कहा–हत्या, फिरौती और अपराध की घटनाओं से लोगों में भय, ‘साइलेंट फिरौती’ जैसी शिकायतें बेहद गंभीर
युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर देने के बजाय जनविरोधी नीतियां अपना रही सरकार, कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
सिरसा, 29 अगस्त। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। प्रदेश में आए दिन हत्या, लूट, रंगदारी, फिरौती और अन्य आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। अपराधियों के बढ़ते हौसले के कारण आम नागरिक और व्यापारी वर्ग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास पैदा करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा ही नहीं, उत्तर प्रदेश सहित अनेक भाजपा शासित प्रदेशों में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली में सामने आई गंभीर घटनाओं पर भी सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है और इस जिम्मेदारी से किसी भी सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए।
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मौजूदा कानून व्यवस्था खुफिया तंत्र के लिए बड़ी चेतावनी
सांसद ने कहा कि हरियाणा में स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हत्या और फिरौती की घटनाओं के साथ-साथ अब ऐसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं कि कई लोग धमकी, फिरौती और रंगदारी की मांग के बावजूद डर के कारण पुलिस तक नहीं पहुंचते। इस तरह की कथित ‘साइलेंट फिरौती’ की प्रवृत्ति को सरकार और पुलिस प्रशासन को अत्यंत गंभीरता से लेना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति भय के कारण अपनी शिकायत दर्ज कराने से भी हिचक रहा है तो यह कानून व्यवस्था और खुफिया तंत्र के लिए बड़ी चेतावनी है। सरकार को अपनी इंटेलिजेंस व्यवस्था मजबूत कर अपराधियों के नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।
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युवाओ के साथ न्याय नहीं कर रही सरकार की नीतियां
कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का सबसे अधिक नुकसान युवाओं को उठाना पड़ रहा है। सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बावजूद नियमित भर्ती की प्रक्रिया अपेक्षित गति से नहीं चल रही। रोजगार की प्रतीक्षा में युवा वर्षों तक परीक्षाओं और भर्तियों के चक्कर काटते रहते हैं। स्थायी और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय अस्थायी व अनुबंध आधारित व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना युवाओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की नीति स्पष्ट रही है कि युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार के पर्याप्त और समान अवसर मिलने चाहिए। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और भेदभाव रहित होनी चाहिए। किसी भी युवा के साथ क्षेत्र, वर्ग या अन्य किसी आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। युवाओं को जानबूझकर बेरोजगारी की स्थिति में बनाए रखना न केवल उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ाता है बल्कि सामाजिक असंतोष और निराशा को भी जन्म देता है।
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सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि बेरोजगारी और अपराध के बीच संबंध को भी सरकार को गंभीरता से समझना होगा। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक बेरोजगार युवा अपराध की ओर जाता है, बल्कि रोजगार के अवसरों का अभाव, आर्थिक असुरक्षा और लंबे समय तक बनी निराशा सामाजिक परिस्थितियों को प्रतिकूल बना सकती है। इसलिए कानून व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा करना भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सांसद ने सवाल किया कि जब प्रदेश में नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हों, व्यापारी फिरौती और धमकियों से भयभीत हों तथा युवा रोजगार के लिए भटक रहे हों तो सरकार आखिर कर क्या रही है? शासन और प्रशासन की जवाबदेही आखिर कब तय होगी?
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा, संगठित अपराध और फिरौती मांगने वाले गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी तथा शिकायत करने वाले नागरिकों और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा देना होगा। इसके साथ ही सरकारी विभागों के रिक्त पदों पर पारदर्शी और समयबद्ध नियमित भर्ती कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस नीति बनानी होगी।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस जनता की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। सरकार जनविरोधी नीतियों को छोड़कर जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे। हरियाणा को सुरक्षित बनाने और बेरोजगारी दूर करने के लिए अब घोषणाओं की नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाले ठोस और प्रभावी कदमों की आवश्यकता है।













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