प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन संघर्ष और राष्ट्र सेवा की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
‘शून्य से शिखर तक’ नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन के संघर्ष, सेवा और संकल्प को किया गया जीवंत
सुपवा के विद्यार्थियों ने रंगमंच के माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन संघर्ष और राष्ट्र सेवा की यात्रा को किया साकार
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 30 अक्तूबर। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, सेवा और संकल्प की ऐसी प्रेरणादायक यात्रा है, जिससे हर व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को हासिल करने की प्रेरणा मिलती है। व्यक्ति यदि दृढ़ संकल्प और पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़े तो वह शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ‘शून्य से शिखर तक’ ने उनके इसी संघर्ष और राष्ट्र सेवा के भाव को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय, रोहतक तथा सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हरियाणा द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन की यात्रा व राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को ‘शून्य से शिखर तक’ के विषय पर आयोजित नाट्य प्रस्तुति देखने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर सुपवा के कुलगुरू डॉ अमित आर्य, राज्य सभा सांसद रेखा शर्मा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग, निदेशक डॉ आदित्य दहिया, चेयरमैन मोहन लाल बड़ौली, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, सुपवा की रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा सहित काफी संख्या में स्कूली छात्र एवं गणमान्य मौजूद थे।
नाटक की प्रस्तुति के बाद मुख्यमंत्री ने दर्शक दीर्घा में उपस्थित स्कूली बच्चों से दुलार भी किया, साथ ही उन्होंने मंचन में शामिल सुपवा के थियेटर आर्टिस्ट से भी मुलाकात कर उनका हौंसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को जिस उत्साह और जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया गया, वह सराहनीय है। विशेष रूप से बच्चों को पूरे उत्साह के साथ इस प्रस्तुति को देखते हुए देखकर अच्छा लगा। उन्होंने नाटक में अलग-अलग किरदार निभाने वाले सभी कलाकारों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, फैकल्टी, प्रबंधन और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को यह नाटक देखना चाहिए, क्योंकि इसके माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन से संघर्ष, मेहनत, सेवा और समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा में गुजरात से लेकर देश तक अनेक चुनौतियों का सामना करने और उनका समाधान करने का संकल्प दिखाई देता है। उन्होंने गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वहां की चुनौतियों का समाधान किया और इसके बाद देश की बागडोर संभालते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अनेक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया। आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक, प्रधानमंत्री ने देश को एकजुट करने और भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश और प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है। हरियाणा इसका उदाहरण है। पहले प्रदेश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचने में घंटों तक का समय लग जाता था, लेकिन आज बेहतर सड़कों और कनेक्टिविटी के कारण यही सफर लगभग साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा हो रहा है। इससे आमजन का जीवन सरल हुआ है और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिली हैं।
उन्होंने कहा कि नाटक में प्रधानमंत्री के सेवा और समर्पण के भाव को भी खूबसूरती से दिखाया गया है। अपने दायित्वों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ऐसी रही कि वे सेवा कार्यों के प्रति समर्पित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश जिन समस्याओं और चुनौतियों का सामना कर रहा था, उनका समाधान आज हो गया है। कई बार नई पीढ़ी को यह अंदाजा भी नहीं होता कि पहले देश किन परिस्थितियों से गुजर रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से परिस्थितियों में आए बदलाव आज स्पष्ट नजर आते हैं। ‘शून्य से शिखर तक’ नाट्य प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री की इसी प्रेरणादायक जीवन यात्रा को प्रभावी ढंग से दर्शाया है।
प्रधानमंत्री का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक: के.एम. पांडुरंग
