August 28, 2026 7:52 am

August 28, 2026 7:52 am

चंडीगढ़ – मुख्य खबरें : सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से की मुलाकात, सिविल-मिलिट्री समन्वय और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर हुई चर्चा ।

चंडीगढ़, 11 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने आज उनके आवास संत कबीर कुटीर में मुलाकात की। बैठक में सिविल-मिलिट्री समन्वय को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर पश्चिमी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, एवीएसएम,एसएम सहित सेना मुख्यालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनरल धीरज सेठ द्वारा भारतीय सेना के प्रमुख का पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री के साथ यह उनकी पहली मुलाकात थी। बैठक का समन्वय कर्नल जसदीप संधू, सलाहकार, सिविल-मिलिट्री अफेयर्स एवं आईटी द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का सशस्त्र बलों के साथ लंबे समय से गहरा जुड़ाव है और राज्य सरकार सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार एवं अन्य अवसर सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार तथा सशस्त्र बलों के बीच निरंतर समन्वय के महत्व पर बल दिया।

बैठक में आंतरिक सुरक्षा, युवाओं के सशक्तिकरण, अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर, पूर्व सैनिकों के कल्याण, आवास परियोजनाओं, आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल तथा परिचालन तैयारियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तैयारियों एवं प्रभावी प्रतिक्रिया तथा इनके प्रभाव को न्यूनतम करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान भारतीय सेना में सेवारत हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा खेलों के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की गई।

जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए हरियाणा सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्वास एवं स्थायी बसाव के लिए नए अवसर तलाशने पर भी चर्चा की।

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एमडीयू ने मई-2026 में आयोजित विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं के परिणाम जारी किए ।

चंडीगढ़ । – महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक ने मई 2026 में आयोजित परीक्षाओं के विभिन्न पाठ्यक्रमों के परिणाम जारी कर दिए हैं। विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देख सकते हैं।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मई 2026 की परीक्षाओं के तहत एमएससी गणित के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के 8वें सेमेस्टर रेगुलर एवं री-अपीयर, बीबीए एलएलबी (ऑनर्स) पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के दूसरे, चौथे, छठे और आठवें सेमेस्टर के रेगुलर एवं री-अपीयर तथा नौवें सेमेस्टर के री-अपीयर परिणाम शामिल हैं। बीए एलएलबी (ऑनर्स) पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के दूसरे, चौथे, छठे और आठवें सेमेस्टर के रेगुलर एवं री-अपीयर तथा नौवें सेमेस्टर के री-अपीयर परिणाम भी घोषित किए गए हैं।

वहीं एलएलबी (ऑनर्स) तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के दूसरे एवं चौथे सेमेस्टर के रेगुलर एवं री-अपीयर तथा पांचवें सेमेस्टर के री-अपीयर, एमबीए पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड के छठे सेमेस्टर फ्रेश एवं री-अपीयर तथा पांचवें सेमेस्टर री-अपीयर के परिणाम शामिल हैं।

इसके अलावा एमबीए के दूसरे सेमेस्टर फ्रेश एवं री-अपीयर, तीसरे सेमेस्टर री-अपीयर और चौथे सेमेस्टर फ्रेश, एमबीए (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) दूसरे सेमेस्टर, एमबीए (बिजनेस साइकोलॉजी) दूसरे सेमेस्टर तथा एमबीए (वर्किंग प्रोफेशनल) दूसरे सेमेस्टर के फ्रेश एवं री-अपीयर, एमबीए (बिजनेस साइकोलॉजी) के चौथे सेमेस्टर, एमबीए (एग्जीक्यूटिव-ईवनिंग) के चौथे सेमेस्टर तथा एमबीए (वर्किंग प्रोफेशनल) के चौथे सेमेस्टर के फ्रेश परिणाम जारी किए गए हैं।

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नागरिक सुझाव बनेंगे प्रशासनिक सुधारों का आधार

हरियाणा में अक्टूबर से दिसंबर तक चलेगा ‘सुधार उत्सव’

सुझावों पर समयबद्ध कार्रवाई, परिणामों की होगी निगरानी

चंडीगढ़, 11 अगस्त-हरियाणा में अब प्रशासनिक सुधारों में प्रदेश के नागरिकों की अहम भूमिका होगी। राज्य सरकार लोगों को प्रशासनिक सुधारों की प्रक्रिया से सीधे जोड़ने के लिए ‘सुधार उत्सव’ आयोजित करने जा रही है। सुधार उत्सव अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान सुझाने का अवसर देना है। साथ ही, इस अभियान का उद्देश्य इन सुझावों को विचार से लेकर वास्तविक सुधार तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्था तैयार करना है।

