April 6, 2026 2:08 pm

April 6, 2026 2:08 pm

होली मनाओ, हुड़दंग मत करो

डॉ. विजय गर्ग
होली रंगों का त्यौहार है, खुशियों का प्रतीक है और आपसी सामुदायिक बंधन को मजबूत करने का संदेश देता है। लेकिन आजकल इस पवित्र उत्सव के मद्देनजर ‘झगड़े’ की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जो चिंता का विषय है। हमें यह समझने की जरूरत है कि त्योहार मनाने का मतलब मर्दों को भूलना नहीं है। त्यौहार की मिठास और हमारी जिम्मेदारी होली हमें बुराई पर सत्य की विजय का एहसास कराती है। जब हम एक-दूसरे के खिलाफ बोलते हैं, तो उसके पीछे प्रेम की भावना होनी चाहिए, न कि किसी को परेशान करने की जिद। हलचल से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें: सहमति का सम्मान: हर कोई होली खेलना पसंद नहीं करता है। यदि किसी व्यक्ति को रंग लगाने से मना किया जाता है, तो उसकी इच्छा का सम्मान करें। जबरन रंग डालना खुशी नहीं है, बल्कि बदनामी है। रासायनिक रंगों का त्याग: आजकल बाजार में मिलने वाले पक्के और रसायन रहित रंग त्वचा और आंखों के लिए घातक हो सकते हैं। प्राकृतिक गुलाल या पुष्प होली लगाने का प्रयास करें। नशीली दवाओं से दूरी: यह अक्सर देखा जाता है कि युवा लोग होली के नाम पर नशे का सेवन करते हैं और फिर सड़कों पर भागते हैं। यह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण भी बनता है। जल संरक्षण: जल का दुरुपयोग रोका जाना चाहिए। शुष्क होली खेलना पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सड़कों पर सभ्य व्यवहार होली के दिन तेज गति से बाइक चलाना, ऊंची आवाज में पटाखे बजाना या रास्ते पर गुब्बारे फेंकना बिल्कुल गलत है। आपका एक मिनट का ‘मस्ती’ किसी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। “उत्सव वह है जो दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाता है, न कि वह जो किसी के दिल में भय पैदा करता है।”
होली रंगों, खुशी और भाईचारे का उत्सव है। यह त्यौहार वसंत के आगमन, नए जीवन और मानव संबंधों की मिठास का प्रतीक है। होली सिर्फ रंगों से खेलने का दिन नहीं है, बल्कि दिलों के गले मिटाकर प्रेम और समुदाय को मजबूत करने का संदेश देता है। लेकिन दुख की बात है कि कई स्थानों पर यह खुशियों का उत्सव हड़बड़ी, जबरदस्ती और असामाजिक व्यवहार के कारण अपनी असली आत्मा खो देता है।

होली का वास्तविक संदेश
होली हमें सिखाती है:
प्रेम और सहनशीलता
मानव समानता
दुश्मन को मिटाना
खुशी साझा करना
रंग एकता का प्रतीक हैं — जैसे अलग-अलग रंग मिलकर सुंदरता पैदा करते हैं, वैसे ही अलग-अलग लोग मिलकर समाज को सुंदर बनाते हैं।
हलचल क्यों गलत है?
कई लोगों ने इस उत्सव का नाम निम्नलिखित रखा है:
बलपूर्वक रंग लगाते हैं
नशे का सहारा लेते हैं
तेज आवाज वाले डीजे और शोर प्रदूषण
पानी का बेतहाशा उपयोग करते हैं
गंदगी और रासायनिक रंग का उपयोग करें
यह व्यवहार त्यौहार की खुशी को खत्म कर देता है और दूसरों के लिए असुविधा और भय का कारण बनता है।
सुरक्षित और धार्मिक होली कैसे मनाएं?
सहमति का सम्मान करें किसी को जबरदस्ती रंग न दें।
प्राकृतिक रंग का उपयोग करें पुष्प या हर्बल रंग त्वचा और पर्यावरण के लिए सुरक्षित होते हैं।
पानी बचाएँ सूखी होली खेलकर पानी का ध्यान रखें।
नशीली दवाओं से दूर रहें नशा अक्सर हिंसक और अनियमित व्यवहार को जन्म देता है।
ध्वनि प्रदूषण से बचें ऊंची आवाज बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए कष्टदायक होती है।
सफाई का ध्यान रखें उत्सव के बाद आस-पास की सफाई करें।

सामाजिक सद्भाव का उत्सव
होली वह अवसर है जब हम एक-दूसरे को गले लगाते हैं और भूल जाते हैं। यदि उत्सव के दौरान किसी को असुविधा या भय महसूस होता है, तो इसका अर्थ है कि हम उत्सव की वास्तविक भावना को समझने में असफल रहे हैं।
युवाओं की जिम्मेदारी
युवा पीढ़ी समाज की दिशा तय करती है। यदि वे संयम और संस्कार के साथ उत्सव मनाएंगे तो अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।

होली खुशी का त्यौहार है, डर और असुविधा पैदा करने का नहीं। आइए इस वर्ष संकल्प लें ༆हॉली मनाएंगे, लेकिन हलचल नहीं करेंगे; रंगों से दिल गालेंगे, न कि किसी की भावना को ठेस पहुंचेंगे।
सच्ची होली वह है जो चेहरे के साथ-साथ दिलों को भी रंग देती है। निष्कर्ष आइए, इस बार होली को सभ्य तरीके से मनाएं। गाइले-शिक्षा को मिटाकर गले लगें और समाज में समुदाय का रंग फैलाएं। याद रखें, रंगों की खुशबू तभी अच्छी लगती है जब वह मर्मा के दायरे में हों। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस विषय पर स्कूल असेंबली के लिए एक छोटा सा भाषण लिखूं?
डॉ. विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शैक्षिक स्तंभकार मलोट पंजाब

 

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 5 0 2
Total Users : 291502
Total views : 493872

शहर चुनें