– प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्यपाल ने छात्रों की मेहनत को सराहा
– मंगलवार से आमजन भी कर सकेंगे प्रदर्शनी का दीदार
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
रोहतक, 3 मई 2026। दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) की वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’ का रविवार को आगाज हुआ। यूनिवर्सिटी परिसर हजारों कलाकृतियों के रंग में डूब गया है। रविवार शाम को यूनिवर्सिटी के चांसलर व प्रदेश के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष भी मौजूद रहीं। उनके साथ इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर केजी सुरेश और फर्स्ट लेडी ऑफ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर गायत्री रैना मुख्य रूप से मौजूद रहीं। यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ अमित आर्य व रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने अतिथियों का स्वागत किया।

उद्घाटन समारोह की शुरुआत में राज्यपाल ने अन्य अतिथियों के साथ यूनिवर्सिटी परिसर में लगी सूर्य कवि दादा लख्मी चंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके साथ फ्लैग होस्टिंग व दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर स्थित फैकल्टी ऑफ डिजाइन में लगाई गई कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने यहां लगी कलाकृतियों को बारीकी से देखा और छात्रों से कलाकृतियों के बारे में जानकारी भी ली। प्रदर्शनी को देखकर उन्होंने छात्रों के टैलेंट, मेहनत व लगन के साथ इस तरह के आयोजन के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं।
यूनिवर्सिटी के पहले न्यूज लेटर का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने यूनिवर्सिटी के न्यूज लेटर ‘अभिव्यक्ति – कला साधना की सशक्त आवाज’ का विमोचन भी किया। यह यूनिवर्सिटी का पहला न्यूज लेटर है, जिसमें जून 2025 से अप्रैल 2026 तक यूनिवर्सिटी की तरफ से की गई सभी सांस्कृतिक, अकादमिक व अन्य अभी तरह की गतिविधियों को समावेशित किया गया है। कुलगुरु डॉ अमित आर्य व रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा के मार्गदर्शन में न्यूज लेटर तैयार किया गया है। डॉ अमित आर्य के अनुसार फिलहाल 24 पेज का न्यूज लेटर तैयार किया गया है। अब हम नियमित रूप से हर तीसरे महीने न्यूज लेटर जारी करेंगे।

मंगलवार से आमजन के लिए खुलेगी प्रदर्शनी
यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’ की शुरुआत हो गई है। सोमवार को यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह है, जिसके चलते सोमवार को केवल खास अतिथि ही प्रदर्शनी को देख सकेंगे। मंगलवार यानी 5 मई से प्रदर्शनी सभी लोगों के लिए खोल दी जाएगी। 5 से 8 मई तक लोग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। यह एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि छात्रों की लगन, मेहनत, सोच, टैलेंट व भावों का एक शोकेस है, जिसमें फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स में अंडर ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन के सभी कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों ने अपनी साल भर की मेहनत व प्रोक्ट़्स को प्रदर्शित किया है। प्रदर्शनी में दो हजार से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
आसमान को बनाया कैनवास
फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार के अनुसार प्रदर्शनी में छात्रों ने एक से बढ़कर एक कलाकृति प्रदर्शित की हैं। एप्लाइड आर्ट, एनीमेशन, पेंटिंग, स्कल्पचर (मूर्तिकला) व प्रिंट मेकिंग का समावेश इस प्रदर्शनी में देखा जा सकता है। प्रदर्शनी में एक छात्र ने आसमान को ही कैनवास बना लिया है। उन्होंने ट्विग्स आर्ट (पेड़ की टहनी के टुकड़ों) से एक खास कलाकृति तैयार की है, जिसे रस्सियों की मदद से लटकाया गया है और इसमें टहनियों टुकड़ों ने अक्षर बनाए गए हैं, जब ऊपर की तरफ देखते हैं, तो आसमान में वह शब्द दिखाई देते हैं। इसके अलावा छात्रों ने अपनी कलाकृतियों में महिला शक्ति, ग्रामीण परिवेश, मातृत्व के भाव, अक्षरों व रंगों के जादू को शानदार तरीके से पेश किया है। हर कलाकृति के पीछे उसे तैयार करने वाले कलाकार की सोच और एक कहानी छिपी हुई है, जिसे बताने के लिए छात्र अपनी कलाकृतियों के पास मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही मिट्टी, क्ले व गत्ते से बने मॉडल, स्टील व लोहे की तारों से बने स्कल्पचर, फोटोग्राफी, एनिमेशन से तैयार आर्ट, पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, वेस्ट चीजों से तैयार कलाकृतियां अपनी तरफ आकर्षित करती हैं।
छात्रों ने की कठिन मेहनत
यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों को छात्रों ने खुद ही तैयार किया है और पूरी प्रदर्शनी को भी छात्रों ने फैकल्टी मेंबर्स के साथ मिलकर खुद ही डिजाइन किया है। इसके लिए छात्रों ने कठिन मेहनत की है। पिछले कई दिनों से छात्र टीचर्स की देखरेख में देर शाम तक यूनिवर्सिटी में रुक कर काम करते रहे हैं। रात 10 से 11 बजे तक छात्रों ने प्रदर्शनी को तैयार किया है। उन्होंने कला प्रेमियों व आमजन से अपील की है कि वह अधिक से अधिक संख्या में आकर इस प्रदर्शनी को देखें, ताकि छात्रों की मेहनत साकार हो सके।












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