October 30, 2026 10:15 am

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साइबर ठगी का नया मामला: ऑनलाइन पीजी की तलाश में महिला से 1.37 लाख रुपये की धोखाधड़ी, केस दर्ज

चंडीगढ़ में साइबर अपराध का मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़। Chandigarh के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-15/बी क्षेत्र की एक महिला के साथ ऑनलाइन पीजी (पेइंग गेस्ट) की तलाश के दौरान साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, चंडीगढ़ में एफआईआर संख्या 56 दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) तथा 61(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऑनलाइन पीजी सर्च करते समय हुआ फ्रॉड
प्राप्त जानकारी के अनुसार, Sector 15/B Chandigarh की रहने वाली महिला ने किराये पर पीजी रूम खोजने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को पीजी मालिक/एजेंट बताकर संपर्क किया।
आरोपी ने महिला को भरोसे में लेकर ऑनलाइन बुकिंग, सिक्योरिटी डिपॉजिट और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर विभिन्न ट्रांजेक्शन करवाए। धीरे-धीरे महिला से कुल 1,37,981 रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर करवा लिए गए।

पैसे ट्रांसफर के बाद संपर्क बंद
शिकायत के अनुसार, पैसे मिलने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया और सभी ऑनलाइन संपर्क माध्यमों से गायब हो गया। जब महिला ने बताए गए पते पर जाकर जांच की, तो वहां कोई पीजी मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी के बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रांजेक्शन और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन के किसी भी ऑनलाइन पीजी या किराये की संपत्ति के लिए एडवांस पेमेंट न करें।

साइबर पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि:
केवल प्रमाणित प्लेटफॉर्म से ही पीजी या मकान किराये पर लें

अनजान नंबरों पर पैसे ट्रांसफर न करें
किसी भी डील से पहले फिजिकल वेरिफिकेशन जरूर करें
साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें

निष्कर्ष
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि ऑनलाइन रेंटल सेवाओं के नाम पर साइबर ठग सक्रिय हैं और आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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