मेन गेट पर बाहर से ताला होने का आरोप, मजदूरों को निकालने के लिए तोड़ी गई दीवार
जींद, 7 मार्च: हरियाणा के जींद जिले के सफीदों कस्बे की गीता कॉलोनी में शनिवार को रंग और गुलाल बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में चार महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए खानपुर, रोहतक, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
अचानक लगी आग, केमिकल के कारण तेजी से फैली लपटें
जानकारी के अनुसार गीता कॉलोनी में किराये के मकान में रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। शनिवार को काम के दौरान अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। फैक्ट्री में केमिकल और ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे मजदूरों में आग और धुएं के कारण अफरा-तफरी मच गई। चारों तरफ धुएं के गुबार और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय फैक्ट्री के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था, जिससे मजदूर बाहर नहीं निकल पाए और कई लोग अंदर ही फंस गए।
जान बचाने के लिए छत से कूदे मजदूर
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कुछ मजदूरों ने अपनी जान बचाने के लिए फैक्ट्री की छत से छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि चार महिलाओं ने छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
आग के बाद अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। हालात को देखते हुए लोगों ने फैक्ट्री की दीवार तोड़कर अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला।
लोगों ने घरों से पानी लाकर बुझाई आग
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए। लोगों ने अपने घरों से पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश की। बाद में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हादसे में 4 महिला मजदूरों की मौत
इस हादसे में चार महिला मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान गांव सिंघपुरा निवासी पिंकी (51), वार्ड नंबर 9 निवासी गुड्डी (50), डिग्गी मोहल्ला निवासी पूजा (40) और आदर्श कॉलोनी निवासी ऊषा (45) के रूप में हुई है।
वहीं आदर्श कॉलोनी निवासी रानी, जगबीर, निसिंग (करनाल) निवासी पवन, शिव कॉलोनी निवासी कश्मीरी देवी, गीता कॉलोनी निवासी कमलेश और बिमला समेत कुल 17 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को पहले सफीदों के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें रोहतक, खानपुर, पानीपत और जींद के अस्पतालों में रेफर कर दिया।
किराये के मकान में चल रही थी फैक्ट्री
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री वार्ड नंबर 10 निवासी राजू द्वारा किराये के मकान में चलाई जा रही थी। इस तरह की फैक्ट्री के संचालन को लेकर प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन और पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह ने मौके का निरीक्षण किया और राहत कार्यों का जायजा लिया।
फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक और मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही किस स्तर पर हुई, इसकी गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि हादसे में 17 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से चार की मौत हो चुकी है। बाकी घायलों का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में अभियान चलाकर बिना अनुमति चल रही ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बिना सुरक्षा मानकों के चल रही फैक्ट्रियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह के केमिकल आधारित काम से हमेशा खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे अवैध या असुरक्षित औद्योगिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।













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