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, अटूट संकल्प, कठिन परिश्रम और राष्ट्र सेवा की भावना हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनका जीवन बच्चों से लेकर बड़ों तक हर आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रेरणा देता है। ‘शून्य से शिखर तक’ नाटिका के माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन संघर्ष और उनके सेवा-संकल्प को जिस सुंदरता से प्रस्तुत किया गया है, वह सराहनीय है। उन्होंने सुपवा के कुलपति, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस नाटिका का अन्य स्थानों पर भी मंचन किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रधानमंत्री के जीवन से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने नाटिका में विभिन्न किरदार निभाने वाले सभी विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद किया।
मंचन ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया : कुलगुरू डॉ अमित आर्य
सुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और शानदार अभिनय से ‘शून्य से शिखर तक’ नाट्य प्रस्तुति को यादगार बना दिया। मंच पर कलाकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के संघर्षपूर्ण सफर, उनके अटूट संकल्प और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को जिस जीवंतता से उतारा, उसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने रंगमंच को माध्यम बनाकर प्रधानमंत्री की प्रेरणादायक जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से लोगों के सामने रखा है। यह प्रस्तुति विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मेहनत और कला के प्रति समर्पण का बेहतरीन उदाहरण है। मंच पर कलाकारों का अभिनय केवल एक कहानी का प्रस्तुतिकरण नहीं, बल्कि संकल्प, संघर्ष और देश के प्रति समर्पण के भावों को दर्शाने का प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रस्तुति अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगी और युवा पीढ़ी को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में हरियाणा पर्यटन विभाग की स्टॉल का किया अवलोकन
हरियाणा के स्थानीय उत्पादों, स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के कार्यों की ली जानकारी
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस एवं भारत पर्व कार्यक्रम के दौरान हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा लगाई गई स्टॉल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के स्थानीय उत्पादों, नए स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में रुचि दिखाई और इनके बारे में जानकारी ली।
स्टॉल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ पहल के तहत प्रदर्शित उत्पादों के साथ-साथ एक स्टार्टअप के कार्यों से भी अवगत कराया गया। उन्हें सोनीपत के शहद, हिसार के पर्सनल एयर प्यूरीफायर और फरीदाबाद की गजक के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की जाने वाली मनकों की माला तथा पीतल के बर्तनों से जुड़े स्टार्टअप के बारे में भी बताया गया।
प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन उत्पादों के माध्यम से कितनी मासिक आय अर्जित कर रही हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा की पारंपरिक बीन और नगाड़ा पार्टी का भी अवलोकन किया।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को सीएम विंडो की लंबित शिकायतों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए
-15.60 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर – हरियाणा की वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को सभी उपायुक्तों को सीएम विंडो पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर तुरंत किया जाए। उन्होंने समय पर कार्रवाई न होने वाली ओवरड्यू शिकायतों की निगरानी करने और विस्तृत एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जोर दिया ताकि शिकायत निवारण में अनावश्यक देरी न हो।
डॉ. मिश्रा चंडीगढ़ स्थित वित्तीय आयुक्त राजस्व कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। इसका उद्देश्य जिला-वार प्रदर्शन का आकलन करना और सीएम विंडो शिकायत निवारण प्रणाली के तहत लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि पोर्टल पर कुल 16,17,688 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 27 अक्टूबर तक 15,60,782 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। हल की गई शिकायतों में से 4,55,846 शिकायतें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाई गई दर्ज की गईं।
डॉ. मिश्रा ने उपायुक्तों को ओवरड्यू मामलों को प्राथमिकता देने, बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू करने और जिला स्तर पर लंबित शिकायतों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों पर अनदेखी न हो और समयबद्ध कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की जाए।