इस अभियान के माध्यम से ऐसे सुझावों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनसे केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में नागरिकों और पूरे समुदाय को लाभ मिल सके। इसकी शुरुआती तैयारियां इसी माह से शुरू होंगी और विभागों में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही 10 सितंबर, 2026 तक राज्य कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों से प्राप्त उपयोगी सुझाव न केवल दर्ज किए जाएं, बल्कि उनकी स्पष्ट जांच, प्राथमिकता निर्धारण और समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि सुझावों को वास्तविक सुधारों में बदला जा सके और उनके परिणाम का भी आकलन किया जा सके।

राज्य सरकार इस अभियान को राज्य मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए गांवों, कस्बों और शहरों तक लेकर जाएगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसमें भाग ले सकें।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि सुधार उत्सव के तीन प्रमुख चरण होंगे-जन मंथन, विमर्श और जन समाधान। जन मंथन चरण में नागरिक सुधार उत्सव की वेबसाइट और विभिन्न जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से अपने सुझाव दे सकेंगे। विमर्श चरण में विभाग इन सुझावों की समीक्षा करेंगे और ऐसे सुझावों का चयन करेंगे, जिनसे व्यवस्था में व्यापक और महत्वपूर्ण सुधार संभव हो। जन समाधान चरण में तेजी से लागू किए जा सकने वाले सुधारों को लागू किया जाएगा, जबकि बड़े और जटिल सुधारों के लिए आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया केवल सुझाव एकत्र करने तक सीमित नहीं रहेगी। सुझावों पर विचार-विमर्श के बाद उन्हें ठोस कार्रवाई में बदलने और उसकी प्रगति को सुधार उत्सव की वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, अभियान की प्रगति की निगरानी और आवश्यक बदलाव सुनिश्चित करेगी। विभिन्न विभागों से तालमेल स्थापित करने और स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर संपर्क बिन्दु भी स्थापित किए जाएंगे। सुझाव प्राप्त करने, चयनित सुझावों की प्रगति की निगरानी करने तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सुधारों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए समर्पित वेबसाइट और डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा।

इस अभियान का प्रमुख चरण 2 अक्टूबर से शुरू होगा। इस दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन मंथन सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में नागरिकों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी, सांसद, विधायक, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी संवाद करेंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों और कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से हैल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे, जहां लोग मौके पर अपने सुझाव दर्ज करा सकेंगे।

सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायतों, स्थानीय सभाओं, स्कूलों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठनों, व्यापारियों, औद्योगिक इकाइयों, सहकारी संस्थाओं और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को शामिल किया जाएगा। ऑनलाइन एवं जनसंचार माध्यमों के साथ सोशल मीडिया, स्थानीय रेडियो, टेलीविजन, व्हाट्सऐप और एसएमएस के माध्यम से भी अभियान का व्यापक प्रचार किया जाएगा।

सुधार उत्सव की एक खास बात यह होगी कि व्यक्तिगत शिकायत और ऐसे सुझावों के बीच अंतर किया जाएगा, जिनसे पूरी व्यवस्था में सुधार संभव हो। किसी सुझाव को सुधार के रूप में स्वीकार करने के लिए यह देखा जाएगा कि उसका लाभ व्यापक स्तर पर हो, उससे समस्या के मूल कारण का समाधान हो, भविष्य में सकारात्मक बदलाव ला सके, उसे अन्य स्थानों पर भी लागू किया जा सके और उससे स्पष्ट रूप से बेहतर व्यवस्था का रास्ता निकलता हो।

10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक विभाग प्राप्त सुझावों की समीक्षा करेंगे और उनका त्वरित तथा मध्यम अवधि में लागू किए जा सकने वाले सुधारों में वर्गीकरण करेंगे। त्वरित सुधारों को तुरंत लागू किया जाएगा, जबकि मध्यम अवधि के सुधारों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ऐसे सुधार, जिनमें एक से अधिक विभागों के सहयोग की आवश्यकता होगी, उन्हें राज्य समन्वय समिति के समक्ष रखा जाएगा।

10 अक्टूबर से 20 दिसंबर तक चलने वाले जन समाधान चरण में मुख्य रूप से सुधारों के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाएगा। त्वरित सुधारों की प्रगति वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट की जाएगी तथा मध्यम अवधि के सुधारों की कार्ययोजना भी सार्वजनिक की जाएगी।

