April 6, 2026 11:02 am

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वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, ऐतिहासिक स्तरों के करीब पहुंचे दाम

डॉलर की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग

एमसीएक्स पर सोना 1,60,700 रुपये और चांदी 2,67,100 रुपये प्रति किलो तक पहुंची

निवेशकों की नजर अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर
नई दिल्ली: वैश्विक राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते शुक्रवार को सर्राफा बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों की कीमतें ऐतिहासिक स्तरों के करीब कारोबार कर रही हैं, जिससे निवेशकों का ध्यान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर गया है।

बाजार का ताजा हाल
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का अप्रैल वायदा करीब 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी में सोने की तुलना में अधिक तेजी देखी गई। चांदी का मई वायदा 1.87 प्रतिशत उछलकर 2,67,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है।
दिन के शुरुआती कारोबार में चांदी में करीब 2.6 प्रतिशत और सोने में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) की, जिसके कारण कीमतों में थोड़ी स्थिरता देखने को मिली।
युद्ध और महंगाई की आशंका से बढ़ी मांग
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय तनाव ने कीमती धातुओं की कीमतों को मजबूती दी है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष सातवें दिन में पहुंच चुका है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
निवेशकों को डर है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई में बढ़ोतरी होगी। इसी अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में खरीद रहे हैं।
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth के बयान कि अमेरिका लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद रखता है, ने भी बाजार में अनिश्चितता को बढ़ाया है।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर
सोने की कीमतों को मजबूती देने वाला एक प्रमुख कारण अमेरिकी डॉलर की कमजोरी भी है। डॉलर इंडेक्स में करीब 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 99.03 के स्तर पर आ गया।
डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों की मुद्राओं में भुगतान करने वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी आती है।

कच्चे तेल में मामूली गिरावट
युद्ध के माहौल के बावजूद शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट देने के फैसले के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 1.52 प्रतिशत गिरकर 84.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख
बाजार विश्लेषकों के अनुसार फिलहाल सोने को 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,62,800 रुपये का स्तर इसके लिए प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
वहीं चांदी के लिए 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
अब निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाली जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो यह संकेत दे सकती है कि Federal Reserve भविष्य में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाने वाला है। ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां आगे सोने-चांदी के बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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