जॉब सिक्योरिटी बिल की प्रक्रिया हेतु आयुष व कृषि विभागों के अधीन विश्वविद्यालयों से लंबित सूचना के लिए सीएम साहब ने दिए आदेश– हुकटा
विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में ही कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स के संशोधित बिल के साथ विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों के लिए भी सेवा-सुरक्षा बिल लाया जा सकता था-हुकटा
चंडीगढ़। हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (हुकटा) के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों की जॉब सिक्योरिटी से जुड़े बिल की प्रक्रिया को समयबद्ध व तेज गति से पूरा करवाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों विभागों के संबंधित उच्च अधिकारियों को सूचना के लिए निर्देश दिए और इस प्रक्रिया को समयबद्ध और तेज करवाने का आश्वासन दिया।

हुकटा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय मलिक व डॉ. सुमन रंगा ने बताया कि शीतकालीन विधानसभा सत्र -2024 (पिछले डेढ़ साल से )से राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में कार्यरत लगभग 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए ‘सेवा-सुरक्षा बिल’ की प्रक्रिया विचाराधीन है। इसी प्रक्रिया के संबंध में 9 दिसंबर 2025 को जारी निर्देशों के बावजूद लगभग तीन माह बीत जाने पर भी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त अन्य 6 विभागों में से आयुष तथा कृषि एवं किसान कल्याण – दो विभागों से अपेक्षित सूचना अभी तक उच्चतर शिक्षा विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। इन विभागों के अधीन आने वाले दो विश्वविद्यालयों से सूचना लंबित रहने के कारण प्रस्तावित सेवा-सुरक्षा बिल की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हुई है। यदि सभी विभागों से समय पर सूचना प्राप्त हो जाती, तो संभवतः विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में ही कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स के संशोधित बिल के साथ विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों के लिए भी सेवा-सुरक्षा बिल लाया जा सकता था।
प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने कहा कि बिल में हो रही देरी के कारण अनुबंधित शिक्षकों में रोजगार की असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अधिकांश शिक्षक नियमित भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं या शीघ्र ही पार करने वाले हैं, जिससे उनकी चिंता और अधिक बढ़ गई है।

डॉ. नेहा शर्मा एवं डॉ अमित मलिक ने हरियाणा सरकार से मांग की कि लंबित विभागों से सूचना शीघ्र व समयबद्ध तरीके से प्राप्त कर प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों को भी कॉलेज, स्कूल व पॉलिटेक्निक आदि अन्य शिक्षण संस्थानों के अनुबंधित शिक्षकों की तरह सेवा-सुरक्षा सेवानिवृत तक मिल सके।












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