अभियान का समापन 25 से 27 दिसंबर तक संकल्प सिद्धि कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें सफल सुधारों, बेहतर कार्यप्रणालियों और उनके परिणामों को प्रदर्शित किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और जिलों के साथ सक्रिय ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों, नागरिकों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह पहल केवल सुझाव प्राप्त करने का अभियान नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी के माध्यम से वास्तविक और परिणामोन्मुखी प्रशासनिक सुधार लाने का एक व्यापक अभियान है। नागरिकों को व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को सामने रखने के लिए एक स्पष्ट माध्यम उपलब्ध कराते हुए तथा इन सुझावों को विभागीय समीक्षा, निर्धारित समय-सीमा और सार्वजनिक निगरानी से जोड़कर, सरकार ऐसी शासन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसमें नागरिकों की भागीदारी से वास्तविक बदलाव आए और सरकारी सेवाओं में स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे।

बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव  पंकज, निगरानी एवं समन्वय की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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12 अगस्त को इसराना विधानसभा में निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा : कृष्ण लाल पंवार

मडलौडा अनाज मंडी से शुरू होकर भालसी गांव में होगा तिरंगा यात्रा का समापन

चंडीगढ़, 11 अगस्त— हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 12 अगस्त को इसराना विधानसभा क्षेत्र में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। श्री पंवार स्वयं इस यात्रा में शामिल होकर क्षेत्रवासियों के साथ राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति समर्पण का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल हमारे देश की आन-बान-शान का प्रतीक ही नहीं, बल्कि यह प्रत्येक भारतीय को एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ता है।

उन्होंने बताया कि तिरंगा यात्रा मडलौडा अनाज मंडी से शुरू होकर मार्केट के रास्ते मडलौडा बस स्टैंड पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा असंध रोड से होते हुए भालसी गांव पहुंचेगी, जहां इसका भव्य समापन किया जाएगा। यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि हाथों में तिरंगा लेकर शामिल होंगे।

विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से देशभक्ति का वातावरण तैयार हो रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में भी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में इसराना विधानसभा में आयोजित होने वाली तिरंगा यात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।

पंवार ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि 12 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में तिरंगा यात्रा में शामिल होकर राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और गौरव को प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की यात्रा है। तिरंगा हमें एकता, अखंडता, भाईचारे और देश के प्रति कर्तव्य का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व पटल पर निरंतर नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में अपना योगदान दे। तिरंगे की शान और देश का सम्मान हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल हाथों में तिरंगा लेकर चलना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दिल में राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें और देश की एकता, अखंडता तथा गौरव का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।

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परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार बने महेंद्रगढ़ जिले के प्रभारी

25 करोड़ रुपये या अधिक लागत की परियोजनाओं की करेंगे समीक्षा

चंडीगढ़, 11 अगस्त-हरियाणा सरकार ने परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार को उनके वर्तमान कार्यभार के अतिरिक्त महेंद्रगढ़ जिले का प्रभारी नियुक्त किया है।

इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।

संशोधित फीडबैक व्यवस्था के तहत श्री अतुल कुमार हर तिमाही निगरानी एवं समन्वय प्रकोष्ठ को फीडबैक देंगे। वे 25 करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं, जिले में अपराध की स्थिति एवं जघन्य अपराधों, सतर्कता संबंधी मामलों, सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत सेवाएं प्रदान करने की व्यवस्था की प्रभावशीलता तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों के कामकाज की समीक्षा भी करेंगे।

इसके अलावा, वे जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारियों के समक्ष कर, जीएसटी तथा इससे जुड़े अन्य मामलों में आ रही कठिनाइयों की भी समीक्षा करेंगे। वे उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत कर सकेंगे। इसके साथ ही वे स्वास्थ्य या शिक्षा विभाग से संबंधित किसी महत्वपूर्ण स्थल का दौरा भी कर सकते हैं।

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यमुना पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना

सीवेज से लेकर तालाबों तक, प्रदूषण नियंत्रण पर तेजी से होंगे काम

चंडीगढ़, 11 अगस्त-हरियाणा सरकार ने यमुना नदी और उससे जुड़े जल स्रोतों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई यमुना कार्य योजना की समीक्षा बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, औद्योगिक अपशिष्ट जल के लिए साझा उपचार संयंत्र, ठोस कचरा प्रबंधन, यमुना किनारे बसे गांवों में सीवेज प्रबंधन, जल निकायों के पुनरुद्धार और नए बायोगैस संयंत्र स्थापित करने सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। इन योजनाओं में सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और यमुनानगर सहित विभिन्न शहरी क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

