August 28, 2026 8:53 am

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राष्ट्रीय रक्षा अकादमी द्वारा देश सेवा की दिशा में पहला कदम

डॉ. विजय गर्ग

भारत के युवा वर्ग के लिए देश की सेवा करना सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी और गर्व की बात है। इस सपने को साकार करने का सबसे महत्वपूर्ण मंच नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए). यह संस्था तीन सैन्य दलों में से एक है: थल सेना, नौसेना और वायु सेना।

स्थापना और महत्व

एनडीए. की स्थापना 1954 में हुई थी और यह पुणे के निकट खडकवासला में स्थित है। यह दुनिया का पहला त्रि-सेवा अकादमी है जहां तीन सैन्य बलों के कैडेट एक साथ तैयारी करते हैं। यहां न केवल सैनिक प्रशिक्षण, बल्कि अकादमिक शिक्षा, नैतिक मूल्य और नेतृत्व गुण भी विकसित किए जाते हैं।

चयन प्रक्रिया

एनडीए. में प्रवेश पाना आसान नहीं है।उम्मीदवारों को यूपीएससी में प्रवेश करना होगा। द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। इसके बाद सेवा चयन बोर्ड द्वारा साक्षात्कार और चिकित्सा जांच की जाती है। यह प्रक्रिया युवाओं की बुद्धि, शारीरिक क्षमता और मनोबल का पूर्ण परीक्षण करती है।

कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन

एनडीए. में तीन साल की कठोर तालीम के दौरान कैडेटों को अनुशासन, समय का मूल्य, टीम वर्क और नेतृत्व के गुण सिखाए जाते हैं। सुबह की परेड से लेकर खेलों और शैक्षणिक कक्षाओं तक हर दिन नियमित और संयमित होता है। यह तालीम उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ता से खड़े होने की शक्ति देता है।

व्यक्तिगत विकास का केंद्र

एनडीए. सैनिक न केवल अधिकारी बनाता है, बल्कि एक संपूर्ण व्यक्ति भी बनाता है। यहां कैडेटों को ईमानदारी, देशभक्ति और मानवता के मूल्य सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें अपने-अपने सेवा अकादमियों में अगले चरण के लिए भेजा जाता है।

उत्कृष्ट

नेशनल डिफेंस अकादमी युवाओं के लिए देश सेवा की ओर पहला और मजबूत कदम है। यह वह जगह है जहां सपने वास्तविकता बनते हैं और आम युवा देश के बहादुर अधिकारी बन जाते हैं। एनडीए इसमें शामिल होना न केवल एक उपक्रम है, बल्कि देश के प्रति समर्पण का सच्चा प्रतीक है।

डॉ. विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शैक्षिक स्तंभकार मलोट पंजाब

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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