभावकों व विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का उद्देश्य अभिभावकों को परीक्षा के दौरान बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय बताने और राज्य सरकार के “नशीली दवाओं के खिलाफ जंग” अभियान के तहत नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना है।

इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सहित मंत्रिमंडल मंत्री डॉ. बलजीत कौर, लालचंद कटारुचक, तरुणप्रीत सिंह सौंध और हरदीप सिंह मुंडियन तथा 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भाग लिया। इससे शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने के लिए सरकार की राजनीतिक प्रतिबद्धता और सामुदायिक सहयोग स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2025 में आयोजित पहली अभिभावक कार्यशाला की सफलता के बाद दूसरी कार्यशाला में स्कूलों और अभिभावकों के बीच और अधिक मजबूत साझेदारी देखने को मिली। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, सीखने की चुनौतियों और घर पर सहयोगात्मक वातावरण बनाने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों सहित 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया था। साथ ही लगभग 40,000 शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षित किया गया था, ताकि प्रत्येक स्कूल में 1 से 1.5 घंटे के सत्र प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

एस. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्कूलों और अभिभावकों के बीच समन्वय ही बच्चों की शैक्षणिक सफलता और समग्र विकास की मजबूत नींव है। यह राज्यव्यापी अभिभावक कार्यशाला उसी मिशन की आधारशिला है, जिसके तहत पंजाब एक शिक्षित, जागरूक और नशामुक्त युवा पीढ़ी के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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