April 6, 2026 12:13 pm

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AI समिट-2026: PM मोदी ने गूगल SEO सुंदर पिचाई सहित कई राष्ट्राध्यक्षों से की मुलाकात, भारत को AI का वैश्विक हब बनाने पर जोर

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के भास मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट–2026 के तीसरे दिन वैश्विक राजनीति, नीति-निर्माण और टेक्नोलॉजी जगत की बड़ी हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिला। दुनिया के 110 से अधिक देशों और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी वाले इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों और टेक उद्योग के शीर्ष नेतृत्व से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात सुंदर पिचाई, सीईओ गूगल से भी हुई। बैठक के बाद पीएम मोदी ने स्वयं जानकारी देते हुए कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के अवसर पर सुंदर पिचाई से मिलकर बेहद खुशी हुई। दोनों के बीच भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे कार्यों, भारतीय टैलेंट और गूगल के बीच संभावित साझेदारी को लेकर गहन चर्चा हुई।

भारत एआई में असाधारण प्रगति के लिए तैयार: सुंदर पिचाई
गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत एआई के क्षेत्र में असाधारण प्रगति के लिए पूरी तरह तैयार है और गूगल भारत के एआई परिवर्तन में दीर्घकालिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एआई हमारे समय का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर डायग्नोस्टिक्स, किसानों को रियल-टाइम अलर्ट और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बदलाव ला सकता है।
पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर उन्हें खुशी हो रही है। भारत की बहुभाषी विविधता, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन इकोसिस्टम को उन्होंने वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतांत्रिक उपयोग का आदर्श मॉडल बताया।

इंडिया–अमेरिका कनेक्ट और बड़े निवेश की घोषणा
सुंदर पिचाई ने इंडिया–अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव की घोषणा करते हुए बताया कि इसके तहत भारत, अमेरिका और ग्लोबल साउथ के कई क्षेत्रों में एआई क्षमता बढ़ाने के लिए नए सब-सी केबल्स बिछाए जाएंगे। इसके साथ ही भारत में लगभग 15 अरब डॉलर के निवेश, एआई हब्स की स्थापना और अंतरराष्ट्रीय केबल गेटवे के विकास की भी बात कही गई, जिससे रोजगार सृजन और उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।

स्किलिंग और शिक्षा पर गूगल का फोकस
गूगल ने एआई स्किलिंग को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। इनमें हिंदी और अंग्रेजी में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम, कर्मयोगी भारत के साथ 2 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल सपोर्ट, अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से 10,000 स्कूलों में जेनेरेटिव एआई टूल्स की शुरुआत और 30 मिलियन डॉलर का एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज शामिल है। पिचाई ने कहा कि एआई का सबसे बड़ा प्रभाव तभी संभव है जब इसे समावेशी और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से विकसित किया जाए।

भारत–सर्बिया, फिनलैंड और स्पेन के साथ रिश्तों को मजबूती
समिट के दौरान पीएम मोदी ने एलेक्जेंडर वुसिक, पेटेरी ओरपो और पेड्रो सांचेज से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सर्बिया के राष्ट्रपति की भागीदारी से भारत–सर्बिया संबंध और मजबूत होंगे। फिनलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की रणनीतिक अहमियत पर चर्चा हुई, जबकि स्पेन के प्रधानमंत्री के साथ डिफेंस, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
भविष्य की जंग डेटा और एआई से: भारतीय सेना
समिट के तीसरे दिन भारतीय सेना ने भी एक विशेष सेमिनार आयोजित किया। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जीते जाएंगे। ‘स्मार्टाइजिंग किल चेन’ विषय पर हुए इस सेमिनार में बताया गया कि कैसे एआई के जरिए हथियार प्रणालियों, ड्रोन, वाहनों और सैन्य प्लेटफॉर्म्स को इतना स्मार्ट बनाया जा सकता है कि संभावित खराबी और जरूरतों का अनुमान पहले से लगाया जा सके।
हर व्यक्ति तक एआई का लाभ पहुंचे: स्विट्ज़रलैंड
गाइ पार्मेलिन ने कहा कि एआई का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि दुनिया के हर व्यक्ति को इसका लाभ मिले, साथ ही पर्यावरण और सतत विकास का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने भारत के सुरक्षित, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई विजन का समर्थन करते हुए कहा कि समिट का ‘पीपल, प्रॉस्पेरिटी और प्लैनेट’ पर आधारित दृष्टिकोण सही दिशा दिखाता है।

वैश्विक एआई गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम
16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस समिट में लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख और 45 से अधिक मंत्री शामिल हो रहे हैं। ग्लोबल साउथ में आयोजित पहले वैश्विक एआई समिट के रूप में यह सम्मेलन एआई गवर्नेंस, सुरक्षा और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर वैश्विक सहमति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सम्मेलन का मूल उद्देश्य एआई की परिवर्तनकारी क्षमता को भारत के “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के विजन और “एआई फॉर ह्यूमैनिटी” के वैश्विक सिद्धांतों के साथ जोड़ना है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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