पीओ सेल से क्राइम ब्रांच में तबादला होने के बाद ज्वाइन नहीं करना चाहता था हेड कांस्टेबल शरणजीत, अधिकारियों के निर्देश के बावजूद सिफारिश करना पड़ा महंगा
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 28 अगस्त। पुलिस विभाग में एक हेड कांस्टेबल का तबादला रुकवाने के लिए सिफारिश करना एक इंस्पेक्टर को महंगा पड़ गया। पीओ एवं समन सेल में तैनात हेड कांस्टेबल शरणजीत का तबादला क्राइम ब्रांच में किए जाने के बाद उसे वहां ज्वाइन करवाने के बजाय उसके पक्ष में सिफारिश करने के मामले में इंस्पेक्टर हरभजन सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। वहीं, हेड कांस्टेबल शरणजीत को क्राइम ब्रांच में ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीओ एवं समन सेल में तैनात हेड कांस्टेबल शरणजीत का स्टेटिंग प्रक्रिया के तहत पीओ सेल से क्राइम ब्रांच में तबादला किया गया था। तबादले के बाद शरणजीत क्राइम ब्रांच में ज्वाइन नहीं करना चाहता था। बताया जा रहा है कि तबादला रुकवाने के लिए उसने अपने स्तर पर प्रयास किए। इसी दौरान मामले में इंस्पेक्टर हरभजन सिंह की भूमिका भी सामने आई।
मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद इंस्पेक्टर हरभजन सिंह को अधिकारियों के सामने पेश किया गया। उनसे तबादले से संबंधित स्थिति के बारे में पूछा गया। अधिकारियों की ओर से उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पहले हेड कांस्टेबल शरणजीत को क्राइम ब्रांच में ज्वाइन करवाया जाए और इसके बाद ही उसकी ओर से कोई बात या सिफारिश रखी जाए।
इसके बावजूद तबादला रुकवाने की कोशिश किए जाने को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। इसके बाद इंस्पेक्टर हरभजन सिंह को पुलिस लाइन भेजने के आदेश जारी कर दिए गए। वहीं हेड कांस्टेबल शरणजीत को क्राइम ब्रांच भेज दिया गया।
पहले भी पहुंची थी गुमनाम शिकायत
मामले में यह बात भी सामने आई है कि इंस्पेक्टर हरभजन सिंह के खिलाफ तबादला रुकवाने की सिफारिश से पहले ही एक गुमनाम शिकायत अधिकारियों के पास पहुंची थी। शिकायत में भ्रष्टाचार से संबंधित आरोप लगाए गए थे। अधिकारियों की ओर से इन आरोपों की जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले ज्वाइन, फिर बताएं कारण
मामले में अधिकारियों ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि तबादले के आदेश का पालन पहले किया जाए और संबंधित कर्मचारी को नई जगह ज्वाइन करवाया जाए। इसके बाद यदि कोई समस्या या आपत्ति है तो उसे अधिकारियों के सामने रखा जा सकता है। लेकिन तबादला आदेश के अनुपालन से पहले ही उसे रुकवाने के प्रयास को विभाग ने गंभीरता से लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंस्पेक्टर हरभजन सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया गया है, जबकि हेड कांस्टेबल शरणजीत को क्राइम ब्रांच में ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं। अब गुमनाम शिकायत में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।














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