जिला-वार समग्र प्रदर्शन मूल्यांकन में, यमुनानगर ने 100 में से 94 का उच्चतम स्कोर हासिल किया, इसके बाद पलवल 85, हांसी 81 और गुरुग्राम 80 अंक पर रहे। फरीदाबाद ने 78, नूंह ने 77 और नारनौल ने 75 अंक प्राप्त किए। झज्जर, पानीपत और भिवानी प्रत्येक ने 74 अंक दर्ज किए, जबकि रेवाड़ी ने 73 अंक प्राप्त किए। पंचकुला, हिसार और करनाल प्रत्येक ने 72 अंक दर्ज किए, इसके बाद कुरुक्षेत्र 71 अंक पर रहा। उन्होंने बताया कि उक्त समग्र मूल्यांकन चार मापदंडों का आंकलन करता है , इनमें शिकायतों को दर्ज करना, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करना, ओवरड्यू मामले और निपटान प्रदर्शन, जिनके लिए क्रमशः अधिकतम 20, 25, 25 और 30 अंक निर्धारित हैं।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि शामिल किए गए सभी 23 उपायुक्त कार्यालयों में से किसी में भी शुरुआती स्तर पर 30 दिनों से अधिक समय से कोई शिकायत लंबित नहीं पाई गई। हालांकि, जिन मामलों में एक्शन-टेकन रिपोर्ट का इंतजार था, उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया।
सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए बैठक में नोट किया गया कि 1,05,696 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 21 अक्टूबर तक 85,883 का निपटारा किया गया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि समग्र समाधान प्रदर्शन अच्छा था लेकिन अधिक त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने और 95 प्रतिशत समाधान दर हासिल करने के निर्देश दिए, साथ ही पिछले महीने के दौरान पलवल उपायुक्त के प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शिकायतों का समाधान ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी पुराना मामला लंबित न रहे। जिन मामलों में शिकायतों को ठीक से संभाला नहीं गया था, उनकी समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को एक दिन के भीतर उनकी जांच कर उनका समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आगे निर्देश दिया कि पदों की रिक्तियों और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करने वाले इसी तरह के मुद्दों से संबंधित स्थायी शिकायतों को सोशल मीडिया के माध्यम से चिन्हित किया जाए और मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाए। निर्देशों के अनुसार, उपायुक्तों से अपने स्वयं के सोशल मीडिया हैंडल बनाए रखने और शिकायत निवारण से संबंधित अपडेट सीधे शिकायतकर्ताओं को देने को कहा गया।
बैठक में किसान आईडी निर्माण और पीएम-किसान किस्तों पर इसके प्रभाव, भूमि रिकॉर्ड तक पहुंच, आवंटित आवासीय भूखंडों के सीमांकन और कब्जे, विवाह सहायता, संपत्ति रिकॉर्ड और लंबित कृषि भुगतानों से संबंधित व्यक्तिगत शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
समीक्षा में शिकायत पंजीकरण की गुणवत्ता में सुधार पर भी बल दिया गया। उपायुक्त और उप-मंडल मजिस्ट्रेट कार्यालयों में सीएम विंडो काउंटरों पर तैनात डेटा एंट्री ऑपरेटरों को संक्षिप्त, अप्रासंगिक या अधूरी जानकारी लिखने के बजाय आवेदक द्वारा बताए अनुसार शिकायत का पूरा विषय दर्ज करने की सलाह दी गई। यह देखा गया कि स्पष्ट और व्यापक विषय प्रविष्टियाँ अधिकारियों को शिकायतों की प्रकृति को समझने में मदद करती हैं और शुरुआती स्तर पर उनके परीक्षण को आसान बनाती हैं।
डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को अगले 48 घंटों में लंबित मामलों को हल करने और अद्यतन एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल उपयोगकर्ताओं को जानकारी का सटीक रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए लॉगिन करने के बाद अपने प्रोफ़ाइल विवरण को अपडेट करने की भी सलाह दी।
डॉ. मिश्रा ने लंबित शिकायतों पर कार्रवाई में तेजी लाने, अनुवर्ती कार्रवाई को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें या अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
भिवानी को मिली 142 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने जताया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार
84.33 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शोधित अपशिष्ट जल सिंचाई परियोजना से 5,300 एकड़ कृषि भूमि को मिलेगा लाभ
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर-हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने भिवानी भिवानी जिले को 142 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के चालू होने से जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री ने 8 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया है। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से पूरी हुई 6 परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की लागत से होने वाले 2 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भिवानी-चरखी दादरी रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित अपशिष्ट जल का सिंचाई के लिए पुनः उपयोग करने की 84 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की परियोजना का लोकार्पण किया है। इस परियोजना के माध्यम से 30 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी से शोधित पानी का उपयोग कृषि भूमि की सिंचाई के लिए किया जाएगा। इससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ किसानों को सिंचाई के लिए पानी का वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध होगा।
