पंचकूला, 08 फरवरी 2026: पंचकूला नगर निगम के आगामी मेयर चुनाव में राजनीतिक पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। महापौर पद के लिए सामान्य श्रेणी घोषित होने के बाद बीजेपी के अंदर टिकट की दौड़ तेज हो गई है। इस बीच, लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल थापर ने पार्टी से मेयर पद के टिकट के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
बाबूगिरी हिंदी से एक विशेष और गहन बातचीत में अनिल थापर ने अपनी जिंदगी, संघर्ष, समाज सेवा के कार्यों और राजनीतिक सफर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका लक्ष्य कुर्सी हासिल करना नहीं, बल्कि पंचकूला शहर को और बेहतर, समृद्ध और समावेशी बनाना है।
जन्मजात बीजेपी और संघ परिवार का कार्यकर्ता
अनिल थापर ने कहा, “मैं जन्म से ही भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) परिवार का सदस्य हूं। मेरे परिवार ने कभी लालच या स्वार्थ में दल नहीं बदला। हमेशा से पार्टी और संगठन के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया है।”
उन्होंने बताया कि वे एक शहीद परिवार से आते हैं, जिसने देश के लिए बलिदान दिया है। यह विरासत उनकी राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का आधार है।
पिछली बार भी नाम था, लेकिन मुख्यमंत्री के कहने पर पीछे हटे
थापर ने खुलासा किया कि पिछली नगर निगम चुनाव में भी उनका नाम मेयर उम्मीदवार के रूप में मजबूती से विचाराधीन था। “मुख्यमंत्री जी के आग्रह पर मैंने उस समय चुनाव लड़ने से मना कर दिया, क्योंकि पार्टी हित सर्वोपरि था। लेकिन अब समय बदल गया है। अबकी बार मेरा नैतिक हक बनता है। पार्टी ने अगर भरोसा जताया तो मैं जीतकर दिखाऊंगा।”
शहर में 60-70 हजार समर्थकों का मजबूत आधार
अनिल थापर का दावा है कि पंचकूला में उनके 60 से 70 हजार प्रेमी और समर्थक हैं, जो उनकी लंबे समय की सेवा से जुड़े हैं। “लोग मुझे सिर्फ नेता नहीं, बल्कि अपना भाई और सहायक मानते हैं। मेरी पहचान ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा से है।” पंचकूला व्यापार मंडल के सर्वसम्मति से प्रधान भी बना है।
समाज सेवा – 35 वर्षों का निस्वार्थ सफर
अनिल थापर पिछले 35 वर्षों से समाज सेवा को अपना धर्म मानकर काम कर रहे हैं। उनके प्रमुख कार्य:
शिक्षा के क्षेत्र में: गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए शिरडी साईं की फ्री पाठशाला चलाई जा रही है, जहां सैकड़ों बच्चे मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
दिव्यांगों की सेवा: दिव्यांग व्यक्तियों के लिए नियमित मुफ्त सहायता, उपकरण और सेवा प्रदान की जाती है।
फ्री लंगर: कई वर्षों से गरीब, मजदूर और बेसहारा लोगों के लिए नियमित फ्री लंगर चलाया जा रहा है।
शीतकालीन राहत: पिछले 30 वर्षों से हर सर्दी में गरीबों, बेघरों और जरूरतमंदों को कंबल, गर्म कपड़े और अन्य राहत सामग्री बांटी जाती है। ठंड की रातों में वे खुद सड़कों पर जाकर लोगों की मदद करते हैं।
अन्य कार्य: रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच कैंप, आपदा राहत और व्यापार मंडल के माध्यम से शहर के व्यापारियों के हितों की लड़ाई।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सम्मान
उनके योगदान को कई बार सराहा गया है: समाज सेवा के लिए उनको 260 के करीब अवार्ड मिल चुके है।
भारत सरकार से देश रत्न सम्मान प्राप्त।
हरियाणा सरकार द्वारा कई बार समाज सेवा के लिए सम्मानित।
विभिन्न संगठनों से बेस्ट सोशल वर्कर अवॉर्ड सहित अन्य पुरस्कार।
पंचकूला के विकास के लिए विजन
अनिल थापर ने कहा, “पंचकूला एक सुंदर और आधुनिक शहर है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां हैं – पार्किंग, ट्रैफिक, गरीबी उन्मूलन, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं। अगर मुझे मौका मिला तो मैं इन सभी पर फोकस करूंगा। मेरा मकसद कुर्सी नहीं, बल्कि शहर और शहरवासियों का विकास है।”
बीजेपी में टिकट की दौड़
पंचकूला में मेयर पद के लिए बीजेपी के अन्य प्रमुख दावेदारों में पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल, रंजीता मेहता, शाम लाल बंसल, प्रदीप गोयल जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी उच्च कमान अंतिम फैसला लेगी, लेकिन अनिल थापर की समाज सेवा और जमीनी लोकप्रियता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।
अनिल थापर ने अंत में कहा, “मैं पार्टी के फैसले का सम्मान करूंगा, लेकिन अगर जनता और पार्टी मुझे चुनती है, तो मैं पंचकूला को नई ऊंचाइयों तक ले जाऊंगा। जय साईं राम, जय हिंद!”











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