May 3, 2026 2:55 pm

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CHANDIGARH NEWS: ट्राईसिटी के माथे पर अवैध कालोनियों का कलंक

गरीबों लोगों के आशियाने पर चलता है अक्सर हथौड़ा, प्रभावशाली लोग बच जाते

छत देने वाली सरकार में अपने घर बनाने वालों को ही जा रहा उजाड़ा

चंडीगढ़ में सौ से ज्यादा कालोनिया उग गईं, जहां पर सुविधाएं नाममात्र

नेता लोग वोट की कर रहे राजनिति
टिवटर पर राजनेता आपस में लड रहे लड़ाई

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीेगढ़,3 मई। चंडीगढ़ यूटी जैसे ट्राईसिटी शहर में सौ से ज्यादा लाल डोरे में अवैध कालोनियां बस चुकी हैं, इनके निर्माण के समय तो प्रशासन चादर तानकर सोता रहता है, बाद में गरीबों के आशियाने पर जेसीबी का पंजा चला दिया जाता है। भाजपा सरकार ने 2022 तक सभी के लिए घर का वादा किया था, लेकिन उनके पहले से बने हुए मकानों को तोड़ा जा रहा है। लाल डोरे में बनी अवैध कालोनियो पर राजनिति हो रही है। नेता लोग वोट की राजनिति कर रहे है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड बीके मकानों पर अतिक्रमण को लेकर पिछले दिनों निगम, हाउसिंग बोर्ड का हथौड़ा चला। सभी पार्टियों ने एक जुट होकर विरोध किया। मेयर सौरभ जोशी ने निगम हाउस बंद करके पार्षदों सहित मौके पर पहुंच कर विरोध जताया, जब जाकर कार्यवाही रुकी। चंडीगढ़ के सरकारी मकानों में सरकारी खर्चे पर ही सबसे ज्यादा अतिक्रमण है। उसको रोकने वाला कोई भी नही है।

टिवटर पर राजनेता आपस में लड़ाई कर रहे है। उसमें भी अक्सर पिक एंड चूज वाला फंडा चलाए जाने के आरोप भी लगते रहे हैं। शहर के सेक्टरों में जगह उपलब्ध नहीं होने और आवास की कीमत आसमान को छूने वाली होने के कारण अक्सर गरीब लोग चंडीगढ़ शहर के साथ में लगती हुई लाल डोरे के ग्रामीण एरिया की जमीन में जाकर प्लाट खरीदने में ही भलाई समझते हैं। प्रापर्टी डीलरों द्वारा अच्छे सपने दिखाकर और कुछ प्रशासनिक अफसरों के साथ में मिलकर खेल खेल देते हैं। धीरे-धीरे ये लाल डोरे में कालोनियां दर्जनभर से सौ से ऊपर पहुंच गई हैं। जब कॉलोनियों में अक्सर काफी संख्या में घर बन जाते हैं, उसके बाद में प्रशासन जागता है, साथ ही गरीबों के आशियाने पर हथौड़ा व जेसीबी चला दी जाती है। लंबे अर्से से चंडीगढ़ के लोगों को उम्मीद है कि लालडोरे का एरिया बढ़ेगा, तो उनकी कालोनी भी वैध हो जाएगी।

अधिकारी और सरकारी कर्मियों की अवैध कालोनियों में प्रापर्टी
चंडीगढ़ लाल डोरे के घेरे के बाहर बनने वाले मकानों व अवैध मकानों और कॉलोनियों का विवाद नया नहीं है लेकिन हैरान करने वाला प्रशासन का रुख होता है। गरीबों के मकानों पर कार्रवाई लेकिन प्रभावशाली लोगों को यहां पर भी छोड़ दिया जाता है। चौकाने व हैरान करने वाली बात यह है कि काफी संख्या में अफसरशाही और सरकारी कर्मियों ने अवैध कालोनियों में बडी बडी प्रापर्टी बना रखी हैं। इन पर कभी कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में अधिकारियों और नेताओं के फॉर्म हाउस बने हुए हैं। जिन्हें हाथ लगाने की हिम्मत प्रशासन के अधिकारी नहीं कर पाते। चुनाव सिर पर होने के कारण कुछ नए इलाकों में प्रभावशाली लोगों के इस तरह के अवैध निर्माण को नियमित करने की मुहिम चल रही है।मकानों को नियमित करने की कवायदप्रशासन जल्द ही लाल डोरा के बाहर बने मकानों को नियमित करने के लिए कवायद में जुटा हुआ है। जिससे इन इलाकों में रह रहे हजारों परिवारों में थोड़ा संतोष व इंतजार भी है। इस फैसले से गांव के बाहर मकानों में रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जाग गई है।