इस परियोजना से लगभग 5,300 एकड़ कृषि भूमि को लाभ मिलेगा। इसके तहत हालुवास, प्रहलादगढ़, निमड़ीवाली, धाना नरसान, रूपगढ़ और धिराणा कलां सहित आसपास के गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए शोधित पानी उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। इससे भूजल पर निर्भरता कम करने, बहुमूल्य जल संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और किसान कल्याण को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने, सिंचाई के दौरान पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा जल संरक्षण की पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
जनसंवाद एवं सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से करें निपटारा : भोपाल सिंह खदरी
मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं शिकायतों की मॉनिटरिंग, अधिकारी लापरवाही न बरतें : विशेष अधिकारी
सभी संबंधित विभाग शिकायतों के निपटारे की एटीआर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी भोपाल सिंह खदरी ने शुक्रवार को उद्योग, एचएसआईआईडीसी, सहकारिता, हैफेड, हरको बैंक तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग सहित विभिन्न विभागों की सीएम विंडो एवं जनसंवाद पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें।
खदरी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सीएम विंडो एवं जनसंवाद पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समाधान कर उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाना है। इसी उद्देश्य से सीएम विंडो और जनसंवाद जैसे प्रभावी माध्यम स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले चरण की बैठकों में विभिन्न विभागों की लंबे समय से लंबित शिकायतों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया गया था, जबकि दूसरे चरण की बैठकों में नई प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी सीएम विंडो एवं जनसंवाद से संबंधित मामलों की समीक्षा की जाएगी।
उद्योग विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए खदरी ने ऋण एवं सब्सिडी से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे के बाद उनकी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, ताकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज हो सके।
सहकारिता विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) में मुख्यालय की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं, गबन के एक मामले में संबंधित मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है तथा गबन की राशि की वसूली के आदेश भी जारी किए गए हैं।
वीटा बूथ आवंटन से संबंधित मामलों में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में 2,000 वीटा बूथ खोले जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर के अस्पतालों में अमृत फार्मेसी के साथ वीटा बूथ भी स्थापित किए गए हैं। ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों से जुड़े मामलों में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। खदरी ने एमएसएमई से संबंधित आवेदनों का भी शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उद्योग विभाग की सीएम विंडो से संबंधित 49 तथा जनसंवाद पोर्टल से संबंधित 53 शिकायतों की सुनवाई की गई। इसी प्रकार, सहकारिता विभाग की सीएम विंडो की 51 तथा जनसंवाद की 41 शिकायतों की समीक्षा की गई, जिनमें से 27 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों की एटीआर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग से संबंधित कुल 14 शिकायतों में से 7 का निपटारा किया जा चुका है।
पदक कुछ क्षणों में गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
एशियाई खेलों में लोहा मनवाने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों का भिवानी में हुआ राज्यस्तरीय सम्मान
प्रदेश के 132 खिलाड़ियों को 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से किया सम्मानित
50 करोड़ रुपये की लागत से भिवानी का भीम स्टेडियम होगा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित: मुख्यमंत्री
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पदक कुछ क्षणों में खिलाड़ी के गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है। इन पदकों के पीछे वर्षों का अभ्यास, अनगिनत त्याग और हार के बाद फिर उठ खड़े होने का हौसला है। भिवानी की धरती पर आज गूंज रही तालियां सिर्फ पदकों के लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत वर्षों की तपस्या, त्याग और उस अटूट संकल्प के लिए भी हैं, जिसने भारत का तिरंगा एशिया के खेल मैदानों में ऊंचा किया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेलों एवं पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों के संयुक्त सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने भिवानी के विकास को गति देने के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 6 उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज