चंडीगढ़/नई दिल्ली: आज शनिवार, 14 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि है। पंचांग के अनुसार इस तिथि पर शुभ ग्रह शुक्र का प्रभाव माना जाता है, जिससे यह दिन दान-पुण्य और शुभ कार्यों की योजना बनाने के लिए अनुकूल रहता है। आज विजया एकादशी का पारण भी किया जा रहा है। साथ ही शनि त्रयोदशी और शनि प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
14 फरवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
दिन: शनिवार
तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी
योग: सिद्धि
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
करण: तैतिल
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 07:01 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:09 बजे
चंद्रोदय: सुबह 05:36 बजे (15 फरवरी)
चंद्रास्त: दोपहर 03:08 बजे
राहुकाल: 09:48 से 11:12
यमगंड: 13:59 से 15:22
आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा। यह नक्षत्र धनु राशि में 13:20 से 26:40 अंश तक फैला होता है। इसके शासक ग्रह शुक्र और देवता वरुण माने जाते हैं। पूर्वाषाढ़ा का अर्थ “विजय से पूर्व” होता है—अर्थात बड़े कार्यों की तैयारी और योजना के लिए यह नक्षत्र शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।
आज के दिन का वर्जित समय
आज राहुकाल 09:48 से 11:12 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम काल में भी शुभ कार्य टालना उचित माना गया है।
नोट: पंचांग संबंधी जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।











Total Users : 291461
Total views : 493817