April 5, 2026 12:42 pm

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PUNJAB: साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: चीन से जुड़े म्यूल अकाउंट गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार, 20 लाख रुपये फ्रीज

बाबूगिरी ब्यूरो

चंडीगढ़, 20 मार्च 2026 | पंजाब में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने एक बड़े म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम को चीन तक पहुंचाने में लगा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों के खातों में पड़े करीब 20 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं, जबकि 5100 अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी भी बरामद की गई है।

ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरजीत सिंह, रमन राय और सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। ये तीनों फाजिल्का के जलालाबाद के रहने वाले हैं और मोहाली के फेज-5 में किराए के कमरे से ‘ब्रदर ट्रेडर्स’ के नाम पर फर्जी कारोबार चला रहे थे।
यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक में चालू खाते (म्यूल अकाउंट) खुलवाता था और इन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग चरणों (रूटिंग, लेयरिंग और सेटलमेंट) में ट्रांसफर कर ट्रैकिंग से बचाने के लिए किया जाता था।

2 साल में कमाए 50 लाख रुपये
डीजीपी के अनुसार, आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे और म्यूल खाते उपलब्ध करवाकर करीब 50 लाख रुपये का कमीशन कमा चुके हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी समय-समय पर अपने फर्जी ऑफिस के बोर्ड बदलते रहते थे, ताकि जांच एजेंसियों से बच सकें।
चीन से सीधा कनेक्शन, टेलीग्राम से होती थी डील
स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम वी. नीरजा ने खुलासा किया कि यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए सीधे चीन के कुछ नागरिकों से जुड़ा हुआ था। आरोपियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में भुगतान मिलता था।
उन्होंने बताया कि आई4सी (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के पोर्टल पर जांच के दौरान सामने आया कि ये म्यूल खाते 24 साइबर ठगी पीड़ितों से जुड़े हुए हैं, जिनमें 26.65 लाख रुपये की राशि को चिन्हित (लियन मार्क) किया गया है।

भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
23 एटीएम कार्ड
2 लैपटॉप
7 मोबाइल फोन
5 सिम कार्ड
जाली केवाईसी दस्तावेज
14 चेक बुकें
उद्यम सर्टिफिकेट
6 टिकटें

आगे की जांच जारी
पुलिस अब बरामद एटीएम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
इस मामले में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 17 मार्च 2026 को एफआईआर नंबर 16 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज किया गया है।

यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रणनीति को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस नेटवर्क का खुलासा होना राज्य में साइबर सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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Author: BabuGiri Hindi

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