फरीदाबाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) की टीम ने थाना छायंसा में तैनात उप-निरीक्षक प्रदीप को 40,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ अभियोग संख्या 6 दिनांक 12 मार्च 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। केस राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना में दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता, गांव छायंसा निवासी, ने सतर्कता ब्यूरो को बताया कि 13 फरवरी 2026 को उसके ताऊ का बेटा अपनी Maruti Suzuki Eeco कार से मार्केट से घर लौट रहा था। रास्ते में उसकी कार की टक्कर मोटरसाइकिल सवार दो युवकों से हो गई, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं।
घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच मौके पर ही आपसी सहमति से लिखित राजीनामा भी हो गया था।
राजीनामा मानने से किया इंकार
शिकायतकर्ता के अनुसार अगले दिन उसके ताऊ के बेटे को थाना छायंसा से फोन आया और उन्हें थाने बुलाया गया। जब वे राजीनामा के दस्तावेज लेकर पहुंचे तो सब-इंस्पेक्टर प्रदीप ने राजीनामा मानने से इंकार कर दिया और कथित तौर पर उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि मामले में कार्रवाई न करने और राजीनामा स्वीकार करने के बदले उप-निरीक्षक ने 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी उप-निरीक्षक को थाना छायंसा स्थित उसके कार्यालय में शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और सतर्कता ब्यूरो आरोपी से पूछताछ कर रहा है।











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