चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जबकि राज्य का वार्षिक बजट 2 मार्च को पेश किए जाने की संभावना है। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ने अपनी-अपनी रणनीतियां लगभग तय कर ली हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि इस बार सदन का माहौल हंगामेदार रह सकता है। पिछले मानसून सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी, और उसी तरह की गर्माहट इस बजट सत्र में भी दिखने की संभावना जताई जा रही है।
20 फरवरी से 18 मार्च तक प्रस्तावित बजट सत्र
हरियाणा विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की अहम बैठक बुधवार दोपहर 3 बजे आयोजित होगी। इस बैठक में सत्र की अवधि और कार्यसूची पर अंतिम मुहर लगेगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र 20 फरवरी से 18 मार्च तक चलेगा।
2 मार्च को बजट पेश होने के बाद लगभग एक सप्ताह का सत्र अवकाश रहेगा। अवकाश के बाद विधानसभा में बजट पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अनुदान मांगों पर बहस की जाएगी।
विपक्ष के तेवर सख्त, कई मुद्दों पर घेराव की तैयारी
बजट सत्र को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों का इरादा इस बार कई ज्वलंत मुद्दों को सदन में जोर-शोर से उठाने का है।
प्रमुख मुद्दों में बुजुर्गों की पेंशन में कथित कटौती, हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) की भर्तियों में अन्य राज्यों के युवाओं की बड़ी संख्या में नियुक्ति, धान घोटाले का मामला, किसानों की समस्याएं और बढ़ती बेरोजगारी शामिल हैं। विपक्ष इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति पर काम कर रहा है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज
बजट सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज आयोजित होगी। इस बैठक में पार्टी सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार को घेरने की रणनीति को अंतिम रूप देगी। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस बार संगठित तरीके से सदन में सवाल उठाने और सरकार की नीतियों पर सीधा हमला करने की तैयारी में है।
बीजेपी भी पूरी तरह तैयार, आज होगी विधायक दल की बैठक
सत्ता पक्ष भी विपक्ष के तेवरों को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। बीजेपी विधायक दल की बैठक भी आज होगी, जिसमें विपक्ष के सवालों और आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रख चुके हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि सरकार सत्र के दौरान हर सवाल का जवाब देने और अपनी उपलब्धियों को मजबूती से रखने की तैयारी में है।
हंगामेदार सत्र के संकेत
कुल मिलाकर, बजट सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों के तेवर तीखे नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि 20 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम और बहसों से भरपूर रहने वाला है, जहां बजट के साथ-साथ कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की कड़ी परीक्षा होगी।











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