इन सितारों के बीच आकर उनका मन गर्व से भर गया है। उन्होंने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के त्याग एवं समर्पण का भी सम्मान है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया। इसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 32 पदकों का योगदान दिया, जिनमें 14 स्वर्ण पदक शामिल हैं। यानी भारत के हर तीन स्वर्ण पदकों में से दो हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। इसी प्रकार, पैरा एशियाई खेलों में भारत ने 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों ने 9 स्वर्ण सहित 31 पदक जीते, यानी देश के लगभग 30 प्रतिशत स्वर्ण पदक हमारे पैरा खिलाड़ियों के नाम रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों में हरियाणा के अनेक सितारे चमके। मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते। हमारी पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का किया और इन टीमों की ताकत में हरियाणा के खिलाड़ियों का बड़ा योगदान है। कुश्ती में भारत का यह प्रदर्शन वर्ष 1962 के बाद एशियाई खेलों में सबसे बेहतरीन रहा। पैरा खेलों में सुमित अंतिल और प्रणव सूरमा की सुनहरी जीत ने पूरे देश को रोमांचित कर दिया।
भिवानी की धरती ने भारतीय मुक्केबाजी को दी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिवानी की धरती पर इस समारोह का विशेष महत्व है। ‘मिनी क्यूबा’ कहलाने वाले भिवानी ने भारतीय मुक्केबाजी को उसकी पहचान दी है। विजेंद्र सिंह, अखिल कुमार, जितेंद्र कुमार, नीतू घणघस, जैस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस जैसे मुक्केबाजों ने दुनिया के मंच पर भिवानी का नाम रोशन किया है। इन सफलताओं के पीछे यहां के प्रशिक्षकों और उन परिवारों की साधना है, जिन्होंने खेतों में पसीना बहाते हुए भी बच्चों के सपनों को पंख दिए। परिस्थितियां आपकी शुरुआत तय कर सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत और संकल्प ही आपकी मंजिल तय करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल शक्ति किसी एक जिले या खेल तक सीमित नहीं है। कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स, शूटिंग और तीरंदाजी से लेकर पैरा खेलों तक हमारे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। हमारी बेटियां भी हर मैदान में आगे बढ़ रही हैं, पदक जीत रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
132 खिलाड़ियों को 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 132 खिलाड़ियों को कुल 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही, पात्र खिलाड़ियों को हरियाणा की खेल नीति के अनुसार सरकारी नौकरियों के ऑफर लेटर भी दिए जा रहे हैं। खिलाड़ी जब देश का मान बढ़ाता है, तो देश और प्रदेश का भी दायित्व है कि उसके सम्मान, सुरक्षित भविष्य और सपनों की चिंता करें। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि ऐसे हर खिलाड़ी को सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं। हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है, जिसके तहत हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें सरकारी नौकरियों सहित अन्य अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को अग्रिम राशि देने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि पैसे की कमी किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग में बाधा न बने।
17 हजार 676 खिलाड़ियों को अब तक 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के योगदान का सम्मान केवल पदक जीतने पर पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है। अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। अब खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद तथा तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये और भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। आज के पुरस्कारों को मिलाकर अब तक प्रदेश के 17 हजार 676 खिलाड़ियों को कुल 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी सीधे पोडियम तक नहीं पहुंचता। उसकी यात्रा गांव की मिट्टी, स्कूल के मैदान और शुरुआती अभ्यास से शुरू होती है। इसी प्रतिभा को समय रहते पहचानने और तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इनमें 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1 हजार 500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। इसके अलावा, 25 आवासीय खेल अकादमियां खोली गई हैं, जहां खिलाड़ियों को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से डाइट मनी दी जा रही है।
खेलों के बुनियादी ढांचे पर खर्च किए 1 हजार 100 करोड़ रुपये
नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रदर्शन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं भी चाहिए। पिछले 12 वर्षों में खेलों के बुनियादी ढांचे पर लगभग 1 हजार 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट वर्ष 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है। खिलाड़ियों को चोट से उबरने और बेहतर प्रदर्शन के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं देने हेतु पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से ‘ए-स्टार’ उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और रिकवरी को नई मजबूती प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि तकनीक, विज्ञान और रणनीति का भी मुकाबला है। वीडियो विश्लेषण, आधुनिक सेंसर, खेल-विज्ञान, सही पोषण और वैज्ञानिक रिकवरी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। पैरा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक कृत्रिम अंग, अनुकूलित उपकरण और सुलभ प्रशिक्षण सुविधाएं नई संभावनाएं खोलती हैं। सरकार का प्रयास है कि ये सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर मेहनती खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलों को जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बनाने पर जोर दिया है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों ने देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को आगे आने के अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार खेल नर्सरियों, प्रशिक्षण सुविधाओं, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को मजबूत कर रही है।
हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़े, नशे से नहीं
मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि आज उनकी उपलब्धियां एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आई हैं। वे केवल पदक विजेता नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों के आदर्श हैं, जो उन्हें देखकर खेलों में अपना भविष्य तलाशते हैं। उनकी सफलता बच्चों को विश्वास दिलाती है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खेल का मैदान अनुशासन सिखाता है और नशे से दूर रखता है। आइए, संकल्प लें कि हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़ेगा, नशे से नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद हरियाणा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करेगा और खिलाड़ियों से बड़ा उपहार प्रदेश को कोई नहीं दे सकता। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी हरियाणा के खिलाड़ियों का लोहा मानते हैं। जुलाई में जींद की धरती से उन्होंने विश्वास जताया था कि हरियाणा के बेटे-बेटियां हमेशा की तरह हर मंच पर परचम लहराएंगे। वर्ष 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा और 2036 के ओलंपिक की तैयारी में जुटा है। प्रधानमंत्री जी की इस उम्मीद को पूरा करने की जिम्मेदारी खिलाड़ियों के कंधों पर है और उन्हें हर सुविधा देने की जिम्मेदारी सरकार की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक में भी हरियाणा के खिलाड़ी भारत का तिरंगा ऊंचा करेंगे और प्रदेश का मान बढ़ाएंगे।
खिलाड़ी प्रदेश का गौरव और सरताज, उनकी उपलब्धियां दूसरे युवाओं के लिए बनेंगी प्रेरणा: श्रुति चौधरी
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि भिवानी का भीम स्टेडियम केवल खेलों का मैदान नहीं, बल्कि उनके परिवार की यादों और क्षेत्र की खेल परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। उनके पिता चौधरी श्री सुरेंद्र सिंह ने इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी और वे यहां सुबह अभ्यास के लिए आया करते थे। आज इस स्टेडियम को खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और उपलब्धियों से नई पहचान दी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भिवानी की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि यहां के खिलाड़ियों ने अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर ग्रामीण स्तर से उठकर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है।
श्रुति चौधरी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भीम स्टेडियम का और विस्तार किया जाए तथा यहां खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ी पहले ही अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं और अब वे दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब, हरियाणा के खिलाड़ियों ने बदली पुरानी कहावत : गौरव गौतम
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पुरानी कहावत को बदलकर रख दिया है। पहले कहा जाता था कि पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब, लेकिन आज हरियाणा के खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब। प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का तिरंगा लहरा रहे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा के खेल इतिहास में पहली बार एक ही दिन में खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को ए, बी और सी ग्रेड की सरकारी नौकरियां देने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के बीच कोई भेदभाव नहीं करती, बल्कि सभी को समान सम्मान और प्रोत्साहन दे रही है।
गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिशन ओलंपिक 2036 के तहत हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए 36 पदक जीतने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा ऐसा पहला राज्य है, जिसने इस लक्ष्य को लेकर विशेष योजना शुरू की है। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता, 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, बेहतर कोचिंग और डाइट मनी जैसी सुविधाएं दे रही है। साथ ही खिलाड़ियों को पांच करोड़ रुपये तक के सब्सिडी वाले ऋण देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल नर्सरियों के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ रही है, वहीं केंद्र सरकार की टॉप्स योजना और खेलो इंडिया जैसी पहल भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर दे रही हैं। खेल राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से भिवानी के भीम स्टेडियम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भिवानी की धरती ने नीतू, साक्षी, अखिल और विजेंद्र जैसे खिलाड़ी देश को दिए हैं, जिन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, सांसद धर्मवीर सिंह, भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक उमेद सिंह पातूवास, पूर्व मंत्री जेपी दलाल, खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, निदेशक पार्थ गुप्ता सहित गणमान्य मौजूद थे।
पीएम किसान सम्मान निधि ने किसान व सरकार के बीच रिश्ते को दी नई परिभाषा- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
पीएम किसान सम्मान निधि विश्व की सबसे बड़ी डी.बी.टी. योजनाओं में से एक
देश व प्रदेश के किसानों को 24वीं किस्त की जारी
बाबूगिरी न्यूज़
चण्डीगढ 30 अक्तूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी योजना की शुरुआत की, जिसने देश के किसान और सरकार के बीच के रिश्ते को नई परिभाषा दी। वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना थी जिससे पहले दिन ही देशव्यापी स्तर पर पहली बार किसान के खाते में सीधे सम्मान राशि पहुँचने की व्यवस्था शुरू हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी से प्रदेश के किसानों को 24वीं किस्त जारी करने पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, सांसद धर्मबीर सिंह, भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बुवानीखेड़ा के विधायक कपूर वाल्मिकी, बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास, महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 86 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे और सीमांत हैं। छोटे किसानों को बुवाई के समय बीज, खाद और जुताई के लिए धन की आवश्यकता होती थी। मजबूरी में उन्हें ऊँचे ब्याज पर साहूकार से कर्ज लेना पड़ता था, और फसल आने से पहले ही उसकी अधिकांश कमाई का बड़ा हिस्सा कर्ज की भेंट चढ़ जाता था।
प्रधानमंत्री जी ने किसानों की उस पीड़ा को समझा और संकल्प लिया कि खेती के जरूरी खर्च के लिए किसान को किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। इसकी शुरुआत छोटे और सीमांत किसानों से हुई, और कुछ ही महीनों में यह योजना देश के सभी भूमिधारक किसान परिवारों तक पहुँच गई। प्रधानमंत्री की सोच थी कि किसान समृद्ध एवं मजबूत बने और उसकी आय बढे। किसान सम्मान निधि ने किसान को मजबूत करने का कार्य किया है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यह विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) योजनाओं में से एक है। छोटी-छोटी किस्तों से बनी यह धारा आज 4 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सागर बन चुकी है। जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया की रफ्तार रोक दी थी, तब भी इस योजना से 1 लाख 71 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों तक पहुँची और इस राशि ने गाँव की अर्थव्यवस्था का पहिया थमने नहीं दिया।
प्रधानमंत्री ने गुजरात के बनासकांठा से 24वीं किस्त की जारी, 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसान लाभान्वित
योजना की हर चौथी महिला लाभार्थी किसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस योजना की लगभग हर चौथी लाभार्थी महिला किसान है, जिनके हाथों में 1 लाख 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुँची है। यह सब बिना किसी बिचौलिये, बिना कमीशन, बिना सिफारिश के हुआ है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने गुजरात के बनासकांठा से 24वीं किस्त जारी की हैं।
एक बटन दबते ही देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 18 हजार 680 करोड़ रुपये से अधिक राशि पहुँची हैं, और इसके साथ ही योजना की कुल राशि 4 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के पार हो गई है।