चंडीगढ़ प्रशासन इस संबंध में तैयारी कर रहा है और खुद प्रशासक भी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। खुद परशासन इतनी भारी संख्या में बस चुके लोगों को राहत देने के लिए कई बार संकेत दे चुके हैं। अगर इस तरह का फैसला हुआ तो इन इलाकों में बने मकानों को भी बुनियादी सुविधाएं मुहैया की जाएंगी। जिनमें पक्की गलियां, सीवरेज, पानी, बिजली, स्टार्म वाटर और ड्रेनेज भी शामिल हैं। पूर्व प्रशासक भी कई बार कह चुके है कि प्रशासन यह भी प्लानिंग कर रहा है कि लाल डोरा के बाहर अभी जिनकी जमीन है उनके साथ मिलकर उस जगह को विकसित कर लिया जाए। इसके लिए नियम व शर्तें भी तैयार की जा रही हैं। ट्राईसिटी के साथ लगते हुए इलाकाों में किशनगढ़, खुड्डा अलीशेर और कैंबवाला सहित अन्य भी कईं गांव ऐसे हैं जहां पर लाल डोरा के बाहर लोगों ने अपने आशियाने बना लिये हैं।

मकानों को नियमित करने के लिए सांसद ने लिखा था पत्र

कृषि भूमि और लालडोरे के बाहर हुए निर्माण को नियमित करने के लिए पूर्व सांसद चंडीगढ़ किरण खेर ने केंद्रीय मंत्री को इस बारे में पत्र लिखा था। मौजूद सांसद भी इसकी मांग कर रहे है वैसे, प्रशासन द्वारा गत दिनों खुड्डा अलीशेर में काफी संख्या में घरों को तोड़कर सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया। परिवारों के उजड़ने के बाद सांसद किरण खेर ने भी लाल डोरा से बाहर रह रहे लोगों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर अपना पल्ला झाड़ लिया था। पत्र में लाल डोरा के बाहर बने मकानों को रेगुलराइज करने के लिए वन टाइम रिलेक्सेशन देने का मुद्दा उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में खेर ने कहा था कि उनके संसदीय क्षेत्र चंडीगढ़ में जिन लोगों ने लाल डोरा के बाहर मकान बनाए हैं उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का हल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की जरूरत है। जब तक वह इस मामले की समीक्षा नहीं कर लेती, तब तक कोई भी घर तोड़ा न जाए। यह उनके लिए और इन इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ के गावों में तीन हजार अवैध निर्माण लाल डोरे के अंदर लोगों ने किया है। इसमें दस हजार के करीब लोग वर्तमान समय तक रह रहे हैं।
गांव       निर्माण
धनास          500

दरिया          320

मनीमाजरा       318

कैंबवाला        250

रायपुरखुर्द        220

खुड्डाअलिशेर    211

सारंगपुर         80

मौलीजागरां       50

रायपुरकलां       50

हल्लोमाजरा      50

खुड्डालोहरा      45

साहपुर          41

खुड्डाजस्सू      39

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

चंडीगढ़ में सुबह 7:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। Chandigarh में तेज बारिश और तेज हवाओं के साथ आसमान में घने बादल छा गए, जिससे सुबह होते हुए भी अंधेरा जैसा माहौल बन गया। तेज हवाओं के कारण पेड़-पौधे झूमते नजर आए, वहीं कई इलाकों में विजिबिलिटी भी कम हो गई। मौसम के इस अचानक बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन दैनिक गतिविधियों पर असर भी पड़ा।

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