मुख्य सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी परियोजनाओं को योजना और निविदा प्रक्रिया से आगे बढ़ाकर निर्धारित समय में पूरा करने और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यमुना और उससे जुड़े जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए सीवेज उपचार, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन और जल स्रोतों के पुनरुद्धार पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष  विनय प्रताप सिंह ने बताया कि गुरुग्राम में चार प्रमुख सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट विभिन्न चरणों में हैं। इनमें धनवापुर में 100 एमएलडी, बहरामपुर में 100 एमएलडी, नौरंगपुर में 40 एमएलडी और सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के संयंत्र शामिल हैं। इन परियोजनाओं की वित्तीय और तकनीकी निविदाएं अगस्त और सितंबर में खोली जानी प्रस्तावित हैं।

फरीदाबाद में 20 एमएलडी क्षमता के मिर्जापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य 30 अगस्त तक शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि 20 एमएलडी क्षमता वाली सूरजकुंड परियोजना की तकनीकी निविदाएं 24 अगस्त तक खोली जानी प्रस्तावित हैं।

सोनीपत में 7.5 एमएलडी क्षमता वाले कुंडली सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू करने का लक्ष्य है। पानीपत के समालखा में प्रस्तावित 4 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की वित्तीय निविदाएं 25 अगस्त तक खोली जानी प्रस्तावित हैं।

सरकार द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट जल के उपचार की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। फरीदाबाद के प्रतापगढ़ में प्रस्तावित 50 एमएलडी क्षमता के साझा औद्योगिक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं। गुरुग्राम के सेक्टर-34 में 20 एमएलडी क्षमता के संयंत्र की तकनीकी निविदाएं 3 अगस्त को खोली गईं। इसके अलावा गुरुग्राम के बादशाहपुर में 15 एमएलडी और सेक्टर-37 में 9 एमएलडी क्षमता वाले साझा उपचार संयंत्र सहित अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

बैठक में यमुना किनारे बसे गांवों के लिए तैयार की गई सीवेज प्रबंधन योजना की भी समीक्षा की गई। इसके तहत सोनीपत, करनाल और पानीपत के गांवों में थ्री-पोंड सिस्टम तथा छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से सीवेज का उपचार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यमुना के पुनरुद्धार के लिए केवल शहरी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि नदी के किनारे बसे गांवों में भी प्रभावी सीवेज प्रबंधन आवश्यक है।

यमुना पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े स्थानीय जल स्रोतों के पुनरुद्धार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फरीदाबाद, करनाल, पानीपत और सोनीपत के 13 जल स्रोतों को पुनरुद्धार के लिए चिन्हित किया गया है। इन जल स्रोतों का कुल क्षेत्रफल 19.12 हेक्टेयर है। इन स्थानों पर प्रदूषण का मुख्य कारण घरेलू सीवेज पाया गया है और पुनरुद्धार कार्य 31 दिसंबर, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

शहरी क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को भी यमुना कार्य योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। वर्तमान योजना में 33 शहरी स्थानीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें से 27 शहरी स्थानीय निकायों में 22 वर्ष की अवधि के लिए ठोस कचरा प्रबंधन के अनुबंध दिए जा चुके हैं, जबकि 6 शहरी स्थानीय निकायों में निविदा प्रक्रिया जारी है।

हरियाणा में कचरे से संसाधन जुटाने की दिशा में नए बायोगैस संयंत्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। प्रस्तावित तीन संयंत्रों की कुल क्षमता 650 टन प्रतिदिन होगी। इनमें सोनीपत के राई-जाखौली में 400 टन प्रतिदिन, फरीदाबाद के मोहना-बल्लभगढ़ में 100 टन प्रतिदिन और यमुनानगर में 150 टन प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र शामिल है। सोनीपत परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, फरीदाबाद परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है, जबकि यमुनानगर परियोजना की निविदा के बाद तकनीकी समीक्षा की जा रही है। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Shiv Charan Rana
Author: Shiv Charan Rana

शिवचरण राणा को पत्रकारिता क्षेत्र में 15 साल से ज्यादा का अनुभव है, राणा ने इसकी तेज चैनल इलैक्ट्रोनिक डीजिटल से शुरूआत की, राणा 👉न्यूज 24, नेशन न्यूज, न्यूज फोर स्टेट, लोकहित एक्सप्रेस, अटलहिंदी, etv, मीडिया वैल बींग मुख्य संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके है, राजनीतिक हलचल, सरकारी ताना बाना इनकी खबर की मुख्य विशेषताएं रही हैं ‌

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