केन्द्र सरकार ने 2030-31 तक इस योजना के लिए 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये की दी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के 16 लाख 23 हजार किसान परिवार भी इस योजना के भागीदार हैं, जिनके खातों में 324 करोड़ 75 लाख रुपये पहुँचें हैं। इनमें भिवानी के 1 लाख 21 हजार किसान परिवारों को 24 करोड़ 20 लाख रुपये मिला हैं। 24 किस्तों में अब तक हरियाणा के किसानों तक 8 हजार 206 करोड़ 36 लाख रुपये पहुँच चुके हैं और यह भरोसा आने वाले वर्षों के लिए भी पक्का किया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2030-31 तक इस योजना के लिए 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह किसान को दी गई मोदी जी की गारंटी है।
उन्होंने कहा कि भिवानी छोटी काशी और मिनी क्यूबा के नाम से देशभर में प्रसिद्ध मुक्केबाजों की धरती है, और हरियाणा केसरी पंडित नेकीराम शर्मा तथा विकास पुरुष चौधरी बंसीलाल जैसे महापुरुषों की धरती है। यहाँ के किसान ने कम पानी और रेतीली मिट्टी में भी पसीना बहाकर खेतों को हरा-भरा रखा है, और यहाँ के युवाओं ने सरहद पर देश की रक्षा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान को सहायता राशि के साथ-साथ उत्तम खाद बीज, पानी, बिजली, बीमा, उचित दाम, अच्छा बाजार और नई तकनीक मिले, इसी सोच के साथ डबल इंजन सरकार बीज से बाजार तक हर कदम पर किसान के साथ खड़ी है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसमें किसानों की सभी 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। पिछले 13 सीजन में 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 90 हजार करोड़ रुपये पहुँचाए गए हैं।
नकली बीज और कीटनाशक बेचने वालों के विरुद्ध बनाया सख्त कानून
उन्होंने कहा कि सब्जी और फल उगाने वाला किसान भी पीछे न रहें, इसलिए भावांतर भरपाई योजना में 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य तय किए गए, जिससे 49 हजार किसानों को 282 करोड़ रुपये की राशि मिली है। पिछले 12 वर्षों में फसल बीमा और फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16 हजार 160 करोड़ रुपये दिए गए है। किसान की मेहनत के साथ कोई धोखा न कर सके, इसके लिए नकली बीज और कीटनाशक बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कानून बनाया गया है। फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी प्रधानमंत्री की योजनाएँ आज किसान का सुरक्षा कवच बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों के लिए भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। गन्ने का भाव 415 रुपये से बढ़ाकर इस पेराई सत्र में 430 रुपये और अगले सत्र में 450 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इससे अगले सत्र में गन्ना किसान की आय प्रति एकड़ लगभग 10 हजार से 11 हजार 300 रुपये तक बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को बनाया जन-आंदोलन
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज धरती को माँ मानकर उसकी सेहत का ध्यान रखते थे। प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के माध्यम से उसी परंपरा को जन-आंदोलन बनाया है, और हरियाणा के किसान इसमें आगे बढ़कर भागीदारी कर रहे हैं। आज लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें से 23 हजार 930 किसान 44 हजार एकड़ भूमि पर इसे अपना चुके हैं। कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल के प्रशिक्षण केंद्रों से 12 हजार से अधिक किसान यह विधा सीख चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भिवानी के किसानों ने पानी का मोल भली भांति पहचाना है। इसीलिए पी.एम. कुसुम योजना के तहत 75 प्रतिशत अनुदान पर 1 लाख 95 हजार 653 सोलर पंप लगाए गए हैं और खेतों को सूरज की ऊर्जा से सींच रहे हैं। स्वच्छ हवा के लिए किसानों ने पराली प्रबंधन में भी आगे बढ़कर सहयोग किया है। किसानों को 1 लाख 11 हजार के उपकरण और 6 हजार 794 कस्टम हायरिंग सेंटर पर 1 हजार 17 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है, और 10 लाख किसानों को 909 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है।
सरकार ने इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन पार्टनरशिप मॉडल किया विकसित
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती तभी लाभकारी होगी, जब किसान को उत्पादन के साथ बाजार का भरोसा भी मिलेगा। इसीलिए सरकार ने इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन पार्टनरशिप मॉडल विकसित किया है, जिसमें बीज से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक पूरी मूल्य-श्रृंखला तैयार की जा रही है। हरियाणा का किसान केवल उत्पादक न रहे, बल्कि अपनी उपज का ब्रांड भी बने। इसी सपने को साकार करने पर बल दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य का किसान ज्ञान, विज्ञान और तकनीक से लैस होगा। आज ड्रोन से खाद और दवा का छिड़काव किया जा रहा है, मोबाइल पर मौसम और मंडी के भाव मिल रहे हैं। आने वाले समय में ए.आई. से फसल की बीमारी, मिट्टी की जरूरत और सिंचाई के सही समय की जानकारी सीधे किसान तक पहुँचेगी। ए.आई. केवल उद्योगों और शहरों के लिए नहीं, बल्कि इसका सबसे बड़ा लाभ खेत और किसान को मिलेगा।












Total Users : 442196
Total views : 702175