हरियाणा में राजस्व विभाग का कामकाज सामान्य रूप से हुआ बहाल
चंडीगढ़, 10 फरवरी। हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। आज चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में उन्होंने भूमि जोत एवं भूमि अभिलेख समेकन निदेशक डॉ. यश पाल के साथ राजस्व अधिकारियों के प्रतिनिधियों से विस्तृत और रचनात्मक चर्चा की।
कानून व स्थापित प्रक्रियाओं के तहत होगा निष्पक्ष निर्णय
डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी समस्याओं पर कानून और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी तरीके से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में उचित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

राजस्व अधिकारी प्रशासन की रीढ़
वित्तीय आयुक्त ने कहा कि राजस्व अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं और राज्य के कई विभागों का कार्य उनके काम पर निर्भर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति हमेशा से यह रही है कि किसी भी नए उपक्रम या नीति निर्माण में फील्ड अधिकारियों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाए।
फील्ड और मुख्यालय के बीच संवाद होगा मजबूत
डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के साथ परामर्श प्रक्रिया को और अधिक संस्थागत रूप दिया जाएगा, ताकि फील्ड और मुख्यालय के बीच नियमित संवाद बना रहे। इससे संचार की कमियों को दूर किया जा सकेगा और किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचा जा सकेगा।
समस्याएं समय रहते साझा करने का आह्वान
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन कानून के दायरे में रहकर करें और आधिकारिक कार्य के दौरान आने वाली किसी भी कठिनाई की जानकारी समय रहते विभाग को दें। उन्होंने कहा कि समस्याओं को बढ़ने से पहले सुलझाने के लिए पारदर्शी और समयबद्ध संचार बेहद जरूरी है।
बिना शर्त काम पर लौटे राजस्व अधिकारी
सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और आम जनता को हुई असुविधा को ध्यान में रखते हुए, राजस्व अधिकारियों ने आज से बिना किसी शर्त के अपना कार्यभार संभालने का निर्णय लिया। डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि आपसी विश्वास और बेहतर समन्वय से राज्य में सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।
अंतर-विभागीय समिति के गठन का आश्वासन
बैठक में यह भी आश्वासन दिया गया कि बेहतर समन्वय और नीतिगत मुद्दों के समाधान के लिए एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके।










Total Users : 291573
Total views : 493970